₹2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर UPI चार्ज

16 सितंबर 2026 को भारत के वित्त मंत्रालय ने घोषणा की कि ₹2,000 से अधिक के UPI व्यापारी लेनदेन पर 0.4% शुल्क लगेगा।

  • दर: ₹2,000 से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) लेनदेन पर 0.4% MDR।
  • अधिकतम सीमा: ₹75,000 या उससे अधिक के भुगतान पर प्रति लेनदेन अधिकतम ₹300।
  • प्रभावी तिथि: 15 अक्टूबर 2026
  • लागू: केवल व्यापारी भुगतान (PhonePe, Paytm, Google Pay आदि) पर।

छूट:

  • व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) धन हस्तांतरण पहले की तरह मुफ्त रहेगा।
  • छोटे व्यापारी, जो UPI QR कोड के माध्यम से प्रति माह ₹1 लाख तक कमाते हैं, शुल्क से मुक्त रहेंगे।
  • आवश्यक क्षेत्र (रेलवे, दूरसंचार, ईंधन, उपयोगिता सेवाएं) पर ₹5 का फ्लैट MDR लगेगा।

💡 UPI क्या है?

  • UPI (Unified Payments Interface / एकीकृत भुगतान इंटरफेस) एक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली है, जिसे NPCI (National Payments Corporation of India / भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) ने 2016 में लॉन्च किया था।
  • यह मोबाइल ऐप के माध्यम से निम्नलिखित का उपयोग करके तुरंत धन हस्तांतरण की सुविधा देता है:
    • वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA)
    • मोबाइल नंबर
    • QR कोड
  • यह IMPS इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होता है और 24×7 उपलब्ध है।

🎯 शुल्क लगाने का उद्देश्य

  • लागत की भरपाई: उच्च-मूल्य वाले व्यापारी लेनदेन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटलमेंट लागत को पूरा करना।
  • डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना: रोजमर्रा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए छोटे मूल्य के लेनदेन को मुफ्त रखना।
  • व्यापारियों के लिए संतुलन: यह शुल्क डेबिट/क्रेडिट कार्ड के MDR (Merchant Discount Rate / मर्चेंट डिस्काउंट रेट) की तुलना में काफी कम है।
  • स्थिरता: UPI इकोसिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना।

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