अगस्त 2026 में भारत में खुदरा और थोक महंगाई बढ़ी।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के डेटा के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत में महंगाई का दबाव बढ़ा, जिसमें रिटेल और होलसेल दोनों तरह की महंगाई में बढ़ोतरी हुई।

  • रिटेल CPI महंगाई जुलाई के 4.45% से बढ़कर 4.82% हो गई, जो 2026 में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
  • खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़कर 5.95% हो गई, जिसकी मुख्य वजह प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी बढ़ोतरी थी।
  • होलसेल WPI महंगाई बढ़कर 9.92% हो गई, जिसमें ईंधन और बिजली, खाने-पीने की चीजों और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा हाथ रहा।
  • WPI ईंधन और बिजली की महंगाई 22.93% तक पहुंच गई, जबकि मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स में 8.37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो इस सीरीज में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
  • CPI के RBI के 4% के मीडियम-टर्म टारगेट से ऊपर बने रहने के कारण, खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में लगातार दबाव मॉनेटरी पॉलिसी को और मुश्किल बना सकता है।
  • कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वेस्ट एशिया में तनाव महंगाई का दबाव और बढ़ा सकते हैं, जिससे RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ सकती है।
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