जनगणना 2027: भारत की पहली डिजिटल जनगणना 1 अप्रैल 2026 से

भारत अपनी पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले पहले चरण के साथ शुरू करेगा। मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा घोषित, यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और दुनिया भर में सबसे बड़ी गणना प्रक्रिया होगी, जिसमें 30 लाख से अधिक अधिकारी शामिल होंगे।

मुख्य बातें:

  • डिजिटल जनगणना: पहली बार मोबाइल ऐप्स के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा।
  • स्व-गणना: नागरिक एक सुरक्षित पोर्टल (16 भाषाओं में) के माध्यम से अपने विवरण ऑनलाइन भर सकते हैं और सत्यापन के लिए एक स्व-गणना ID (SE ID) बना सकते हैं।
  • कानूनी ढांचा: जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत आयोजित।

समय-सीमा:

  • संदर्भ तिथि: 1 मार्च, 2027(बर्फ से ढके क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के लिए 1 अक्टूबर, 2026)

दो चरण:

  1. चरण I (अप्रैल–सितंबर 2026):मकानों की सूची, आवास की स्थिति, सुविधाएं और संपत्ति
  2. चरण II (फरवरी 2027):जनसंख्या डेटा, जिसमें जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा और जाति की गणना शामिल है

पैमाना और बुनियादी ढांचा:

  • बजट: ₹11,718 करोड़
  • कवरेज: 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, ~6.4 लाख गांव, 5,000+ कस्बे
  • डिजिटल उपकरण: मोबाइल ऐप्स, स्व-गणना पोर्टल, रीयल-टाइम निगरानी डैशबोर्ड
  • 31 लाख गणनाकारों और पर्यवेक्षकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण प्रणाली

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