भारत की वास्तविक GDP वित्त वर्ष 2026–27 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में 7.8% बढ़ी, जबकि वास्तविक GVA में 8.2% की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति-श्रृंखला में व्यवधानों के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधियों को दर्शाती है।
प्रमुख बिंदु
- वास्तविक GDP वृद्धि: वित्त वर्ष 2026–27 की पहली तिमाही में 7.8%
- वास्तविक GVA वृद्धि: 8.2%
- वास्तविक GDP: ₹81.36 लाख करोड़
- नाममात्र GDP: ₹88.27 लाख करोड़, जिसमें 10.3% की वृद्धि हुई
- विनिर्माण (Manufacturing): आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार
- पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन: 15.2% की वृद्धि
- विद्युत उपकरणों का विनिर्माण: 27% की वृद्धि
- कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑप्टिकल उत्पाद: 12.4% की वृद्धि
- वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात: 25.8% की वृद्धि
- आयात: 30.5% की वृद्धि
- परिवहन वस्तुओं का निर्यात: 52.2% की वृद्धि
- मशीनरी और उपकरणों का निर्यात: 31.9% की वृद्धि
- वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री: 18.3% की वृद्धि
- तीन-पहिया वाहनों की बिक्री: 29.7% की वृद्धि
- इन अनुमानों में नई राष्ट्रीय लेखा श्रृंखला (National Accounts Series) का उपयोग किया गया है, जिसमें 2022–23 को आधार वर्ष बनाया गया है। इसे MoSPI ने फरवरी 2026 में पेश किया था।
- अगले GDP अनुमान (वित्त वर्ष 2026–27 की दूसरी तिमाही): 30 नवंबर 2026 को जारी होने निर्धारित हैं।




