गंगटोक, 27 मई 2026: एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, Sikkim को आधिकारिक रूप से 99.82% साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित 95% के मानक से अधिक है। यह घोषणा मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang (गोले) ने गंगटोक स्थित Sikkim University के 7वें दीक्षांत समारोह में की। इस अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu और राज्यपाल Om Prakash Mathur उपस्थित थे।
यह घोषणा “उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम” के अंतर्गत की गई, जो वर्ष 2022 में शुरू की गई एक राष्ट्रीय साक्षरता पहल है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों को बुनियादी साक्षरता और आजीवन शिक्षा उपलब्ध कराना है।
📌 भारत के अन्य पूर्ण साक्षर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | घोषित वर्ष | साक्षरता दर | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| Mizoram | मई 2025 | 98.2% | भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य; सामुदायिक भागीदारी और महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान। |
| Goa | 2025 | 96% | कुशल प्रशासन, समावेशी नीतियाँ और शिक्षा में उच्च निवेश। |
| Tripura | 2025 | 95.6% | उल्लास कार्यक्रम, साइबर साक्षरता अभियान और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुँच के माध्यम से सफलता। |
| Himachal Pradesh | 8 सितंबर 2025 | 99.3% | स्वतंत्रता के बाद 7% साक्षरता से लगभग सार्वभौमिक साक्षरता तक का सफर। |
| Ladakh | 24 जून 2024 | 97% | पूर्ण कार्यात्मक साक्षरता प्राप्त करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश। |
| Sikkim | 27 मई 2026 | 99.82% | पूर्ण साक्षरता प्राप्त करने वाला भारत का छठा क्षेत्र; दूरदराज़ इलाकों तक समावेशी विकास। |
🌟 सिक्किम की उपलब्धि का महत्व
• Sikkim अब भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य (2016) होने के साथ-साथ पूर्ण साक्षर राज्य (2026) भी बन गया है।
• यह समावेशी विकास को दर्शाता है, जहाँ साक्षरता दूरस्थ गाँवों और बुजुर्ग नागरिकों तक पहुँची है।
• राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने बताया कि Sikkim University में 60% स्नातक और 70% पदक विजेता महिलाएँ थीं, जो महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।




