प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा (8–10 जुलाई 2026) पर हैं। इस दौरान उन्होंने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ तीसरी भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स समिट में हिस्सा लिया। इस यात्रा का मकसद भारत-ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
मुख्य बातें
- व्यापार और अर्थव्यवस्था: दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को आगे बढ़ाने और अहम खनिजों, सप्लाई-चेन की मजबूती, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
- रक्षा और सुरक्षा: दोनों देश समुद्री सुरक्षा, रक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में, सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए।
- टेक्नोलॉजी और शिक्षा: डिजिटल इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उच्च शिक्षा, छात्रों की आवाजाही और कौशल विकास पर चर्चा हुई।
- सांस्कृतिक कूटनीति: पीएम मोदी ने “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए भारत-ऑस्ट्रेलिया की दोस्ती का जश्न मनाया गया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-इंडिया ऑर्केस्ट्रा द्वारा “मां तुझे सलाम” की प्रस्तुति की भी सराहना की, जो वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित की गई थी।
- अन्य कार्यक्रम: पीएम मोदी ने गवर्नर-जनरल सैम मॉस्टिन से भी मुलाकात की और भारत-ऑस्ट्रेलिया CEOs फोरम में हिस्सा लिया।
महत्व
प्रधानमंत्री के तौर पर ऑस्ट्रेलिया की यह पीएम मोदी की तीसरी यात्रा है (इससे पहले 2014 और 2023 में यात्राएं हुई थीं)। यह यात्रा उनके इंडोनेशिया दौरे के बाद हो रही है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दर्शाती है।




