ब्यूरो ऑफ़ पोर्ट सिक्योरिटी (BoPS) तटीय सुरक्षा को मज़बूत करेगा

10 जुलाई 2026 को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ ‘ब्यूरो ऑफ़ पोर्ट सिक्योरिटी’ (BoPS) की स्थापना की समीक्षा करते हुए भारत की तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

‘ब्यूरो ऑफ़ पोर्ट सिक्योरिटी’ (BoPS) को ‘मर्चेंट शिपिंग एक्ट, 2025’ की धारा 13 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। यह ‘पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय’ के अधीन काम करेगा और इसके प्रमुख एक महानिदेशक होंगे। यह ब्यूरो जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा को रेगुलेट और उनका निरीक्षण करेगा, सुरक्षा से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने और उसे साझा करने में मदद करेगा, और एक समर्पित IT सुरक्षा डिवीजन के माध्यम से साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा।

अमित शाह ने निर्देश दिया कि बंदरगाहों पर केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों के CISF-प्रशिक्षित कर्मियों को ही तैनात किया जाए। उन्होंने ‘पोर्ट सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ में जल्द प्रशिक्षण शुरू करने, सुरक्षा कर्मियों का एक व्यापक डेटाबेस बनाने, BoPS के दायरे में आने वाले बंदरगाहों पर कंटेनर-स्कैनिंग सुविधाएं लगाने, और विशाखापत्तनम बंदरगाह, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह तथा मुंद्रा बंदरगाह पर सुरक्षा ट्रायल रन आयोजित करने का भी आदेश दिया।

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