21 अगस्त 2025 को, संसद ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 पारित किया, जिससे भारत के गेमिंग क्षेत्र के लिए एक राष्ट्रीय ढाँचा तैयार हुआ।
उद्देश्य: कौशल-आधारित गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना, उद्योग का विनियमन करना, असली पैसे वाले सट्टेबाजी/दांव लगाने वाले खेलों पर प्रतिबंध लगाना और उपयोगकर्ताओं को लत और वित्तीय नुकसान से बचाना।
- प्रतिबंध: पैसे वाले खेलों, उनके विज्ञापनों और संबंधित वित्तीय लेनदेन पर प्रतिबंध।
- दंड: बार-बार अपराध करने पर 5 साल तक की जेल, ₹2 करोड़ तक का जुर्माना।
- प्रभाव: ड्रीम11, एमपीएल, पोकरबाजी जैसे असली पैसे वाले प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध; ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग के बढ़ने की उम्मीद।