भारत का कपास उद्योग – मुख्य बातें

21 जुलाई 2026 को जारी सरकारी फैक्टशीट के अनुसार:

वैश्विक स्थिति:

  • खेती के रकबे (114.84 लाख हेक्टेयर) में पहला स्थान।
  • उत्पादन और खपत में दूसरा स्थान।
  • वैश्विक फाइबर उत्पादन में ~19% का योगदान।

उत्पादन और खपत (2025–26):

  • उत्पादन: 290.91 लाख गांठें (bales)।
  • खपत: 328 लाख गांठें।

सरकारी पहल:

  • किसानों को कीमत का सहारा देने के लिए MSP ऑपरेशन।
  • कपास उत्पादकता मिशन (2026–31): 2031 तक 498 लाख गांठों का लक्ष्य।
  • तकनीकी प्रदर्शन, डिजिटल खरीद, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के लिए ट्रेसेबिलिटी।

आर्थिक महत्व:

  • इसे “सफेद सोना” (White Gold) कहा जाता है।
  • टेक्सटाइल वैल्यू चेन में 60 लाख (6 मिलियन) किसानों और 400-500 लाख (40-50 मिलियन) श्रमिकों को सहारा देता है।
  • निर्यात के ज़रिए विदेशी मुद्रा का मुख्य स्रोत।

निर्यात (2024–25):

  • मात्रा: 18 लाख गांठें (0.31 MMT) → वैश्विक निर्यात का 3.37%।
  • मूल्य: 11.49 बिलियन USD।
  • प्रमुख देश: USA (26.35%), बांग्लादेश (19.81%), श्रीलंका (5.11%), UK (2.38%), UAE (2.32%)।

भौगोलिक विस्तार:

  • उत्तरी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान।
  • मध्य क्षेत्र: गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश।
  • दक्षिणी क्षेत्र: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक।
  • ओडिशा और तमिलनाडु में भी।

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