केंद्र द्वारा मुख्य मांगें मान लिए जाने के बाद CJP ने NEET विरोध प्रदर्शन वापस लिया।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 25 जुलाई 2026 को अपना 36 दिन का विरोध प्रदर्शन आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा उनकी सभी मुख्य मांगें मान लेने के बाद उठाया गया। इन मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना और NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल था।

📌 विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

  • कारण: यह आंदोलन 20 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुआ था।
  • मांगें:
    • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
    • देश भर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेना।
    • परीक्षा में गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा।
    • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई मामला दर्ज न करने का आश्वासन।
    • शिक्षा सुधार से जुड़े पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार करना।

🏛️ सरकार की प्रतिक्रिया

  • इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया।
  • कानूनी राहत: केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने का आश्वासन दिया और भविष्य में कोई मामला दर्ज न करने का वादा किया।
  • मुआवजा: NEET से जुड़ी आत्महत्याओं के पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा (नियमों के तहत अधिकतम संभव राशि) दिया जाएगा।
  • सुधार: सरकार परीक्षा सुधारों पर CJP के पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार करने के लिए सहमत हो गई है, और इस पर आगे की बातचीत चार सप्ताह बाद तय की गई है।

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