पीएम नरेंद्र मोदी 15–20 मई 2026 के दौरान छह दिन, पाँच देशों की विदेश यात्रा पर हैं। इस दौरे में वे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करना है। यह भारत की वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल मानी जा रही है।
🌍 दौरे का सारांश (15–20 मई 2026)
- दौरे के देश: संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे, इटली
- उद्देश्य: ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करना, व्यापार और निवेश बढ़ाना, प्रौद्योगिकी सहयोग गहरा करना, रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करना
- परिप्रेक्ष्य: यह दौरा वैश्विक ऊर्जा मूल्य संकट और पश्चिम एशिया व यूरोप में भू-राजनीतिक तनावों के बीच हो रहा है
🏛 देशवार मुख्य बिंदु
| देश | मुख्य मुलाकातें | केंद्रित क्षेत्र |
|---|---|---|
| यूएई (15 मई) | राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नहयान से मुलाकात | ऊर्जा सुरक्षा, कच्चा तेल व एलएनजी आपूर्ति, निवेश, क्षेत्रीय सुरक्षा |
| नीदरलैंड्स (15–17 मई) | पीएम रॉब जेटन से वार्ता, राजा विलेम-अलेक्ज़ेंडर व रानी मैक्सिमा से मुलाकात | व्यापार, सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा, भारत–ईयू व्यापार समझौता |
| स्वीडन (17–18 मई) | पीएम उल्फ क्रिस्टरसन व ईयू प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात | नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, निवेश, रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार से सम्मानित |
| नॉर्वे (18–19 मई) | पीएम जोनास गाहर स्टोरे व राजा हेराल्ड V से मुलाकात | ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप, इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव, भारत–नॉर्डिक शिखर सम्मेलन |
| इटली (19–20 मई) | पीएम जॉर्जिया मेलोनी से वार्ता निर्धारित | रक्षा, गतिशीलता, समुद्री सहयोग, विनिर्माण साझेदारी |
यह यात्रा भारत की विदेश नीति में ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।




