केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषित दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, दिल्ली, जेवर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी को लगभग 813–865 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ेगा। यह बुलेट ट्रेन 350 किमी/घंटा तक की रफ़्तार (ऑपरेशनल स्पीड लगभग 320 किमी/घंटा) से चलेगी और इसके 2031 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा; दिल्ली-लखनऊ की यात्रा में सिर्फ़ 2 घंटे 10 मिनट, दिल्ली-वाराणसी में लगभग 3.5–4 घंटे और जेवर-लखनऊ में केवल 1 घंटा 40 मिनट लगेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹2.3 लाख करोड़ है।
यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुज़रेगा। 124 किलोमीटर की एक ब्रांच लाइन लखनऊ और अयोध्या को भी जोड़ेगी, जिससे यात्रा का समय घटकर 35–40 मिनट रह जाएगा।
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन की मुख्य बातें
- लंबाई: ~813–865 किमी
- रफ़्तार: अधिकतम 350 किमी/घंटा; ऑपरेशनल स्पीड ~320 किमी/घंटा
- यात्रा का समय:
- दिल्ली → लखनऊ: 2 घंटे 10 मिनट
- जेवर → लखनऊ: 1 घंटा 40 मिनट
- दिल्ली → जेवर: 21 मिनट
- दिल्ली → वाराणसी: 3.5–4 घंटे
- अनुमानित लागत: ₹2.3 लाख करोड़
- पूरा होने का लक्ष्य: 2031
- स्टॉप: दिल्ली (हज़रत निज़ामुद्दीन/सराय काले खां), नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी
- ब्रांच लाइन: 124 किमी लखनऊ-अयोध्या (यात्रा का समय 35–40 मिनट)




