गगनयान मिशन: पहली बिना क्रू वाली उड़ान Q4 2026 में टारगेटेड है

सरकार ने संसद को बताया कि भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ने काफी प्रगति की है। इसके तहत, बिना क्रू (यात्री) वाला पहला एक्सपेरिमेंटल मिशन 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के लिए और क्रू वाला पहला मिशन 2027 के लिए तय किया गया है।

  • बिना क्रू वाला पहला एक्सपेरिमेंटल मिशन: Q4 2026, जिसमें ‘व्योममित्र’ (एक हाफ-ह्यूमनॉइड रोबोट) भी शामिल होगा।
  • गगनयान का पहला क्रू वाला मिशन: 2027 के लिए तय।
  • क्रू वाली पहली उड़ान से पहले दो और बिना क्रू वाले मिशन की योजना है।
  • ह्यूमन-रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) के प्रोपल्शन स्टेज और स्ट्रक्चर का डेवलपमेंट और ग्राउंड टेस्टिंग पूरी हो चुकी है।
  • क्रू एस्केप सिस्टम के कई बड़े सफल टेस्ट किए गए हैं, और टेस्ट व्हीकल मिशन TV-D1 ने क्रू-एस्केप टेक्नोलॉजी को सफलतापूर्वक टेस्ट किया है।
  • चुने गए गगनयात्रियों ने रूस में जेनेरिक स्पेसफ्लाइट ट्रेनिंग पूरी कर ली है और बेंगलुरु में मिशन-स्पेसिफिक ट्रेनिंग ले रहे हैं।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2024 में आठ गगनयान मिशनों के लिए ₹20,193 करोड़ की मंज़ूरी दी।
  • भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के 2035 तक चालू होने का लक्ष्य है और इसमें पांच मॉड्यूल होंगे।
  • भारत इस कार्यक्रम के अलग-अलग पहलुओं के लिए ESA, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और रूस के साथ सहयोग कर रहा है।

मुख्य बातें:
🚀 गगनयान का पहला बिना क्रू वाला मिशन → Q4 2026
👨‍🚀 पहला क्रू वाला मिशन → 2027
🛰️ भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन → 2035
💰 गगनयान के लिए आवंटन → ₹20,193 करोड़

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