प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को कोलकाता में तीन स्वदेशी नौसैनिक जहाजों को कमीशन किया:
- INS अग्रय
- INS दूनागिरी
- INS संशोधक
ये तीनों युद्धपोत भारत में ही डिज़ाइन और बनाए गए थे, जो रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की सफलता को दिखाते हैं।
⚓ भारत की नौसेना और रक्षा प्रगति
- हाल के वर्षों में 40 से ज़्यादा ‘मेड-इन-इंडिया’ युद्धपोत और पनडुब्बियां भारतीय नौसेना में शामिल हुई हैं।
- अभी लगभग 45 बड़े नौसैनिक युद्धपोत बन रहे हैं।
- यह कमीशनिंग भारत के स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को शामिल किए जाने के बाद हुई है।
🏭 रक्षा निर्माण में बढ़ोतरी
- भारत का सालाना रक्षा उत्पादन लगभग ₹40,000 करोड़ (2014) से बढ़कर लगभग ₹1.8 लाख करोड़ हो गया है।
- रक्षा निर्यात 2014 से पहले के लगभग ₹700 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹40,000 करोड़ हो गया है।
- अब भारतीय रक्षा उपकरण 80 से ज़्यादा देशों को निर्यात किए जाते हैं।




