अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) ‘श्रेयस’ का जलावतरण 10 अक्टूबर 2026 को कोलकाता स्थित GRSE में किया गया। यह भारत के नौसैनिक जहाज निर्माण और आत्मनिर्भरता की पहलों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
– जलावतरण: उपर्युक्त समारोह में श्रीमती रेयमन कोचर ने वाइस एडमिरल अजय कोचर की उपस्थिति में पोत का जलावतरण किया।
– परियोजना की पृष्ठभूमि: यह 11 जहाजों वाली NGOPV परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और GRSE में जहाज बनाए जा रहे हैं। GRSE इस श्रृंखला के चार पोतों का निर्माण कर रहा है।
– पोत के आयाम: इसकी लंबाई लगभग 113 मीटर, चौड़ाई 14.6 मीटर और विस्थापन लगभग 3,000 टन है।
– प्रदर्शन और परिचालन सीमा: यह अधिकतम 23 नॉट की गति प्राप्त कर सकता है। 14 नॉट की परिभ्रमण गति पर इसकी परिचालन सीमा लगभग 8,500 समुद्री मील है।
– प्रमुख क्षमताएँ: इसे तटीय रक्षा, निगरानी, समुद्री डकैती-रोधी अभियानों, खोज एवं बचाव (SAR) तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सहित विभिन्न समुद्री कार्यों के लिए तैयार किया गया है।




