भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) लागू हुआ

भारत-UK कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) 15 जुलाई 2026 को लागू हुआ, जो दोनों देशों के आपसी संबंधों में एक अहम पड़ाव है। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल कॉमर्स और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है।

इस समझौते के तहत, UK को होने वाले भारतीय निर्यात का 100% और भारत को होने वाले UK के निर्यात का 90% से ज़्यादा हिस्सा ज़ीरो-टैरिफ़ (बिना टैक्स) के साथ एक्सेस पाएगा। इससे टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, IT सर्विसेज़ और एग्रीकल्चर जैसे भारतीय सेक्टरों को बाज़ार तक बेहतर पहुँच मिलेगी, जबकि ऑटोमोबाइल, स्कॉच व्हिस्की और फाइनेंशियल सर्विसेज़ जैसे UK के उत्पादों के लिए भारत में प्रवेश आसान हो जाएगा।

यह समझौता भारतीय प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए खास वीज़ा कोटा भी लाता है; ई-कॉमर्स, फिनटेक और डिजिटल व्यापार में सहयोग को मज़बूत करता है; और इसमें इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, लेबर राइट्स, एनवायरनमेंटल स्टैंडर्ड्स और विवाद सुलझाने से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

रणनीतिक नज़रिए से, इस समझौते से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत-UK की साझेदारी मज़बूत होने, भारत में निर्यात और रोज़गार बढ़ने, और ब्रेक्ज़िट के बाद UK को यूरोपियन यूनियन से हटकर अपने व्यापार को अलग-अलग बाज़ारों तक फैलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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