केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल बोर्ड) नियम, 2026 और राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है। यह अधिसूचना 25 मई 2026 को भारतीय खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विवाद समाधान को मज़बूत करने के उद्देश्य से जारी की गई थी।
नए नियमों के तहत, राष्ट्रीय खेल बोर्ड राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता देने और शासन, वित्तीय तथा नैतिक मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा। बोर्ड में एक अध्यक्ष और दो सदस्य शामिल होंगे, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा एक खोज-सह-चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी।
राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण की स्थापना खेल-संबंधी विवादों को शीघ्रता से, स्वतंत्र रूप से और कम लागत पर हल करने के लिए एक समर्पित निकाय के रूप में की गई है। ये नियम एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से विवादों की ऑनलाइन फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, आदेशों के प्रकाशन और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के रखरखाव जैसी डिजिटल सुविधाएँ भी प्रदान करते हैं।
न्यायाधिकरण का उद्देश्य दीवानी अदालतों पर निर्भरता को कम करना और भारत में खेल प्रशासन से जुड़े विवादों के तेज़ तथा सरल समाधान के लिए एक ‘सिंगल-विंडो’ (एकल-खिड़की) तंत्र प्रदान करना है।




