31वां संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP31) 9 से 20 नवंबर 2026 तक अंताल्या, तुर्किये (तुर्की) में आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) के तहत किया जाता है। इसमें जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर चर्चा करने हेतु लगभग सभी देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
COP31 का उद्देश्य पेरिस समझौते (Paris Agreement) के कार्यान्वयन में तेजी लाना, वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5°C तक सीमित रखने के प्रयासों को मजबूत करना, विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त जुटाना, स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण को बढ़ावा देना तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है।
प्रमुख एजेंडा बिंदु:
- विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त।
- नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार और ऊर्जा दक्षता।
- ग्रीनहाउस गैसों और मीथेन उत्सर्जन में कमी।
- जलवायु अनुकूलन और आपदा से निपटने की क्षमता।
- सतत शहर और चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) से जुड़ी पहल।
- जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) पर निर्भरता को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में बदलाव।
COP क्या है?
COP का पूरा नाम Conference of the Parties (पक्षकारों का सम्मेलन) है। यह UNFCCC का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। 1992 में इस अभिसमय को अपनाए जाने के बाद से, जलवायु परिवर्तन से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए नए उपायों पर बातचीत करने हेतु प्रतिवर्ष COP बैठकों का आयोजन किया जाता है।




