भारतीय रेलवे ने हरियाणा में उत्तरी रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेनसेट को चलाने की मंज़ूरी दे दी है। रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (RDSO) द्वारा विकसित यह पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन, जर्मनी, जापान, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों के साथ, हाइड्रोजन रेल टेक्नोलॉजी पर प्रयोग करने वाले देशों की वैश्विक लीग में भारत के प्रवेश का प्रतीक है।
⚙️ मुख्य विशेषताएं
- ट्रेनसेट: 10-कोच वाली यात्री ट्रेन
- प्रोपल्शन: 1,200 KW हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम
- गति: पायलट चरण के दौरान अधिकतम 75 kmph
- उत्सर्जन: शून्य कार्बन; केवल जल वाष्प और गर्मी निकलती है
- रिफ्यूलिंग हब: जींद स्टेशन पर स्वदेशी हाइड्रोजन भंडारण और रिफ्यूलिंग सुविधा स्थापित की गई है
- सुरक्षा: हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम सेंसर और 24×7 मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस




