प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6-8 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा की। 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महत्वपूर्ण खनिजों और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मुख्य परिणाम
- डिजिटल सहयोग: इंडोनेशिया ने भारत के ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ONDC) फ्रेमवर्क पर आधारित ‘इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क’ (ION) लॉन्च किया। भारत के UPI और इंडोनेशिया के QRIS पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने (इंटीग्रेशन) की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
- स्वास्थ्य सेवा: दोनों देश भारत की ‘जन औषधि योजना’ से प्रेरित होकर, सस्ती भारतीय दवाइयों की आपूर्ति के लिए सरकार-से-सरकार (G2G) स्तर का फ्रेमवर्क बनाने पर सहमत हुए।
- महत्वपूर्ण खनिज: निकेल, तांबा और बॉक्साइट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे दोनों देशों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
- रक्षा और समुद्री सुरक्षा: इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की बिक्री के बाद, दोनों नेताओं ने ‘एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौते’ पर हस्ताक्षर करके रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाया। भारत, नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में इंडोनेशियाई रक्षा कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण स्लॉट भी उपलब्ध कराएगा।
- सांस्कृतिक संबंध: नेताओं ने इंडोनेशिया में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, प्रम्बानन मंदिर में संरक्षण कार्य का उद्घाटन किया। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की 1927 की इंडोनेशिया यात्रा की 100वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 2027 को “टैगोर-देवान्तारा वर्ष” घोषित किया।
- भू-राजनीतिक सहयोग: दोनों देशों ने एक स्वतंत्र, खुले और नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इंडोनेशिया ने 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए भी अपना समर्थन व्यक्त किया।
आर्थिक महत्व
इंडोनेशिया, ASEAN में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है; 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 24.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।




