केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में ₹8,941 करोड़ की यमुना पुनर्जीवन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान यमुना नदी को मई 2029 तक स्वच्छ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
प्रमुख बिंदु (Key Points):
- उद्घाटन की गई परियोजनाएँ: 10 परियोजनाएँ।
- शुरू की गई परियोजनाएँ: 33 परियोजनाएँ।
- यमुना पुनर्जीवन का लक्ष्य: मई 2029।
- प्रगति: अमित शाह के अनुसार, 40% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
- प्रमुख पहलें: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उन्नयन एवं निर्माण, सीवर लाइनों का पुनर्वास, सीवेज को सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए उसकी निकासी व्यवस्था में सुधार, जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा घरों को सीवर कनेक्शन प्रदान करना।
- समन्वय: यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
- कचरे की सफाई: दिल्ली सरकार ने 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाया है और कचरे से 100 एकड़ भूमि को मुक्त कराया है।
- लैंडफिल में कमी: ओखला और भलस्वा में कचरे के पहाड़ों की ऊँचाई 30–40 मीटर तक कम की गई है, जबकि गाजीपुर लैंडफिल की ऊँचाई में 10–15 मीटर की कमी आई है।
- अन्य पहलें: दिल्ली के प्रत्येक घर को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने और स्वच्छ पेयजल की पहुँच में सुधार करने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार की गई है।
उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य बिना उपचारित अपशिष्ट जल को यमुना नदी में जाने से रोकना तथा दिल्ली में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय परिस्थितियों में सुधार करना है।




