इसरो ने अपने स्पैडेक्स मिशन के तहत रोलिंग प्रयोग पूरा किया

27 मार्च, 2025 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रोलिंग प्रयोग पूरा किया। यह इसके स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (स्पाडेक्स) मिशन का हिस्सा था।

इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने प्रयोग की सफलता की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इसरो मिशन के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में डॉकिंग की कोशिश करेगा।

रोलिंग एक्सपेरिमेंट को रोटेटिंग एक्सपेरिमेंट भी कहा जाता है। इसमें एक सैटेलाइट दूसरे सैटेलाइट के इर्द-गिर्द घूमता है। इसने सैटेलाइट की हरकत को नियंत्रित करने की इसरो की क्षमता का परीक्षण किया।

इस प्रयोग से इसरो को यह समझने में मदद मिलेगी कि डॉकिंग के लिए सैटेलाइट को किसी खास जगह पर कैसे लाया जाए। यह भी जांचा जाएगा कि डॉकिंग को वर्टिकल तरीके से किया जा सकता है या नहीं। इस परीक्षण से मिले डेटा चंद्रयान-4 जैसे भविष्य के मिशन के लिए उपयोगी होंगे।

इससे पहले 13 मार्च को इसरो ने स्पाडेक्स मिशन में दो सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अनडॉक किया था। यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक बड़ा कदम था।

चेयरमैन नारायणन ने कहा कि इसरो आगे की जानकारी और अनुभव हासिल करने के लिए स्पाडेक्स के तहत और डॉकिंग एक्सपेरिमेंट करेगा।

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