पर्यावरण और शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में अपनी 26 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
✊ विरोध का कारण
- यह विरोध 28 जून 2026 को शुरू हुआ था। इसमें शिक्षा में सुधार और राष्ट्रीय व राज्य-स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही की मांग की गई थी।
- भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-रोधी कड़े तंत्र की मांग की गई।
- सरकार से छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने और परीक्षाओं में लोगों का भरोसा बहाल करने का आग्रह किया गया।
🕊️ उपवास की समाप्ति
- वांगचुक ने कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत और उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद लिया गया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे डॉक्टरों की सलाह मानने और जल्द स्वस्थ होने का आग्रह किया, साथ ही उनके ठीक होने की कामना करते हुए एक संदेश भी पोस्ट किया।
- इससे पहले 65 से ज़्यादा सांसदों ने उनसे शांतिपूर्ण तरीके से उपवास खत्म करने की अपील की थी।
- वांगचुक ने समर्थकों का धन्यवाद किया और सभी से सतर्क और अहिंसक बने रहने की अपील की।




