भारत और नेपाल ने जुलाई 2026 में कोलकाता पोर्ट से नेपाल के विराटनगर कस्टम्स यार्ड तक पहली सीधी कमर्शियल कंटेनर फ्रेट ट्रेन सर्विस शुरू की है। कैनोला ले जाने वाली यह 40-वैगन वाली ट्रेन, संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत चलाई गई। इस नई सर्विस से कंटेनर कार्गो को बॉर्डर पर बिना ट्रांसशिपमेंट के सीधे रेल से ले जाया जा सकता है, जिससे ट्रांजिट का समय, लॉजिस्टिक्स लागत और कार्गो हैंडलिंग में कमी आती है और दोनों देशों के बीच व्यापार बेहतर होता है।
महत्वपूर्ण बातें:
- पहली सीधी फ्रेट ट्रेन: कोलकाता पोर्ट (भारत) → विराटनगर कस्टम्स यार्ड (नेपाल)
- ट्रेन की जानकारी: कैनोला ले जाने वाले 40 वैगन।
- प्रोटोकॉल: संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत संचालित।
- मुख्य विशेषता: बॉर्डर पर बिना ट्रांसशिपमेंट के सीधी रेल आवाजाही।
- इस्तेमाल किया गया रेल लिंक: जोगबनी (भारत) – विराटनगर (नेपाल) ब्रॉड-गेज रेल लिंक।
- रेल लिंक का उद्घाटन: जून 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी और नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा।
- संशोधित लेटर ऑफ एक्सचेंज (LoE): नवंबर 2025 में साइन किया गया, जिससे सीधे कमर्शियल ऑपरेशन संभव हुआ।
- फायदे:
- ट्रांजिट समय और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है।
- कार्गो हैंडलिंग और सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार करता है।
- तेज़, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देता है।
- भारत-नेपाल व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करता है।
- महत्व: अंतरराष्ट्रीय रेल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम।




