यहाँ पर भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों (मई 2026 तक कुल 44) की तालिका हिंदी में दी गई है। कुल (2026): 44 स्थल → 36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक, 1 मिश्रित
🏛 सांस्कृतिक विश्व धरोहर स्थल (36)
| स्थल | स्थान | वर्ष | महत्व |
|---|---|---|---|
| आगरा किला | उत्तर प्रदेश | 1983 | मुगल साम्राज्य का महत्त्वपूर्ण दुर्ग |
| अजंता गुफाएँ | महाराष्ट्र | 1983 | प्राचीन बौद्ध चित्रकला व शिल्पकला |
| एलोरा गुफाएँ | महाराष्ट्र | 1983 | बौद्ध, हिंदू व जैन शिल्पकला का संगम |
| ताजमहल | उत्तर प्रदेश | 1983 | मुगल स्थापत्य का अद्वितीय नमूना |
| सूर्य मंदिर, कोणार्क | ओडिशा | 1984 | 13वीं शताब्दी का सूर्य देव मंदिर |
| महाबलीपुरम स्मारक समूह | तमिलनाडु | 1984 | पल्लव कालीन स्थापत्य |
| गोवा के चर्च व कॉन्वेंट | गोवा | 1986 | पुर्तगाली औपनिवेशिक स्थापत्य |
| फतेहपुर सीकरी | उत्तर प्रदेश | 1986 | अकबर द्वारा निर्मित राजधानी |
| हम्पी स्मारक समूह | कर्नाटक | 1986 | विजयनगर साम्राज्य की राजधानी |
| खजुराहो मंदिर समूह | मध्य प्रदेश | 1986 | प्रसिद्ध शिल्प व मूर्तिकला |
| एलीफेंटा गुफाएँ | महाराष्ट्र | 1987 | शिव संप्रदाय की शिल्पकला |
| महान चोल मंदिर | तमिलनाडु | 1987, 2004 | चोल वंश के मंदिर |
| पट्टदकल स्मारक समूह | कर्नाटक | 1987 | उत्तर व दक्षिण शैली का संगम |
| साँची के बौद्ध स्मारक | मध्य प्रदेश | 1989 | प्राचीन बौद्ध स्तूप |
| हुमायूँ का मकबरा | दिल्ली | 1993 | पहला मुगल गार्डन-टॉम्ब |
| कुतुब मीनार व स्मारक | दिल्ली | 1993 | इंडो-इस्लामिक स्थापत्य |
| पर्वतीय रेलमार्ग | दार्जिलिंग, नीलगिरी, कालका-शिमला | 1999 | साहसिक इंजीनियरिंग |
| महाबोधि मंदिर, बोधगया | बिहार | 2002 | बुद्ध का ज्ञानस्थल |
| भीमबेटका शैलाश्रय | मध्य प्रदेश | 2003 | प्रागैतिहासिक चित्रकला |
| चम्पानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान | गुजरात | 2004 | इस्लामी नगर व दुर्ग |
| छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस | महाराष्ट्र | 2004 | विक्टोरियन गोथिक स्थापत्य |
| लाल किला | दिल्ली | 2007 | मुगल साम्राज्य का दुर्ग |
| जंतर मंतर, जयपुर | राजस्थान | 2010 | खगोल विज्ञान वेधशाला |
| राजस्थान के किले | राजस्थान | 2014 | राजपूत सामरिक स्थापत्य |
| रानी-की-वाव | गुजरात | 2014 | 11वीं शताब्दी की बावड़ी |
| नालंदा महाविहार | बिहार | 2016 | बौद्ध शिक्षा केंद्र |
| ले कोर्बुज़िए का स्थापत्य कार्य | चंडीगढ़ | 2016 | आधुनिक स्थापत्य |
| अहमदाबाद का ऐतिहासिक नगर | गुजरात | 2017 | 15वीं शताब्दी का नगर |
| विक्टोरियन गोथिक व आर्ट डेको समूह | महाराष्ट्र | 2018 | मुंबई का स्थापत्य |
| जयपुर नगर | राजस्थान | 2019 | योजनाबद्ध नगर |
| धोलावीरा | गुजरात | 2020 | हड़प्पा सभ्यता का नगर |
| काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर | तेलंगाना | 2021 | काकतीय स्थापत्य |
| शांतिनिकेतन | पश्चिम बंगाल | 2023 | टैगोर का सांस्कृतिक केंद्र |
| होयसला मंदिर समूह | कर्नाटक | 2023 | बेलूर, हलेबिड, सोमनाथपुर मंदिर |
| मोइडाम्स | असम | 2024 | अहोम वंश के समाधि टीले |
| मराठा सैन्य परिदृश्य | महाराष्ट्र, तमिलनाडु | 2025 | मराठा साम्राज्य के 12 किले |
🌿 प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल (7)
| स्थल | स्थान | वर्ष | महत्व |
|---|---|---|---|
| काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान | असम | 1985 | एक सींग वाले गैंडे का आवास |
| मानस वन्यजीव अभयारण्य | असम | 1985 | पूर्वी हिमालय की जैव विविधता |
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | राजस्थान | 1985 | प्रवासी पक्षियों का आश्रय |
| सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान | पश्चिम बंगाल | 1987 | विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन |
| नंदा देवी व फूलों की घाटी | उत्तराखंड | 1988, 2005 | हिमालयी पुष्प व ग्लेशियर |
| पश्चिमी घाट | महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल | 2012 | जैव विविधता हॉटस्पॉट |
| ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान | हिमाचल प्रदेश | 2014 | हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र |
🌀 मिश्रित विश्व धरोहर स्थल (1)
| स्थल | स्थान | वर्ष | सांस्कृतिक महत्व | प्राकृतिक महत्व |
|---|---|---|---|---|
| कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान | सिक्किम | 2016 | स्थानीय संस्कृति व धार्मिक महत्व | हिमालयी जैव विविधता |
✅ कुल (2026): 44 स्थल → 36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक, 1 मिश्रित
भारत में विश्व धरोहर स्थल
भारत के विश्व धरोहर स्थल (कुल 43):
- सांस्कृतिक स्थल: 35
- प्राकृतिक स्थल: 7
- मिश्रित स्थल: 1
सांस्कृतिक विश्व धरोहर स्थल (35)
| स्थल (यूनेस्को की सूची में शामिल) | स्थान | महत्त्व |
|---|---|---|
| आगरा का किला (1983) | उत्तर प्रदेश | – एक ऐतिहासिक महलनुमा किला |
| अजंता गुफाएं (1983) | महाराष्ट्र | – प्राचीन बौद्ध चित्रकला और शिल्प का उत्कृष्ट उदाहरण |
| एलोरा गुफाएं (1983) | महाराष्ट्र | – बौद्ध, हिंदू और जैन धर्मों की अद्भुत शिल्पकला |
| ताजमहल (1983) | उत्तर प्रदेश | – मुग़ल काल की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना |
| सूर्य मंदिर, कोणार्क (1984) | ओडिशा | – सूर्य देव को समर्पित 13वीं सदी का मंदिर |
| महाबलीपुरम के स्मारकों का समूह (1984) | तमिलनाडु | – पल्लव वंश के समय की वास्तुकला |
| गोवा के चर्च और कॉन्वेंट (1986) | गोवा | – पुर्तगाली उपनिवेश और ईसाई धर्म का प्रतीक |
| फतेहपुर सीकरी (1986) | उत्तर प्रदेश | – अकबर द्वारा बनवाया गया मुग़ल कालीन शहर |
| हम्पी के स्मारकों का समूह (1986) | कर्नाटक | – विजयनगर साम्राज्य की राजधानी |
| खजुराहो के स्मारक (1986) | मध्य प्रदेश | – प्रसिद्ध मूर्तियों वाले हिंदू-जैन मंदिर |
| एलीफैंटा गुफाएं (1987) | महाराष्ट्र | – शिव संप्रदाय की शैलकृत गुफाएं |
| चोल मंदिर समूह (1987, 2004) | तमिलनाडु | – चोल वंश के मंदिर, स्थापत्य विकास का उदाहरण |
| पत्तदकल के स्मारक (1987) | कर्नाटक | – चालुक्य वंश की उत्तरी-दक्षिणी शैली की मिसाल |
| साँची के बौद्ध स्मारक (1989) | मध्य प्रदेश | – बौद्ध कला व स्थापत्य के प्राचीन उदाहरण |
| हुमायूँ का मकबरा (1993) | दिल्ली | – भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बाग मकबरा |
| कुतुब मीनार और इसके स्मारक (1993) | दिल्ली | – कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा निर्मित इस्लामी स्थापत्य |
| पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग, कालका-शिमला, नीलगिरी) (1999) | विभिन्न | – पहाड़ी इलाकों को जोड़ने वाला 19वीं सदी का इंजीनियरिंग चमत्कार |
| भीमबेटका की शैलाश्रय (2003) | मध्य प्रदेश | – 30,000 वर्ष पुरानी चित्रकारी वाले प्रागैतिहासिक स्थल |
| चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान (2004) | गुजरात | – 8वीं-14वीं सदी की इस्लामी नगरी और किला |
| छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (2004) | महाराष्ट्र | – विक्टोरियन गॉथिक और भारतीय परंपरा की मिश्रित शैली |
| लाल किला परिसर (2007) | दिल्ली | – मुग़ल काल का महलनुमा किला |
| जंतर मंतर, जयपुर (2010) | राजस्थान | – 18वीं सदी की खगोलीय वेधशाला |
| राजस्थान के पहाड़ी किले (2014) | राजस्थान | – राजपूतों की शक्ति का प्रतीक |
| रानी की वाव, पाटन (2014) | गुजरात | – 11वीं सदी की सुंदर शिल्पकला वाली बावड़ी |
| नालंदा महाविहार का पुरातात्विक स्थल (2016) | बिहार | – महायान बौद्ध शिक्षा और विश्वविद्यालय का केंद्र |
| ले कॉर्बुज़िए का स्थापत्य कार्य (2016) | चंडीगढ़ | – आधुनिक वास्तुकला आंदोलन का अंतर्राष्ट्रीय योगदान |
| अहमदाबाद का ऐतिहासिक नगर (2017) | गुजरात | – 15वीं सदी का शहर, विशिष्ट स्थापत्य शैली का प्रदर्शन |
| मुंबई की विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको इमारतें (2018) | महाराष्ट्र | – बंदरगाह शहर की 19वीं-20वीं सदी की शैली |
| जयपुर शहर (2019) | राजस्थान | – नियोजित शहर और स्थापत्य योजना का उदाहरण |
| धोलावीरा: एक हड़प्पा शहर (2020) | गुजरात | – सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख नगर |
| काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर (2021) | तेलंगाना | – 13वीं सदी की काकतीय स्थापत्य उत्कृष्टता |
| शांति निकेतन (2023) | पश्चिम बंगाल | – रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र |
| होयसला मंदिर समूह (2023) | कर्नाटक | – बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के 12वीं-13वीं सदी के मंदिर |
| मोदियाम्स (2024) | असम | – 700 वर्ष पुराने अहोम वंशीय शाही समाधि स्थल |
| भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य (2025) | महाराष्ट्र, तमिलनाडु | इस सूची में महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित 12 ऐतिहासिक किलों को शामिल किया गया है, जैसे: महाराष्ट्र के किले: रायगढ़, राजगढ़, शिवनेरी, प्रतापगढ़, विजयदुर्ग, पन्हाला, सुवर्णदुर्ग, सिंधुदुर्ग, लोहगढ़, साल्हेर, खांदेरी तमिलनाडु का किला: जिन्जी किला (Gingee Fort) |
प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल (7)
| स्थल | स्थान | महत्त्व |
|---|---|---|
| काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (1985) | असम | – एक सींग वाले गैंडे की सबसे बड़ी आबादी |
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (1985) | राजस्थान | – प्रवासी पक्षियों के लिए मानव निर्मित जलभूमि |
| मानस वन्यजीव अभयारण्य (1985) | असम | – पूर्वी हिमालय की जैव विविधता और बाघों का निवास |
| सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान (1987) | पश्चिम बंगाल | – विश्व की सबसे बड़ी ज्वारनदीय मैंग्रोव वनस्पति |
| नंदा देवी और फूलों की घाटी (1988, 2005) | उत्तराखंड | – पुष्पों की घाटी और हिमनद वन्य जीवन का संरक्षण |
| पश्चिमी घाट (2012) | कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र | – जैव विविधता से भरपूर पर्वत श्रृंखला |
| ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (2014) | हिमाचल प्रदेश | – हिमालय की विविध पारिस्थितिकी और जीव-जंतुओं का निवास |
मिश्रित विश्व धरोहर स्थल (1)
| स्थल | स्थान | सांस्कृतिक महत्व | प्राकृतिक महत्व |
|---|---|---|---|
| कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान (2016) | सिक्किम | – सिक्किमी संस्कृति और पवित्रता का प्रतीक | – उप-उष्णकटिबंधीय से अल्पाइन तक जैव विविधता का संरक्षण |