5 मार्च 2026 को हुए नेपाल के आम चुनावों के शुरुआती नतीजों से एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत मिलता है, जिसमें बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है। नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, RSP पहले ही 18 सीटें जीत चुकी है और सीधे चुने गए 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 99 पर आगे चल रही है। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो रैपर से नेता बने और काठमांडू के पूर्व मेयर 35 साल के बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन सकते हैं और 27 सालों में देश की पहली बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व कर सकते हैं।
चुनाव 275 संसदीय सीटों (165 फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट और 110 प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन) के लिए हुए थे, जिसमें लगभग 60% वोटर टर्नआउट हुआ, जो 1991 के बाद सबसे कम है। ये चुनाव सितंबर 2025 में Gen Z के विरोध प्रदर्शनों के कारण शुरू हुए थे, जिसके कारण प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था।
नेपाली कांग्रेस और CPN-UML जैसी पारंपरिक पार्टियां काफी पीछे चल रही हैं, दोनों को सिर्फ़ 11-11 सीटों पर बढ़त मिली हुई है। कैंपेन के मुख्य मुद्दों में एंटी-करप्शन कदम, युवाओं को रोज़गार और राजनीतिक सुधार शामिल थे। नतीजों पर इंटरनेशनल लेवल पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है, खासकर भारत और चीन की, क्योंकि इस इलाके में नेपाल का स्ट्रेटेजिक महत्व है।




