राष्ट्रीय

केंद्र द्वारा मुख्य मांगें मान लिए जाने के बाद CJP ने NEET विरोध प्रदर्शन वापस लिया।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 25 जुलाई 2026 को अपना 36 दिन का विरोध प्रदर्शन आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा उनकी सभी मुख्य मांगें मान लेने के बाद उठाया गया। इन मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना और NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल था।

📌 विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

  • कारण: यह आंदोलन 20 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुआ था।
  • मांगें:
    • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
    • देश भर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेना।
    • परीक्षा में गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा।
    • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई मामला दर्ज न करने का आश्वासन।
    • शिक्षा सुधार से जुड़े पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार करना।

🏛️ सरकार की प्रतिक्रिया

  • इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया।
  • कानूनी राहत: केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने का आश्वासन दिया और भविष्य में कोई मामला दर्ज न करने का वादा किया।
  • मुआवजा: NEET से जुड़ी आत्महत्याओं के पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा (नियमों के तहत अधिकतम संभव राशि) दिया जाएगा।
  • सुधार: सरकार परीक्षा सुधारों पर CJP के पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार करने के लिए सहमत हो गई है, और इस पर आगे की बातचीत चार सप्ताह बाद तय की गई है।

सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म की।

पर्यावरण और शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में अपनी 26 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

विरोध का कारण

  • यह विरोध 28 जून 2026 को शुरू हुआ था। इसमें शिक्षा में सुधार और राष्ट्रीय व राज्य-स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही की मांग की गई थी।
  • भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-रोधी कड़े तंत्र की मांग की गई।
  • सरकार से छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने और परीक्षाओं में लोगों का भरोसा बहाल करने का आग्रह किया गया।

🕊️ उपवास की समाप्ति

  • वांगचुक ने कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत और उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद लिया गया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे डॉक्टरों की सलाह मानने और जल्द स्वस्थ होने का आग्रह किया, साथ ही उनके ठीक होने की कामना करते हुए एक संदेश भी पोस्ट किया।
  • इससे पहले 65 से ज़्यादा सांसदों ने उनसे शांतिपूर्ण तरीके से उपवास खत्म करने की अपील की थी।
  • वांगचुक ने समर्थकों का धन्यवाद किया और सभी से सतर्क और अहिंसक बने रहने की अपील की।

ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2: समुद्री सुरक्षा अभ्यास

‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2’ चार दिनों तक चलने वाला एक मल्टीनेशनल समुद्री सुरक्षा ट्रेनिंग अभ्यास है, जो 20 जुलाई 2026 को कोच्चि में शुरू हुआ। भारतीय नौसेना की सदर्न नेवल कमांड द्वारा आयोजित इस अभ्यास में 26 देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, ताकि समुद्री सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और प्रोफेशनल तैयारी को बेहतर बनाया जा सके।

यह अभ्यास भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली ‘कंबाइंड टास्क फोर्स 154’ (CTF 154) के तहत ‘कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज’ (CMF) की साझेदारी में आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस’ की मेजबानी भारत कर रहा है।

इस ट्रेनिंग में 26 देशों के कुल 254 प्रतिभागी, साथ ही 74 फैसिलिटेटर और चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रोग्राम में जहाज प्रबंधन, नेविगेशन, समुद्री सुरक्षा, आग बुझाने, नुकसान को नियंत्रित करने और सिम्युलेटर-आधारित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से जुड़े सेशन शामिल हैं।

इस अभ्यास का मकसद क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, सहयोगी देशों के बीच प्रोफेशनल आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और एक प्रमुख समुद्री सुरक्षा और ट्रेनिंग पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करना है।

भारतीय वायु सेना ऑस्ट्रेलिया में ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेगी।

भारतीय वायु सेना (IAF) ने ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया में चार राफेल फाइटर जेट, दो C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 120 से ज़्यादा एयर वॉरियर्स को तैनात किया है। यह रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फ़ोर्स की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल एयर कॉम्बैट एक्सरसाइज़ है।

यह एक्सरसाइज़ 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में डार्विन, टिंडल और एम्बरली स्थित RAAF बेस पर होगी। तीन हफ़्ते तक चलने वाली इस एक्सरसाइज़ के दौरान, IAF इंडो-पैसिफिक और यूरोप की वायु सेनाओं के साथ मिलकर ट्रेनिंग करेगी और मुश्किल एयर कॉम्बैट मिशन में हिस्सा लेगी।

यह तैनाती भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते डिफेंस सहयोग को दिखाती है और इसका मकसद इंटरऑपरेबिलिटी, कॉम्बैट फ्लाइंग स्किल्स, ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन और लंबे समय की डिफेंस पार्टनरशिप को बेहतर बनाना है।

भारत टेक्स 2026: दुनिया का सबसे बड़ा ग्लोबल टेक्सटाइल इवेंट नई दिल्ली में शुरू

दुनिया के सबसे बड़े टेक्सटाइल इवेंट, ‘भारत टेक्स 2026’ का तीसरा एडिशन 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। चार दिन चलने वाले इस इवेंट का उद्घाटन केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने 14 जुलाई 2026 को किया।

टेक्सटाइल मंत्रालय के सहयोग से ‘भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन’ द्वारा आयोजित इस इवेंट का मकसद भारत को टेक्सटाइल, फैशन, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और इन्वेस्टमेंट के लिए एक ग्लोबल हब के तौर पर स्थापित करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘5F’ विज़न – ‘फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन’ (खेत से फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और विदेश तक) से प्रेरित है।

उम्मीद है कि ‘भारत टेक्स 2026’ में भारत और 14 देशों से 7,000 से ज़्यादा खरीदार, 1.3 लाख ट्रेड विज़िटर और 1,600 एग्ज़िबिटर शामिल होंगे, जो पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन में 20,000 से ज़्यादा प्रोडक्ट दिखाएंगे। इस इवेंट में 4,000 से ज़्यादा B2B मीटिंग्स, 100 से ज़्यादा B2G मीटिंग्स होंगी और ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े 30 से ज़्यादा MoU साइन किए जाएंगे।

इस इवेंट में आठ पार्टनर राज्यों की भागीदारी, 100 से ज़्यादा नॉलेज सेशन और 20 से ज़्यादा देशों के 350 से ज़्यादा स्पीकर शामिल होंगे। इसमें इंडस्ट्री 5.0, टेक्निकल टेक्सटाइल्स, सस्टेनेबिलिटी, MSME, PM MITRA टेक्सटाइल पार्क और इंटरनेशनल टेक्सटाइल पार्टनरशिप पर भी चर्चा होगी। उम्मीद है कि ‘भारत टेक्स 2026’ बेहतर ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और इंटरनेशनल सहयोग के ज़रिए एक भरोसेमंद ग्लोबल टेक्सटाइल सोर्सिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भारत की स्थिति को मज़बूत करेगा।

ब्यूरो ऑफ़ पोर्ट सिक्योरिटी (BoPS) तटीय सुरक्षा को मज़बूत करेगा

10 जुलाई 2026 को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ ‘ब्यूरो ऑफ़ पोर्ट सिक्योरिटी’ (BoPS) की स्थापना की समीक्षा करते हुए भारत की तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

‘ब्यूरो ऑफ़ पोर्ट सिक्योरिटी’ (BoPS) को ‘मर्चेंट शिपिंग एक्ट, 2025’ की धारा 13 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। यह ‘पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय’ के अधीन काम करेगा और इसके प्रमुख एक महानिदेशक होंगे। यह ब्यूरो जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा को रेगुलेट और उनका निरीक्षण करेगा, सुरक्षा से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने और उसे साझा करने में मदद करेगा, और एक समर्पित IT सुरक्षा डिवीजन के माध्यम से साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा।

अमित शाह ने निर्देश दिया कि बंदरगाहों पर केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों के CISF-प्रशिक्षित कर्मियों को ही तैनात किया जाए। उन्होंने ‘पोर्ट सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ में जल्द प्रशिक्षण शुरू करने, सुरक्षा कर्मियों का एक व्यापक डेटाबेस बनाने, BoPS के दायरे में आने वाले बंदरगाहों पर कंटेनर-स्कैनिंग सुविधाएं लगाने, और विशाखापत्तनम बंदरगाह, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह तथा मुंद्रा बंदरगाह पर सुरक्षा ट्रायल रन आयोजित करने का भी आदेश दिया।

PM मोदी का 2026 का इंडोनेशिया दौरा: अहम समझौते, रणनीतिक साझेदारी और मुख्य नतीजे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6-8 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा की। 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महत्वपूर्ण खनिजों और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य परिणाम

  • डिजिटल सहयोग: इंडोनेशिया ने भारत के ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ONDC) फ्रेमवर्क पर आधारित ‘इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क’ (ION) लॉन्च किया। भारत के UPI और इंडोनेशिया के QRIS पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने (इंटीग्रेशन) की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
  • स्वास्थ्य सेवा: दोनों देश भारत की ‘जन औषधि योजना’ से प्रेरित होकर, सस्ती भारतीय दवाइयों की आपूर्ति के लिए सरकार-से-सरकार (G2G) स्तर का फ्रेमवर्क बनाने पर सहमत हुए।
  • महत्वपूर्ण खनिज: निकेल, तांबा और बॉक्साइट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे दोनों देशों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
  • रक्षा और समुद्री सुरक्षा: इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की बिक्री के बाद, दोनों नेताओं ने ‘एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौते’ पर हस्ताक्षर करके रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाया। भारत, नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में इंडोनेशियाई रक्षा कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण स्लॉट भी उपलब्ध कराएगा।
  • सांस्कृतिक संबंध: नेताओं ने इंडोनेशिया में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, प्रम्बानन मंदिर में संरक्षण कार्य का उद्घाटन किया। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की 1927 की इंडोनेशिया यात्रा की 100वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 2027 को “टैगोर-देवान्तारा वर्ष” घोषित किया।
  • भू-राजनीतिक सहयोग: दोनों देशों ने एक स्वतंत्र, खुले और नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इंडोनेशिया ने 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए भी अपना समर्थन व्यक्त किया।

आर्थिक महत्व

इंडोनेशिया, ASEAN में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है; 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 24.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है

6 जुलाई 2026 को, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया। राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के मामले में उनके नाम सामने आने के बाद ये इस्तीफ़े दिए गए थे।

कृष्ण मोहन को अंतरिम जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। कृष्ण मोहन की शिकायत पर ही दान में कथित अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज की गई थी, जिसमें आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया था।

ट्रस्ट ने चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफ़िसर (CEO) का पद बनाने का फ़ैसला किया और सही उम्मीदवारों की सिफ़ारिश करने के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई।

गोपाल नगर कोटे को ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटा दिया गया।

ट्रस्ट ने कहा कि दान में मिले सभी गहने और कीमती सामान सुरक्षित हैं, उनका सही हिसाब-किताब रखा गया है और आम लोग इनकी जांच कर सकते हैं। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि विवाद के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था मज़बूत बनी हुई है और तीर्थयात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: मुख्य विशेषताएं, रूट और यात्रा का समय

केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषित दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, दिल्ली, जेवर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी को लगभग 813–865 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ेगा। यह बुलेट ट्रेन 350 किमी/घंटा तक की रफ़्तार (ऑपरेशनल स्पीड लगभग 320 किमी/घंटा) से चलेगी और इसके 2031 तक पूरा होने का लक्ष्य है।

इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा; दिल्ली-लखनऊ की यात्रा में सिर्फ़ 2 घंटे 10 मिनट, दिल्ली-वाराणसी में लगभग 3.5–4 घंटे और जेवर-लखनऊ में केवल 1 घंटा 40 मिनट लगेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹2.3 लाख करोड़ है।

यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुज़रेगा। 124 किलोमीटर की एक ब्रांच लाइन लखनऊ और अयोध्या को भी जोड़ेगी, जिससे यात्रा का समय घटकर 35–40 मिनट रह जाएगा।

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन की मुख्य बातें

  • लंबाई: ~813–865 किमी
  • रफ़्तार: अधिकतम 350 किमी/घंटा; ऑपरेशनल स्पीड ~320 किमी/घंटा
  • यात्रा का समय:
  • दिल्ली → लखनऊ: 2 घंटे 10 मिनट
  • जेवर → लखनऊ: 1 घंटा 40 मिनट
  • दिल्ली → जेवर: 21 मिनट
  • दिल्ली → वाराणसी: 3.5–4 घंटे
  • अनुमानित लागत: ₹2.3 लाख करोड़
  • पूरा होने का लक्ष्य: 2031
  • स्टॉप: दिल्ली (हज़रत निज़ामुद्दीन/सराय काले खां), नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी
  • ब्रांच लाइन: 124 किमी लखनऊ-अयोध्या (यात्रा का समय 35–40 मिनट)

भारत ने पहली हब-एंड-स्पोक इंटरनेशनल फ़्लाइट सर्विस शुरू की।

25 जून 2026 को एयर इंडिया ने वाराणसी से भारत की पहली ‘हब-एंड-स्पोक’ इंटरनेशनल फ़्लाइट सर्विस, ‘ईज़ी कनेक्ट’ शुरू की। इस सर्विस का उद्घाटन नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने किया। इसका मकसद टियर-II और टियर-III शहरों के यात्रियों के लिए इंटरनेशनल यात्रा को आसान बनाना है।

पहली ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ़्लाइट (AI1111) वाराणसी से रवाना हुई और यात्रियों को दिल्ली के ज़रिए दुबई, कोलंबो, जेद्दा, रियाद, काठमांडू और फुकेत जैसे इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से जोड़ा। उम्मीद है कि इस नए सिस्टम से यात्रा का समय कम होगा, यात्रियों को सुविधा होगी, बड़े एयरपोर्ट पर भीड़ कम होगी और रीजनल एयरपोर्ट मज़बूत होंगे। एयर इंडिया आने वाले महीनों में इस सर्विस को भारत के कई और शहरों तक बढ़ाने की योजना बना रही है।

हब-एंड-स्पोक’ मॉडल क्या है?

‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत, यात्री दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े हब के लिए डोमेस्टिक फ़्लाइट में बैठने से पहले अपने होम एयरपोर्ट पर ही चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। हब एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद, वे बिना दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स की औपचारिकताएँ पूरी किए सीधे अपनी इंटरनेशनल फ़्लाइट में सवार हो सकते हैं।

स्वदेशी नौसैनिक युद्धपोतों का त्रि-आयोगन (21 जून 2026)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को कोलकाता में तीन स्वदेशी नौसैनिक जहाजों को कमीशन किया:

  • INS अग्रय
  • INS दूनागिरी
  • INS संशोधक

ये तीनों युद्धपोत भारत में ही डिज़ाइन और बनाए गए थे, जो रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की सफलता को दिखाते हैं।

⚓ भारत की नौसेना और रक्षा प्रगति

  • हाल के वर्षों में 40 से ज़्यादा ‘मेड-इन-इंडिया’ युद्धपोत और पनडुब्बियां भारतीय नौसेना में शामिल हुई हैं।
  • अभी लगभग 45 बड़े नौसैनिक युद्धपोत बन रहे हैं।
  • यह कमीशनिंग भारत के स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को शामिल किए जाने के बाद हुई है।

🏭 रक्षा निर्माण में बढ़ोतरी

  • भारत का सालाना रक्षा उत्पादन लगभग ₹40,000 करोड़ (2014) से बढ़कर लगभग ₹1.8 लाख करोड़ हो गया है।
  • रक्षा निर्यात 2014 से पहले के लगभग ₹700 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹40,000 करोड़ हो गया है।
  • अब भारतीय रक्षा उपकरण 80 से ज़्यादा देशों को निर्यात किए जाते हैं।

कंट्री रोड्स प्रोजेक्ट: भारत की हर सड़क की डिजिटल कोडिंग

‘कंट्री रोड्स प्रोजेक्ट’ भारत सरकार की एक प्रस्तावित पहल है, जिसका मकसद देश की हर सड़क—चाहे वह हाईवे हो, ज़िले की सड़क हो या गाँव की सड़क—को एक यूनिक डिजिटल कोड देना है। इसका लक्ष्य जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और PMGSY, ग्राम मानचित्र, DIGIPIN और SVAMITVA जैसे मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को मिलाकर एक नेशनल डिजिटल रोड डेटाबेस बनाना है।

मुख्य बातें

  • हर सड़क को एक यूनिक अल्फ़ान्यूमेरिक आइडेंटिफ़िकेशन कोड मिलेगा।
  • QR-इनेबल्ड साइनबोर्ड सड़क की जानकारी, लोकेशन और रखरखाव से जुड़ी जानकारी देंगे।
  • सड़क के नाम स्थानीय भाषाओं और अंग्रेज़ी में दिखाए जाएँगे।
  • पंचायतें और स्थानीय निकाय सड़क के डेटा का नियमित ऑडिट और अपडेट करेंगे।
  • यह सिस्टम PMGSY के मानकों और लोकल गवर्नमेंट डायरेक्टरी (LGD) के अनुरूप होगा।

फ़ायदे

  • सड़क की तेज़ी से और सही पहचान करके इमरजेंसी रिस्पॉन्स को बेहतर बनाता है।
  • गवर्नेंस, पोस्टल सर्विस और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाता है।
  • बेहतर इंफ़्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, मॉनिटरिंग और जवाबदेही में मदद करता है।
  • पूरे भारत में 6 लाख से ज़्यादा गाँवों को कवर करने वाला एक यूनिफ़ाइड डिजिटल रोड नेटवर्क बनाता है।

भारतीय तटरक्षक बल ने अपना पहला स्वदेशी होवरक्राफ्ट (ACV) शामिल किया।

18 जून 2026 को, इंडियन कोस्ट गार्ड ने गोवा में अपना पहला स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल (ACV), यानी होवरक्राफ्ट शामिल किया। इसे चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया है। यह योजनाबद्ध छह ACV में से पहला है और इसमें लगभग 50% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

होवरक्राफ्ट हवा के कुशन पर चलता है, जिससे यह उथले पानी, कीचड़ वाले इलाकों, दलदल, रेतीले समुद्र तटों और ज़मीन पर भी काम कर सकता है, जहाँ आम नावें नहीं चल पातीं। इससे भारत की 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर तटीय सुरक्षा, निगरानी, ​​खोज और बचाव अभियान, तस्करी-रोधी अभियान, समुद्री टोह लेने और पर्यावरण संरक्षण को मज़बूती मिलेगी।

यमुना के पुनरुद्धार के लिए छह राज्य किशाऊ बांध परियोजना पर सहमत हुए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 16 जून 2026 को नई दिल्ली में एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें छह राज्य लंबे समय से अटके हुए ‘किशाऊ मल्टी-पर्पस डैम प्रोजेक्ट’ पर सहमत हुए। उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट साफ़ पानी का बहाव बढ़ाकर यमुना नदी को फिर से जीवित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान राज्य इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हुए। MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद, प्रस्ताव को मंज़ूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।

₹15,000 करोड़ का यह प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी, टोंस नदी पर बनाया जाएगा। इससे 660 मेगावाट पनबिजली पैदा होगी, लगभग 97,000 हेक्टेयर ज़मीन की सिंचाई होगी और दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को सालाना 500 मिलियन क्यूबिक मीटर से ज़्यादा पानी की आपूर्ति होगी।

फंडिंग की व्यवस्था के तहत, केंद्र सरकार पानी से जुड़े हिस्से की लागत का 90% उठाएगी, जबकि बाकी 10% लागत छह राज्यों के बीच बांटी जाएगी।

किशाऊ बांध 236 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध होगा, जिसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 1324 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) होगी। 2026 में राज्यों के बीच सहमति बनने से पहले यह प्रोजेक्ट लगभग आठ वर्षों तक अटका हुआ था।

अमित शाह ने ‘विनिमय’ लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जून 2026 को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) ‘विनिमय’ का उद्घाटन किया। इस नए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का मकसद कस्टम्स, इमिग्रेशन, बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स और दूसरी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर भारत के लैंड पोर्ट्स पर कामकाज को आधुनिक और आसान बनाना है।

LPMS कार्गो और यात्रियों की आवाजाही के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल प्रोसेसिंग की सुविधा देता है, जिसमें स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस शामिल हैं। इसे ICEGATE, ULIP और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे बड़े नेशनल प्लेटफ़ॉर्म के साथ जोड़ा गया है, ताकि बॉर्डर मैनेजमेंट कुशल और पारदर्शी हो सके।

गृह मंत्रालय के तहत आने वाली लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (LPAI) अभी पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ भारत की सीमाओं पर मौजूद 15 लैंड पोर्ट्स का मैनेजमेंट करती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सशस्त्र बलों और पुलिस कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 (चरण-I) में भारत के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार प्रदान किए। इन पुरस्कारों के ज़रिए सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों के असाधारण वीरतापूर्ण कार्यों को सम्मानित किया गया।

इस समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए।

आतंकवाद-विरोधी अभियानों, उग्रवाद-विरोधी मिशनों, सीमा सुरक्षा कार्यों, विमानन आपात स्थितियों, समुद्री अभियानों और मानवीय बचाव कार्यों में दिखाए गए साहस के लिए कई कर्मियों को कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

प्रमुख पुरस्कार विजेताओं में ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल थे, जो भारत के चुने हुए गगनयात्रियों में से एक हैं; उन्हें कीर्ति चक्र मिला। जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और भारत की सीमाओं पर चलाए गए अभियानों में वीरता के लिए कई सैनिकों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वालों को मरणोपरांत कई वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए।

BEL ड्रोन के खतरों को बेअसर करने के लिए भारतीय नौसेना को हाई-पावर माइक्रोवेव सिस्टम की आपूर्ति करेगा।

भारतीय नौसेना ने ADITI 3.0 फ्रेमवर्क के तहत, बेंगलुरु स्थित डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Tonbo Imaging को नौसैनिक प्लेटफॉर्म पर हाई पावर माइक्रोवेव (HPM) सिस्टम के इंटीग्रेशन और कमीशनिंग के लिए एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है। ये डायरेक्टेड-एनर्जी हथियार भारत को ड्रोन झुंडों का मुकाबला करने और दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक्स को निष्क्रिय करने में मदद करेंगे, जो स्वदेशी रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ADITI 3.0 क्या है?

  • ADITI (Advanced Defence Technology Incubation) रक्षा मंत्रालय के तहत भारत सरकार की एक पहल है।
  • यह iDEX (Innovations for Defence Excellence) और Defence Innovation Organisation (DIO) को उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को शामिल करने से पहले उन्हें विकसित करने और मान्य करने में सहायता करता है।

हाई पावर माइक्रोवेव (HPM) सिस्टम के बारे में

  • ये डायरेक्टेड-एनर्जी हथियार हैं जो गोला-बारूद के बजाय केंद्रित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स का उपयोग करते हैं।
  • ये बिना किसी भौतिक क्षति (kinetic damage) के दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर और मानवरहित प्रणालियों को निष्क्रिय या खराब कर सकते हैं।
  • समुद्री युद्ध में ड्रोन झुंडों और असममित खतरों का मुकाबला करने के लिए इन्हें सबसे प्रभावी उपायों में से एक माना जाता है।

Tonbo Imaging की भूमिका

  • इसे वैक्यूम ट्यूब प्रौद्योगिकियों में अपनी स्वदेशी विशेषज्ञता के लिए चुना गया है, जो HPM सिस्टम में उच्च पीक पावर उत्पन्न करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यह सत्यापन के बाद सिस्टम इंटीग्रेशन, कमीशनिंग और उत्पादन आपूर्ति का काम संभालेगी।
  • इसके पास पहले से ही उन्नत रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और मिसाइल सीकर प्रौद्योगिकियों का एक पोर्टफोलियो मौजूद है।

PRAGATI 2026: भारत मेघालय में 12 देशों के सैन्य अभ्यास की मेज़बानी कर रहा है।

PRAGATI 2026 एक प्रमुख बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास है जिसकी मेज़बानी भारत 18–31 मई 2026 तक मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन पर कर रहा है, जिसमें 12 मित्र देशों की भागीदारी है। इसका मुख्य उद्देश्य अर्ध-पहाड़ी और जंगली इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना और हिंद महासागर क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मज़बूत करना है।

📌 मुख्य विवरण

  • नाम: PRAGATI (हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी)।
  • वर्ष: 2026
  • स्थान: उमरोई मिलिट्री स्टेशन, मेघालय, भारत।
  • तारीखें: 18–31 मई 2026
  • प्रतिभागी: 12 देश — भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम।
  • उद्देश्य: क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाना, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना और सेना-से-सेना संबंधों को मज़बूत करना।

भारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त घोषित किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 19 मई 2026 को घोषणा की कि भारत पूरी तरह से नक्सलवाद (वामपंथी उग्रवाद) से मुक्त हो गया है, और इस तरह सरकार ने 31 मार्च 2026 का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह घोषणा छत्तीसगढ़ के बस्तर में की गई, जो 1971 में शुरू हुए 55 साल पुराने माओवादी विद्रोह के अंत का प्रतीक है।

इस सफलता का श्रेय CAPF, CRPF के कोबरा कमांडो और स्थानीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे संयुक्त नक्सल-विरोधी अभियानों को दिया गया।

आदिवासी क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए, बस्तर में सुरक्षा बलों के 70 पुराने शिविरों को “सेवा डेरा” में बदला जाएगा, जहाँ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा से जुड़ी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसके अलावा, सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कैडरों के पुनर्वास के लिए शिक्षा और कौशल विकास पर आधारित 20 करोड़ रुपये की एक योजना भी शुरू की है।

CBSE ने 1 जुलाई से क्लास 9-10 के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई ज़रूरी कर दी है

सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने घोषणा की है कि 1 जुलाई, 2026 से, कक्षा 9 और 10 के छात्रों को तीन भाषाएँ पढ़ना ज़रूरी होगा। संशोधित नीति के तहत, इनमें से कम से कम दो भाषाएँ भारतीय होनी चाहिए, जबकि तीसरी भाषा कोई विदेशी भाषा हो सकती है।

तीसरी भाषा (R3) का मूल्यांकन स्कूलों द्वारा आंतरिक रूप से किया जाएगा और यह कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा का हिस्सा नहीं होगी। CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि जब तक माध्यमिक स्तर के लिए विशेष किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक R3 के लिए अस्थायी रूप से कक्षा 6 के स्तर की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करें, और साथ में क्षेत्रीय साहित्यिक सामग्री का भी इस्तेमाल करें।

यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है और इसका उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करते हुए बहुभाषी शिक्षा को मज़बूत बनाना है। स्कूलों को सलाह दी गई है कि शिक्षकों की संभावित कमी से निपटने के लिए वे लचीले उपाय अपनाएँ, जिनमें संसाधनों को साझा करना और वर्चुअल शिक्षण शामिल हैं।

हिंदी भाषी राज्यों के छात्रों के लिए संभावित संयोजन:

  • R1: हिंदी (भारतीय भाषा, अनिवार्य)
  • R2: अंग्रेज़ी (वैश्विक भाषा, CBSE स्कूलों में अनिवार्य)
  • R3: संस्कृत या उर्दू (भारतीय भाषा, छात्र/स्कूल द्वारा चुनी गई)

कैबिनेट ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के लिए MSP को मंज़ूरी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 13 मई 2026 को, 2026-27 के मार्केटिंग सीज़न के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंज़ूरी दे दी।

2026-27 के लिए महत्वपूर्ण MSP दरें

  • धान (सामान्य): ₹2441 प्रति क्विंटल
  • बाजरा: ₹2900 प्रति क्विंटल
  • मक्का: ₹2410 प्रति क्विंटल
  • तूर/अरहर: ₹8450 प्रति क्विंटल
  • मूंग: ₹8780 प्रति क्विंटल
  • मूंगफली: ₹7517 प्रति क्विंटल
  • सूरजमुखी बीज: ₹8343 प्रति क्विंटल
  • कपास (मध्यम रेशा): ₹8267 प्रति क्विंटल

पेपर लीक के बाद NEET-UG 2026 रद्द; CBI जांच के आदेश

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक और धांधली की पुष्टि होने के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। 10 मई 2026 को घोषित इस फैसले से 22 लाख से ज़्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने भारत के 551 शहरों के 5,400 केंद्रों और 14 अंतरराष्ट्रीय जगहों पर यह परीक्षा दी थी।

कानून प्रवर्तन और केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद यह परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों की पुष्टि हुई थी। भारत सरकार ने पेपर लीक मामले में CBI जांच के आदेश दिए हैं।

राजस्थान SOG की जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र बांटे गए थे, और लीक हुए प्रश्न पत्र असल NEET पेपर से मेल खाते थे। इस मामले में दो कथित मुख्य साजिशकर्ताओं, मनीष यादव और राकेश मांडविया को गिरफ्तार किया गया है।

NTA ने घोषणा की है कि जल्द ही दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी, और छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन करने या कोई अतिरिक्त शुल्क देने की ज़रूरत नहीं होगी। एजेंसी ने यह भी पुष्टि की है कि परीक्षा शुल्क वापस कर दिया जाएगा।

साउथ कोस्ट रेलवे विशाखापत्तनम में मुख्यालय के साथ भारत का 18वां रेलवे ज़ोन बन गया है।

भारत का रेलवे नेटवर्क लगातार विकसित हो रहा है। दक्षिण तट रेलवे (South Coast Railway – SCoR) का गठन विशाखापट्टनम मुख्यालय के साथ एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि यह आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत किए गए वैधानिक वादे को पूरा करता है। इसके चार मंडल होंगे — गुंटकल, गुंटूर, विजयवाड़ा, और नया विशाखापट्टनम मंडल (वाल्टेयर मंडल से अलग किया गया)। यह 1 जून 2026 से काम शुरू करेगा और भारत का 18वाँ रेलवे ज़ोन बनेगा। 🚆

मई 2026 तक भारत के सभी रेलवे ज़ोन

रेलवे ज़ोनमुख्यालयगठन वर्ष
नॉर्दर्न रेलवे (NR)नई दिल्ली1952
नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (NER)गोरखपुर1952
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (NCR)प्रयागराज2003
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (NWR)जयपुर2002
नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे (NFR)गुवाहाटी1958
ईस्टर्न रेलवे (ER)कोलकाता1952
ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR)हाजीपुर2002
ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR)भुवनेश्वर2003
साउथ ईस्टर्न रेलवे (SER)कोलकाता1955
साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR)बिलासपुर2003
साउदर्न रेलवे (SR)चेन्नई1951
साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR)सिकंदराबाद1966
साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR)हुबली2003
वेस्टर्न रेलवे (WR)मुंबई1951
वेस्ट सेंट्रल रेलवे (WCR)जबलपुर2002
सेंट्रल रेलवे (CR)मुंबई1951
कोंकण रेलवे (KRCL)नवी मुंबई1990
साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR)विशाखापट्टनम2026

सिक्किम भारत का पहला पेपरलेस न्यायपालिका वाला राज्य बना (2026)

सिक्किम आधिकारिक तौर पर भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसकी न्यायपालिका पूरी तरह से पेपरलेस है; यह न्यायिक सुधारों की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 1 मई, 2026 को गंगटोक में आयोजित ‘प्रौद्योगिकी और न्यायिक शिक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ के दौरान इसकी घोषणा की।

📌 घोषणा की मुख्य बातें

  • तारीख और अवसर: 1 मई, 2026 को गंगटोक में आयोजित ‘प्रौद्योगिकी और न्यायिक शिक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ के दौरान घोषणा की गई।
  • घोषणाकर्ता: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत।
  • महत्व: सिक्किम भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसकी न्यायपालिका पूरी तरह से पेपरलेस हो गई है।
  • संदर्भ: यह घोषणा सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई, जिससे इसका प्रतीकात्मक महत्व और भी बढ़ गया।

⚖️ “पेपरलेस न्यायपालिका” का क्या अर्थ है

  • मामलों की ई-फाइलिंग: सभी याचिकाएं और दस्तावेज डिजिटल रूप से दाखिल किए जाते हैं।
  • वर्चुअल सुनवाई: वादी और वकील ऑनलाइन माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं।
  • डिजिटल केस ट्रैकिंग: मामलों की स्थिति से जुड़े अपडेट वास्तविक समय (real-time) में उपलब्ध होते हैं।
  • स्वचालित कार्यप्रवाह: प्रौद्योगिकी की सहायता से अदालती प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया गया है।
  • डिजिटल अभिलेखागार: भौतिक रिकॉर्ड (कागजी दस्तावेजों) से इलेक्ट्रॉनिक भंडारण (डिजिटल स्टोरेज) में पूर्ण रूप से बदलाव किया गया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: रिकॉर्ड 92.47% मतदान – आज़ादी के बाद से सर्वाधिक

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों (अप्रैल 2026) में 92.47% की ऐतिहासिक वोटिंग हुई, जो आज़ादी के बाद से अब तक का सबसे ज़्यादा आंकड़ा है।

  • पहला चरण (23 अप्रैल): 93.19% वोटिंग
  • दूसरा चरण (30 अप्रैल): 91.66% वोटिंग

राज्य में कुल 6.81 करोड़ वोटर हैं, जिनमें वोट डालने के मामले में महिला वोटरों (92.28%) की संख्या पुरुषों (91.07%) से थोड़ी ज़्यादा रही।

यह आंकड़ा 2011 के विधानसभा चुनावों में राज्य के पिछले रिकॉर्ड 84.72% को भी पीछे छोड़ देता है। राष्ट्रीय स्तर पर, सबसे ज़्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड त्रिपुरा के नाम है (2013 में 93.61%)।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वोटरों की इस भारी भागीदारी की जमकर तारीफ़ की। चुनाव आयोग ने असम और पुडुचेरी में भी रिकॉर्ड वोटिंग होने की बात कही।

🗓️ पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी; इसी दिन कई अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों के वोटों की गिनती भी की जाएगी।

भारत में महिलाएं और पुरुष 2025 रिपोर्ट: मुख्य बातें

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 29 अप्रैल 2026 को भुवनेश्वर में ‘डेटा फॉर डेवलपमेंट समिट’ में “भारत में महिलाएं और पुरुष 2025” का 27वां संस्करण जारी किया।

यह रिपोर्ट कई सरकारी स्रोतों से प्राप्त डेटा का उपयोग करते हुए, जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और निर्णय लेने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर लिंग-आधारित डेटा प्रदान करती है।

मुख्य बातें:

  • 👶 जन्म के समय लिंगानुपात 904 (2017–19) से बढ़कर 917 (2021–23) हो गया है, जो महिलाओं के बेहतर जीवित रहने की दर को दर्शाता है।
  • 🏥 2008–2023 के बीच लड़कों और लड़कियों, दोनों के लिए शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।
  • 🎓 शिक्षा: प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक लैंगिक समानता हासिल कर ली गई है।
  • उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ा है, विशेष रूप से महिलाओं के लिए।
  • 👩‍🌾 रोज़गार: महिला श्रम बल की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।
    • ग्रामीण महिलाएं: 37.5% → 45.9% (2022–2025)
  • 🧑‍💼 नेतृत्व की भूमिकाएं: प्रबंधकीय पदों पर महिलाओं की संख्या में 102.54% (2017–2025) की वृद्धि हुई है, जो पुरुषों की वृद्धि दर से अधिक है।
  • 📑 इस रिपोर्ट में नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं की सहायता के लिए मेटाडेटा सहित 50 प्रमुख संकेतक शामिल हैं।
  • 🌍 यह लैंगिक विकास के रुझानों पर नज़र रखने के लिए राज्य-वार और ग्रामीण-शहरी विश्लेषण प्रदान करती है।

गंगा एक्सप्रेसवे: पीएम मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे मेरठ-प्रयागराज राजमार्ग का उद्घाटन किया

गंगा एक्सप्रेसवे भारत के सबसे बड़े ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसे उत्तर प्रदेश में तेज़ रफ़्तार कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। लगभग 594 km लंबा यह एक्सप्रेसवे, पश्चिमी UP के मेरठ को पूर्वी UP के प्रयागराज से जोड़ता है; यह 12 ज़िलों से होकर गुज़रता है और क्षेत्रीय परिवहन इंफ़्रास्ट्रक्चर को काफ़ी बेहतर बनाता है।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई ज़िले में किया था। इसे लगभग ₹36,000+ करोड़ की अनुमानित लागत से बनाया गया है और इसे 6-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे (जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है) के तौर पर डिज़ाइन किया गया है।

🔑 मुख्य विशेषताएँ:

  • लंबाई: ~594 km (उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे)
  • रास्ता: मेरठ → प्रयागराज
  • यात्रा का समय: 10–12 घंटे से घटकर लगभग 6–7 घंटे हो गया है
  • विशेषता: इसमें आपातकालीन स्थिति में विमानों की लैंडिंग के लिए एक हवाई पट्टी भी शामिल है
  • औद्योगिक कॉरिडोर: रास्ते के किनारे मैन्युफ़ैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की योजना है

भारतीय रेल ने दिव्यांगजनों को ‘दिव्यांगजन कोच’ में यात्रा करने की अनुमति दी।

20 अप्रैल 2026 को, भारतीय रेलवे ने घोषणा की कि जिन दिव्यांगजनों (PwDs) के पास वैध UDID (यूनिक डिसेबिलिटी ID) कार्ड है, वे अब मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित अनारक्षित कोचों में यात्रा कर सकते हैं। वैध UDID या रियायत की पात्रता रखने वाले दिव्यांगजनों को bona fide (वास्तविक) यात्री माना जाएगा और उन्हें SLRD और LSLRD जैसे निर्धारित डिब्बों में जाने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते उनके पास यात्रा करने का वैध अधिकार हो। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सुविधाएं वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचें, अनाधिकृत यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी क्षेत्रीय रेलवे को इसके उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिव्यांगजन कार्ड (EPICS) दिव्यांगजनों को यात्रा रियायतों का लाभ उठाने में सक्षम बनाता है, और इसे एक वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर आधिकारिक पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास “दुस्तलिक 2026”

भारत-उज़्बेकिस्तान के संयुक्त सैन्य अभ्यास “दस्तलिक” का 7वां संस्करण 15 अप्रैल 2026 को उज़्बेकिस्तान के नमनगन स्थित गुरुमसरॉय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में शुरू हुआ। यह अभ्यास 25 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा।

🔑 उद्देश्य:

  • भारतीय सेना और उज़्बेकिस्तान की सेना के बीच ऑपरेशनल तालमेल को बढ़ाना।
  • संयुक्त विशेष अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना, विशेष रूप से अवैध सशस्त्र समूहों को निष्क्रिय करने के लक्ष्य के साथ।

🤝 महत्व:

  • भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग, आपसी विश्वास और सौहार्द को मज़बूत करता है।
  • वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को नरेंद्र मोदी ने किया। ₹11,868 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे, दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा के समय को 6 घंटे से घटाकर सिर्फ 2.5 घंटे कर देता है।

🔑 मुख्य विशेषताएं:

  • लंबाई: ~212–213 किमी
  • प्रकार: छह-लेन, एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे
  • वन्यजीव कॉरिडोर: वन क्षेत्रों के पास जैव विविधता की रक्षा के लिए ऊंचे (एलिवेटेड) खंड
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