27 अगस्त 2025 को, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन को मंज़ूरी दे दी, जिसके तहत ऋण अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है।
- ऋण अवधि बढ़ाई गई: अब 31 मार्च 2030 तक (पूर्व में अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2024)।
- वित्तीय परिव्यय: ₹7,332 करोड़।
- ऋण वृद्धि:
- ऋण की पहली किश्त → ₹15,000 (पूर्व में ₹10,000)।
- ऋण की दूसरी किश्त → ₹25,000 (पूर्व में ₹20,000)।
- ऋण की तीसरी किश्त → ₹50,000 ही रहेगी।
- डिजिटल प्रोत्साहन:
- दूसरे ऋण के भुगतान के बाद लाभार्थियों के लिए UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड।
- खुदरा और थोक डिजिटल लेनदेन के लिए ₹1,600 तक कैशबैक प्रोत्साहन।
- कवरेज विस्तार: वैधानिक कस्बों से → अब जनगणना कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
- लाभार्थी: 50 लाख नए विक्रेताओं सहित 1.15 करोड़ विक्रेताओं को लाभान्वित किया जाएगा।
- पृष्ठभूमि: COVID-19 से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए 1 जून 2020 को शुरू किया गया।
- प्रगति (जुलाई 2025 तक): 68 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को ₹13,797 करोड़ मूल्य के 96 लाख से अधिक ऋण वितरित किए गए।