पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल पूरे

पीएम विश्वकर्मा योजना, जिसे 17 सितंबर 2023 को शुरू किया गया था, ने 17 सितंबर 2026 को तीन वर्ष पूरे किए। इस योजना ने पूरे भारत में 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के पंजीकरण का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है।

प्रमुख बिंदु

  • योजना के तहत 30 लाख कारीगरों का पंजीकरण किया गया।
  • 24.37 लाख कारीगरों ने बुनियादी कौशल प्रशिक्षण पूरा किया।
  • लाभार्थियों को 18.16 लाख टूलकिट वितरित किए गए।
  • 5,316 करोड़ रुपये के 6.19 लाख ऋण स्वीकृत किए गए।
  • 8.11 लाख लाभार्थियों को डिजिटल लेनदेन के लिए 42 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन प्राप्त हुए।
  • 12,000 से अधिक कारीगरों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए AI टूल्स का प्रशिक्षण दिया गया।
  • बेहतर बाजार पहुंच के लिए 30,000 कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया।
  • योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं, जिनमें बढ़ई, कुम्हार, सुनार, दर्जी, मोची, नाई और खिलौना निर्माता आदि शामिल हैं।

यह योजना कारीगरों को पहचान, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, ऋण सहायता, डिजिटल प्रोत्साहन और बाजार से जोड़ने की सुविधा प्रदान करती है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प कौशल को आधुनिक व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है।

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