बोधना शिवनंदन को सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर के तौर पर मान्यता मिली।

ब्रिटिश-भारतीय शतरंज प्रतिभा बोधना शिवानंदन, जो लंदन की 11 वर्षीय छात्रा हैं, को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM) खिताब हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी के रूप में मान्यता दी गई है।

  • उपलब्धि: वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM) खिताब हासिल करने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी।
  • आयोजन: उज़्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 46वां शतरंज ओलंपियाड।
  • आयु: 11 वर्ष।
  • गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स: यह बोधना का तीसरा विश्व रिकॉर्ड है।
  • पिछले रिकॉर्ड: सबसे कम उम्र की शतरंज वुमन इंटरनेशनल मास्टर (WIM) और शतरंज टूर्नामेंट में किसी ग्रैंडमास्टर को हराने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी।
  • शतरंज का सफर: उन्होंने 5 वर्ष और 8 महीने की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया। उन्हें शतरंज के घोड़े (Knight) के मोहरे के प्रति आकर्षण से प्रेरणा मिली।
  • शुरुआती सफलता: उन्होंने छह वर्ष की उम्र तक प्रतियोगिताएं जीतना शुरू कर दिया था।
  • बोधना की प्रतिक्रिया: उन्होंने इस मान्यता को अपने लिए एक बड़ा सम्मान बताया और इसे लगातार बेहतर करने की प्रेरणा कहा।
  • गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स: इसके प्रधान संपादक क्रेग ग्लेंडाय ने उनकी यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बचपन की जिज्ञासा और जुनून से असाधारण उपलब्धियां हासिल करने का प्रेरणादायक उदाहरण है।
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