18 सितंबर 2026 को अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की पहुँच और सुरक्षा इंतज़ामों को मज़बूत करने पर सहमति बनी। साथ ही, इसमें गैर-NATO विरोधी देशों के सैन्य अड्डों और संवेदनशील निवेशों पर रोक लगाने की बात भी शामिल है।
- इस समझौते से अमेरिका को ग्रीनलैंड में स्थायी पहुँच, सैन्य अड्डे बनाने और हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने के अधिकार मिलते हैं।
- गैर-NATO देशों को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डे बनाने की इजाज़त नहीं होगी।
- इस समझौते का मकसद आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा को मज़बूत करना है।
- खबरों के मुताबिक, अगर ग्रीनलैंड आज़ाद भी हो जाता है, तब भी ये इंतज़ाम लागू रहेंगे।
- इस समझौते में अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने या उसे खरीदने की बात शामिल नहीं है; राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ऐसा करने की इच्छा जताई थी।
- अमेरिका के संभावित नए सैन्य अड्डों के बारे में अभी कोई साफ़ जानकारी नहीं है।




