कैबिनेट ने रेलवे और बिहार NH-22 के लिए ₹13,000 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी।

19 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे और सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए ₹13,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी।

  • रेलवे परियोजनाएँ: ₹9,450 करोड़ की लागत वाली चार मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मंजूरी दी गई।
  • रेलवे विस्तार: इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की वृद्धि होगी और 8 जिलों को लाभ मिलेगा।
  • लाभार्थी: लगभग 6,448 गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 60 लाख है।
  • माल ढुलाई क्षमता: इन परियोजनाओं से प्रतिवर्ष अतिरिक्त 7.6 करोड़ टन माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है।
  • प्रमुख लाभ: भीड़भाड़, लॉजिस्टिक्स लागत और ईंधन की खपत में कमी के साथ-साथ यात्री एवं माल परिवहन में सुधार होगा।
  • पर्यावरणीय लाभ: लगभग 13 करोड़ लीटर तेल की बचत और करीब 65 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी होने की उम्मीद है।
  • बिहार NH-22 परियोजना: मंत्रिमंडल ने NH-22 के 82.578 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार-लेन बनाने की मंजूरी दी।
  • लागत: परियोजना की लागत ₹3,590.73 करोड़ है और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत लागू किया जाएगा।
  • महत्व: यह राजमार्ग मुजफ्फरपुर और सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, यात्रा समय कम करेगा तथा व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
  • प्रमुख संरचनाएँ: परियोजना में 7 बड़े पुल, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवर शामिल हैं।
  • रेलवे परियोजनाएँ एकीकृत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप हैं।
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