भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक निर्णायक चरण में पहुँच गया है, क्योंकि यूरोपीय परिषद ने 11 सितंबर 2026 को इस समझौते को अंतिम मंज़ूरी की दिशा में आगे बढ़ाया है। उम्मीद है कि 2026 के अंत तक इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर हो जाएंगे।
प्रस्तावित FTA की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- व्यापार: वस्तुओं और सेवाओं के लिए बाज़ार तक बेहतर पहुँच और टैरिफ में कटौती।
- भारत को होने वाले संभावित लाभ: टेक्सटाइल (कपड़ा), फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं), IT सेवाओं और कृषि उत्पादों के लिए ड्यूटी-फ्री या बेहतर पहुँच।
- EU को होने वाले संभावित लाभ: ऑटोमोबाइल, मशीनरी, वाइन और लग्ज़री सामानों पर भारतीय टैरिफ में कमी।
- डिजिटल और ग्रीन इकोनॉमी: ई-कॉमर्स, डेटा सुरक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) और जलवायु संबंधी प्रतिबद्धताओं पर सहयोग।
- आवाजाही (मोबिलिटी): भारतीय पेशेवरों, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए EU देशों में काम करने या पढ़ाई करने के आसान रास्ते।
- विवाद समाधान: व्यापारिक विवादों को सुलझाने और रेगुलेटरी मुद्दों को हल करने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा।
- रणनीतिक महत्व: यह समझौता भारत-EU आर्थिक संबंधों को मज़बूत करेगा, भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति का समर्थन करेगा और EU को अमेरिका और चीन से परे अपने व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने में मदद करेगा।




