केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को अप्रैल 2026 में संसद द्वारा पारित किया गया। इसका उद्देश्य भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में अधिकारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और नेतृत्व संरचना के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित करना है। यह विधेयक वरिष्ठ पदों पर IPS अधिकारियों की अधिक प्रतिनियुक्ति (deputation) पर जोर देता है, जिससे एकरूपता और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित की जा सके।
🛡️ CAPFs (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के बारे में
CAPFs गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाले अर्धसैनिक बल हैं, जो आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए जिम्मेदार होते हैं। प्रमुख CAPFs निम्नलिखित हैं:
- CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल): आंतरिक सुरक्षा, उग्रवाद विरोधी अभियान
- BSF (सीमा सुरक्षा बल): भारत की सीमाओं (पाकिस्तान और बांग्लादेश) की रक्षा
- ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस): चीन सीमा पर सुरक्षा
- CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल): हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
- SSB (सशस्त्र सीमा बल): नेपाल और भूटान सीमा की निगरानी
- असम राइफल्स: सबसे पुराना अर्धसैनिक बल, पूर्वोत्तर क्षेत्र में कार्यरत (गृह मंत्रालय के अधीन, लेकिन सेना की भूमिका भी)
⚖️ विधेयक की मुख्य विशेषताएं
🔹 प्रतिनियुक्ति (Deputation) नीति:
- 50% इंस्पेक्टर जनरल (IG) पद
- कम से कम 67% अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद
- 100% विशेष महानिदेशक (Special DG) और महानिदेशक (DG) पद
➡️ इन पदों को मुख्यतः IPS अधिकारियों के माध्यम से भरा जाएगा
🔹 अन्य प्रावधान:
- यह ग्रुप ‘A’ जनरल ड्यूटी अधिकारियों को कवर करता है
- CAPFs में भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्तों के लिए एक समान नियम लागू करता है



