25 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में भुवनेश्वर के निकट जटनी स्थित इन्फो वैली-II में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य भारत के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना, डेटा सुरक्षा में सुधार करना और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है।
प्रमुख बिंदु
– डेटा सेंटर (Data Centre): यह रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) प्रणालियों सहित महत्वपूर्ण वित्तीय एवं भुगतान प्रणालियों को सहायता प्रदान करेगा। इससे वित्तीय सेवाओं की विश्वसनीयता और मजबूती में सुधार होगा।
– साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान (Cybersecurity Training Institute): यह साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और अनुसंधान की सुविधा प्रदान करेगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बिग डेटा एनालिटिक्स और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकें शामिल हैं।
– महत्व (Significance): ये सुविधाएँ भारत के डिजिटल बैंकिंग तंत्र की सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करेंगी। साथ ही, RBI और व्यापक वित्तीय क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने में मदद करेंगी।




