पुरस्कार और सम्मान

मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार मिला

मेजर अभिलाषा बराक, जो भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं, को ‘संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार की घोषणा 23 मई 2026 को की गई थी, और सम्मान समारोह 29 मई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में ‘फीमेल एंगेजमेंट टीम’ की कमांडर के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। अपने मिशन के दौरान, उन्होंने महिलाओं और किशोरियों के लिए सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों पर बड़े पैमाने पर काम किया, और शांति सैनिकों के लिए ‘जेंडर सेंसिटाइजेशन’ (लैंगिक संवेदनशीलता) प्रशिक्षण भी आयोजित किए।

मेजर अभिलाषा बराक, मेजर सुमन गवानी (2019) और मेजर राधिका सेन (2023) के बाद, इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने वाली तीसरी भारतीय महिला अधिकारी बन गई हैं। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2026 प्रदान किए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 मई को राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2026 प्रदान किए, जिसमें कला, सिनेमा, साहित्य, शिक्षा, खेल और जनसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों की 66 जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में कई भावुक पल भी आए, जब हेमा मालिनी ने अपने दिवंगत पति और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के लिए पद्म विभूषण स्वीकार किया।

📌 पद्म पुरस्कार 2026 समारोह की मुख्य बातें

  • तारीख और स्थान: 25 मई 2026, गणतंत्र मंडप, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
  • मंजूर किए गए कुल पुरस्कार: 131 (5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण, 113 पद्म श्री)।
  • पहला चरण: 66 पुरस्कार प्रदान किए गए (2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण, 58 पद्म श्री)। बाकी पुरस्कार बाद में दिए जाएंगे।
  • उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

🏅 प्रमुख पुरस्कार विजेता

पद्म विभूषण (असाधारण सेवा)

  • धर्मेंद्र (मरणोपरांत): बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता, जिन्हें भारतीय सिनेमा में दशकों लंबे योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने ग्रहण किया।
  • डॉ. एन. राजम: जानी-मानी वायलिन वादक, जिन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सराहा गया।

पद्म भूषण (उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा)

  • पीयूष पांडे (मरणोपरांत): विज्ञापन जगत की जानी-मानी हस्ती, जिन्हें भारतीय विज्ञापन क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए सम्मानित किया गया।
  • ममूटी: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, जिन्हें भारतीय सिनेमा में उनके यादगार अभिनय के लिए पहचाना गया।
  • अलका याग्निक: जानी-मानी पार्श्व गायिका, जिन्हें भारतीय संगीत में उनके विशाल योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • भगत सिंह कोश्यारी: महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल।
  • उदय कोटक: जाने-माने बैंकर और कारोबारी नेता।

पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा)

  • हरमनप्रीत कौर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान।
  • मामिडाला जगदीश कुमार: UGC के पूर्व अध्यक्ष, जिन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • प्रसेनजीत चटर्जी: बंगाली सिनेमा के अनुभवी अभिनेता, जिन्हें सिनेमा जगत में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • आर. माधवन: अभिनेता और फिल्म निर्माता, जिन्हें भारतीय सिनेमा में उनके काम के लिए पहचाना गया। सतीश शाह (मरणोपरांत): अभिनेता, जिन्हें रंगमंच और सिनेमा में उनके आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता प्रवीण कुमार: खेलों में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित।

PM नरेंद्र मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 17 मई 2026 को गोथेनबर्ग की अपनी यात्रा के दौरान स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘रॉयल ​​ऑर्डर ऑफ़ द पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ़ क्रिस्टरसन की उपस्थिति में प्रदान किया। 1748 में स्थापित, यह सम्मान स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान है जो किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को दिया जाता है।

‘पोलर स्टार’ (ध्रुव तारा) ज्ञानोदय और “अज्ञानता के अंधकार” पर विजय का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत की जनता और भारत-स्वीडन की मज़बूत दोस्ती को समर्पित किया।

इसके साथ ही, नरेंद्र मोदी को अपना 31वाँ अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है, जो भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और कूटनीतिक कद को दर्शाता है।

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025: पूरे भारत से 42 पंचायतों का चयन

पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की घोषणा की, जिसमें ग्रामीण विकास, सुशासन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में बेहतरीन काम करने वाली 42 पंचायतों को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार समारोह 3 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

ये पुरस्कार DDUPSVP और NDSPSVP श्रेणियों के तहत बेहतरीन ग्राम, ब्लॉक और जिला पंचायतों को दिए जाते हैं। कर्नाटक ने सबसे ज़्यादा पुरस्कार (6) जीते, जिसके बाद आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने 5-5 पुरस्कार जीते।

एक खास बात यह रही कि मिजोरम की कावर्थाह नॉर्थ विलेज काउंसिल ने पर्यावरण संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अपने काम के लिए “स्वच्छ और हरित पंचायत” श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया।

कुल मिलाकर शीर्ष विजेताओं में शामिल हैं:

  • सेपाहिजाला (त्रिपुरा) ने सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत का पुरस्कार जीता
  • हरिप्पाड (केरल) ने सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत का पुरस्कार जीता
  • न्यू नापाम (असम) ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत का पुरस्कार जीता

ये पुरस्कार राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) का हिस्सा हैं और इनमें ₹50 लाख से लेकर ₹5 करोड़ तक की इनामी राशि शामिल है।

पुलित्ज़र पुरस्कार 2026: भारतीय पत्रकार आनंद आरके, सुपना शर्मा और अनिरुद्ध घोषाल ने प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते।

पुलित्ज़र पुरस्कार 2026 के विजेताओं की घोषणा 4 मई 2026 को कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क में की गई। यह पुरस्कार पत्रकारिता, पुस्तकों, नाटक और संगीत में उत्कृष्टता को सम्मानित करता है। भारतीय पत्रकार आनंद आर.के., सुपर्णा शर्मा और अनिरुद्धा घोषाल ने अपने पुरस्कारों से देश को गौरवान्वित किया।

📰 भारतीय विजेता

आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा

  • श्रेणी: चित्रित रिपोर्टिंग और टिप्पणी
  • कार्य: भारत में साइबर अपराध पर ब्लूमबर्ग परियोजना
  • महत्व: भारत में डिजिटल सुरक्षा और खोजी पत्रकारिता की बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है।

अनिरुद्धा घोषाल

  • श्रेणी: अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग
  • कार्य: एसोसिएटेड प्रेस द्वारा वैश्विक मुद्दों, शासन और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर कवरेज
  • महत्व: वैश्विक खोजी पत्रकारिता में भारतीय पत्रकारों के योगदान की मान्यता।

🏆 पुलित्ज़र पुरस्कार के बारे में

  • स्थापना: 1917, हंगेरियन-अमेरिकी पत्रकार और प्रकाशक जोसेफ पुलित्ज़र की वसीयत के प्रावधानों द्वारा।
  • प्रशासन: कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क।
  • श्रेणियाँ: पत्रकारिता, पुस्तकें, नाटक और संगीत (2026 में कुल 23 श्रेणियाँ)।
  • प्रतिष्ठा: अमेरिकी पत्रकारिता का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो रिपोर्टिंग, टिप्पणी और कहानी कहने में उत्कृष्टता को पहचानता है।
  • पुरस्कार: विजेताओं को प्रमाणपत्र और अधिकांश श्रेणियों में 15,000 अमेरिकी डॉलर की नकद राशि दी जाती है।

सात वर्षीय इशांक सिंह पाक जलडमरूमध्य पार करने वाले सबसे कम उम्र के तैराक बने।

झारखंड के रांची के रहने वाले सात साल के ईशान सिंह ने 30 अप्रैल, 2026 को श्रीलंका और भारत के बीच मौजूद 29 किलोमीटर लंबी और खतरनाक पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) को पार करके इतिहास रच दिया। उन्होंने यह कारनामा 9 घंटे 50 मिनट में पूरा किया। यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने उन्हें “पाक जलडमरूमध्य पार करने वाला सबसे कम उम्र का और सबसे तेज़ तैराक” के रूप में मान्यता दी है।

🌐 पाक जलडमरूमध्य के बारे में

  • स्थान: तमिलनाडु (भारत) और उत्तरी श्रीलंका के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग।
  • लंबाई: लगभग 85 किलोमीटर; चौड़ाई 30 से 80 किलोमीटर के बीच अलग-अलग है।
  • महत्व: ऐतिहासिक रूप से व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण रहा है; अब तेज़ समुद्री धाराओं और अप्रत्याशित मौसम के कारण खुले पानी में तैरने वाले तैराकों के लिए एक लोकप्रिय चुनौती बन गया है।

🏆 पिछले और अन्य रिकॉर्ड

  • जय जसवंत (तमिलनाडु, 2019): 10 साल की उम्र में, 10 घंटे 30 मिनट में इसे पार किया।
  • बुला चौधरी (पश्चिम बंगाल, 1991): पाक जलडमरूमध्य पार करने वाली पहली भारतीय महिला।
  • अन्य उल्लेखनीय प्रयास: दुनिया भर के सहनशक्ति वाले तैराकों ने इस जलडमरूमध्य को पार करने का प्रयास किया है; इसकी कठिनाई की तुलना अक्सर इंग्लिश चैनल से की जाती है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 विजेता

साहित्य अकादमी ने 16 मार्च 2026 को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 की घोषणा की, जिसमें 24 भारतीय भाषाओं की बेहतरीन साहित्यिक कृतियों को सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों में कविता, उपन्यास, लघुकथाएँ, निबंध, साहित्यिक आलोचना, आत्मकथा और संस्मरण जैसी विविध विधाओं को शामिल किया गया है।

इस वर्ष चुने गए विजेताओं में 8 कविता संग्रह, 4 उपन्यास, 6 लघुकथा संग्रह, 2 निबंध संग्रह, 1 साहित्यिक आलोचना कृति, 1 आत्मकथा और 2 संस्मरण शामिल हैं। विजेताओं का चयन एक कड़ी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसमें विशेषज्ञ जूरी की सिफारिशें शामिल थीं।

पुरस्कार पाने वालों में नवतेज सरना (अंग्रेजी उपन्यास ‘Crimson Spring’), ममता कालिया (हिंदी संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’) और एन. प्रभाकरन (मलयालम उपन्यास ‘Maayaamanushyar’) प्रमुख हैं।

प्रत्येक पुरस्कार के तहत एक ताम्र-फलक, एक शॉल और 1 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है; पुरस्कार वितरण समारोह 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

ऑस्कर 2026 के विजेता: सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म (98वें अकादमी पुरस्कार)

98वें एकेडमी अवार्ड्स 15 मार्च, 2026 को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित किए गए थे, जिसकी मेज़बानी कोनन ओ’ब्रायन ने की थी। फ़िल्म ‘One Battle After Another’ इस समारोह में छाई रही, जिसने ‘बेस्ट पिक्चर’ का अवार्ड जीता और कुल मिलाकर छह अवार्ड अपने नाम किए।

माइकल बी. जॉर्डन (‘Sinners’) ने ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड जीता, जबकि जेसी बकली (‘One Battle After Another’) ने ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का अवार्ड जीता, और रयान कूगलर को ‘बेस्ट डायरेक्टर’ का अवार्ड मिला।

अन्य उल्लेखनीय फ़िल्मों में ‘Sinners’ (4 अवार्ड) और ‘Frankenstein’ (3 अवार्ड) शामिल थीं। इस कार्यक्रम में कड़ी प्रतिस्पर्धा, विजेताओं में विविधता और वैश्विक भागीदारी देखने को मिली, जिसमें प्रियंका चोपड़ा जोनास ने एक प्रस्तुतकर्ता के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

NBEMS ने AI-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

25 फरवरी 2026 को, यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री के तहत एक ऑटोनॉमस बॉडी, नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। ​​इसे YouTube पर हेल्थकेयर में सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेसन की लाइव स्ट्रीम होस्ट करने के लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से ऑफिशियली पहचान मिली।

यह रिकॉर्ड हेल्थकेयर में AI पर एक देशव्यापी ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम के ज़रिए हासिल किया गया, जिसे खास तौर पर पूरे भारत में रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस पहल ने बड़े पैमाने पर, टेक्नोलॉजी से चलने वाली मेडिकल एजुकेशन देने के लिए NBEMS के डिजिटल प्लेटफॉर्म के असरदार इस्तेमाल को हाईलाइट किया।

NBEMS के प्रेसिडेंट डॉ. अभिजात शेठ ने इस पहचान को मेडिकल एजुकेशन में डिजिटल इनोवेशन में भारत की लीडरशिप का सबूत बताया। उन्होंने कॉम्पिटेंसी-बेस्ड लर्निंग और देश भर में हेल्थकेयर डिलीवरी की क्वालिटी को बेहतर बनाने के मकसद से भविष्य की पहल शुरू करने के लिए NBEMS के कमिटमेंट को फिर से कन्फर्म किया।

बाफ्टा अवॉर्ड्स 2026: मणिपुरी फिल्म बूंग ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड जीता

फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट की प्रोड्यूस की हुई मणिपुरी फिल्म बूंग ने 22 फरवरी 2026 को लंदन में बेस्ट बच्चों और फैमिली फिल्म का BAFTA अवॉर्ड जीता। डेब्यूटेंट लक्ष्मीप्रिया देवी के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म लिलो एंड स्टिच, आर्को और ज़ूट्रोपोलिस 2 जैसी इंटरनेशनल फिल्मों के बीच सबसे अलग रही। अपनी एक्सेप्टेंस स्पीच में देवी ने शांति के लिए एक इमोशनल अपील की। ​​उन्हें यह अवॉर्ड पैडिंगटन द म्यूजिकल के लीड कैरेक्टर पैडिंगटन बेयर से मिला, और उनके साथ स्टेज पर प्रोड्यूसर फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी और असिस्टेंट डायरेक्टर राहुल शारदा भी थे। फिल्म में गुगुन किपगेन और बाला हिजाम हैं।

79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTAs) में, एक्शन थ्रिलर वन बैटल आफ्टर अनदर ने सेरेमनी में अपना दबदबा बनाया, जिसने बेस्ट फिल्म समेत छह अवॉर्ड जीते। पॉल थॉमस एंडरसन ने बेस्ट डायरेक्टर के साथ-साथ बेस्ट अडैप्टेड स्क्रीनप्ले और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी के अवॉर्ड जीते, और अपना डायरेक्शन का सम्मान दिवंगत प्रोड्यूसर और असिस्टेंट डायरेक्टर ब्रिट एडम सोमनर को डेडिकेट किया। इस फ़िल्म ने शॉन पेन के लिए सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड भी जीता और 14 BAFTA और 13 ऑस्कर नॉमिनेशन के साथ ऑस्कर में एक मज़बूत दावेदार के तौर पर एंट्री की।

वैम्पायर सागा सिनर्स और गॉथिक हॉरर फ्रैंकनस्टाइन ने तीन-तीन अवॉर्ड जीते। रयान कूगलर को सिनर्स के लिए बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले मिला, जबकि वुनमी मोसाकू ने सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता। जेसी बकले को हैमनेट के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया, जिसने बेस्ट ब्रिटिश फ़िल्म भी जीती, और रॉबर्ट अरामायो ने आई स्वियर के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता।

लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में हुए स्टार-स्टडेड सेरेमनी में प्रिंस विलियम और कैथरीन, प्रिंसेस ऑफ़ वेल्स समेत हॉलीवुड और ब्रिटिश के बड़े स्टार्स शामिल हुए। बॉलीवुड स्टार आलिया भट्ट एक सेलिब्रिटी गेस्ट प्रेज़ेंटर के तौर पर आईं, जिन्होंने नॉर्डिक ड्रामा सेंटिमेंटल वैल्यू को बेस्ट फ़िल्म नॉट इन द इंग्लिश लैंग्वेज का अवॉर्ड दिया।

रूबल नागी ने ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 जीता।

भारतीय शिक्षाविद् और सामाजिक सुधारक रुबल नागी ने वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ग्लोबल टीचर प्राइज (Global Teacher Prize) जीता है, जिसकी राशि 10 लाख अमेरिकी डॉलर है। इसे अक्सर “शिक्षा का नोबेल” भी कहा जाता है। यह सम्मान उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों को भित्ति चित्रों (म्यूरल्स) और सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से जीवंत शिक्षण स्थलों में बदलने के उनके परिवर्तनकारी कार्य के लिए दिया गया है। इस पुरस्कार की घोषणा दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट में की गई, जिसमें समावेशी शिक्षा के लिए उनके दो दशकों के समर्पण को मान्यता दी गई।

रुबल नागी: ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 की विजेता

पुरस्कार के बारे में

ग्लोबल टीचर प्राइज:
वर्की फाउंडेशन द्वारा यूनेस्को के सहयोग से स्थापित।

पुरस्कार राशि:
10 लाख अमेरिकी डॉलर – शिक्षकों के लिए दिया जाने वाला विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार।

घोषणा स्थल:
5 फरवरी 2026, वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट, दुबई।

महत्व:
ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करता है जो पारंपरिक कक्षाओं से आगे बढ़कर समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।

रुबल नागी का योगदान

सामुदायिक शिक्षण केंद्र:
भारत के 100 से अधिक वंचित समुदायों में 800 से ज्यादा शिक्षण केंद्रों की स्थापना की, जहाँ उन बच्चों को शिक्षा मिली जो कभी स्कूल नहीं गए थे।

म्यूरल-आधारित कक्षाएँ:
झुग्गी-झोपड़ियों की उपेक्षित दीवारों को इंटरएक्टिव भित्ति चित्रों में बदला, जिनके माध्यम से साक्षरता, गणितीय कौशल, स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता सिखाई जाती है।

कला-आधारित शिक्षण पद्धति:
मुंबई की झुग्गियों से शुरुआत करते हुए कला को शिक्षा का माध्यम बनाया, जिससे बच्चों की भागीदारी बढ़ी और समावेशी शिक्षण वातावरण बना।

दर्शन:
उनका मानना है कि शिक्षा को “बच्चों तक वहीं पहुँचना चाहिए जहाँ वे हैं”, जिसमें रचनात्मकता, करुणा और निरंतरता का संतुलन हो।

पद्म पुरस्कार 2026: शीर्ष राष्ट्रीय हस्तियों सहित 131 प्राप्तकर्ताओं की घोषणा की गई

भारत सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा की है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के 131 लोगों को सम्मानित किया गया है। इस साल की खास बातों में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार शामिल हैं, जबकि क्रिकेटर रोहित शर्मा और अभिनेता आर. माधवन पद्म श्री पाने वालों में शामिल हैं।

🏅 पद्म पुरस्कार 2026 – मुख्य बातें

  • कुल पुरस्कार: 131
  • पद्म विभूषण: 5
  • पद्म भूषण: 13
  • पद्म श्री: 113
  • मरणोपरांत पुरस्कार: 16
  • महिला पुरस्कार विजेता: 19
  • विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई: 6

✨ प्रमुख पुरस्कार विजेता

पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा)

  • धर्मेंद्र सिंह देओल (कला – सिनेमा) – मरणोपरांत
  • वी.एस. अच्युतानंदन (सार्वजनिक मामले) – मरणोपरांत
  • सार्वजनिक मामलों और कला में योगदान के लिए सम्मानित अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां।

पद्म भूषण (उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा)

  • शिबू सोरेन (सार्वजनिक मामले) – मरणोपरांत
  • चिकित्सा, साहित्य और समाज सेवा में मान्यता।

पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा)

  • रोहित शर्मा (खेल – क्रिकेट)
  • आर. माधवन (कला – सिनेमा)
  • ममूटी (कला – मलयालम सिनेमा)
  • विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, समाज सेवा और सिविल सेवा से कई पुरस्कार विजेता।

📊 क्षेत्रों के अनुसार वितरण

  • कला और सिनेमा: धर्मेंद्र, ममूटी, आर. माधवन
  • खेल: रोहित शर्मा
  • सार्वजनिक मामले: वी.एस. अच्युतानंदन, शिबू सोरेन
  • चिकित्सा और विज्ञान: कई प्रतिष्ठित डॉक्टर और वैज्ञानिक
  • समाज सेवा और सिविल सेवा: कई जमीनी स्तर के नेता और प्रशासक

पद्म पुरस्कारों का महत्व

  • भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, जो हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिए जाते हैं।
  • कला, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा, सार्वजनिक मामलों, समाज सेवा और खेल जैसे क्षेत्रों में असाधारण सेवा को मान्यता देते हैं।
  • समाज को आकार देने वाली उत्कृष्टता और योगदान का जश्न मनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।

गोल्डन ग्लोब्स 2026: “वन बैटल आफ्टर अनदर” और “हैमनेट” ने टॉप सम्मान जीते।

2026 गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में, डार्क कॉमेडी “वन बैटल आफ्टर अनदर” और शेक्सपियर से प्रेरित ड्रामा “हैमनेट” ने टॉप फिल्म सम्मान जीते, क्रमशः बेस्ट मूवी म्यूजिकल या कॉमेडी और बेस्ट मूवी ड्रामा का अवॉर्ड जीता। टिमोथी चालमेट ने “मार्टी सुप्रीम” में एक प्रोफेशनल टेबल टेनिस खिलाड़ी के रोल के लिए मूवी म्यूजिकल या कॉमेडी में बेस्ट मेल एक्टर का अवॉर्ड जीता, जिसमें उन्होंने लियोनार्डो डिकैप्रियो और जॉर्ज क्लूनी जैसे बड़े दावेदारों को हराया।

नई और खास कैटेगरी में, “गुड हैंग विद एमी पोहलर” ने पॉडकास्ट अवॉर्ड जीता, जबकि नेटफ्लिक्स के K-पॉप डेमन हंटर्स के “गोल्डन” ने बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड जीता। होस्ट निक्की ग्लेज़र ने हॉलीवुड सितारों, जिसमें डिकैप्रियो भी शामिल थे, के बारे में मज़ाकिया चुटकुलों से रात को हल्का-फुल्का बनाए रखा।

गोल्डन ग्लोब्स हॉलीवुड के 2026 अवॉर्ड सीज़न के पहले बड़े इवेंट्स में से एक हैं, जो मार्च में होने वाले एकेडमी अवॉर्ड्स से पहले होते हैं। हालांकि ग्लोब्स के वोटर्स (एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट) ऑस्कर को प्रभावित नहीं करते हैं, लेकिन ये जीत अक्सर संभावित दावेदारों की पहचान बढ़ाती हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 प्रदान किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 23 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इनोवेशन के क्षेत्रों में असाधारण योगदान को पहचानते हुए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 प्रदान किए। ये पुरस्कार, अपने दूसरे एडिशन में, भारत का सर्वोच्च वैज्ञानिक सम्मान हैं और इन्हें चार कैटेगरी में दिया गया: विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा–शांति स्वरूप भटनागर, और विज्ञान टीम।

विज्ञान रत्न पुरस्कार पद्म विभूषण प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर को मरणोपरांत खगोल भौतिकी और ब्रह्मांड विज्ञान में उनके अग्रणी काम के लिए दिया गया, जिसमें होयल-नार्लीकर सिद्धांत का विकास भी शामिल है। विज्ञान श्री पुरस्कार आठ प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को दिया गया, जबकि चौदह युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान युवा–शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार मिला। विज्ञान टीम पुरस्कार CSIR अरोमा मिशन को दिया गया, जिसने विज्ञान के नेतृत्व वाले प्रभावशाली इनोवेशन को पहचान दिलाई।

पीएम नरेंद्र मोदी को ऑर्डर ऑफ ओमान (फर्स्ट क्लास) से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 18 दिसंबर 2025 को सुल्तान हैथम बिन तारिक ने उनके नेतृत्व और भारत-ओमान संबंधों को मज़बूत करने के प्रयासों के लिए ऑर्डर ऑफ़ ओमान (फर्स्ट क्लास) से सम्मानित किया।

यह सम्मान भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर दिया गया और यह पीएम मोदी की मस्कट यात्रा के दौरान हुआ, जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दिखाता है।

दिवंगत सुल्तान कबूस बिन सईद द्वारा 1970 में स्थापित, ऑर्डर ऑफ़ ओमान सल्तनत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है, जो सार्वजनिक जीवन और द्विपक्षीय संबंधों में उत्कृष्ट योगदान के लिए चुनिंदा वैश्विक नेताओं को दिया जाता है।

पीएम नरेंद्र मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिसंबर 2025 में अदीस अबाबा की यात्रा के दौरान इथियोपिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ़ इथियोपिया दिया गया। वह यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले पहले वैश्विक राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख बन गए, जो भारत-इथियोपिया संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण था।

यह पुरस्कार इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने एक विशेष समारोह में दिया, जिसमें पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और इथियोपिया की वैश्विक साझेदारियों, खासकर भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका को सराहा गया। यह अफ्रीका में भारत के बढ़ते प्रभाव और देश के साथ उसके लंबे समय से चले आ रहे सहयोग के प्रति इथियोपिया की सराहना को दर्शाता है।

सुप्रिया साहू ने UNEP चैंपियंस ऑफ़ द अर्थ 2025 अवार्ड जीता

सुप्रिया साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग, तमिलनाडु को यूएनईपी चैंपियंस ऑफ द अर्थ 2025 पुरस्कार इंस्पिरेशन एंड एक्शन श्रेणी में प्रदान किया गया है। यह संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरणीय सम्मान है।


उन्हें यह पुरस्कार क्यों मिला

  • तमिलनाडु में सस्टेनेबल कूलिंग पहल, पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन, और जलवायु लचीलापन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए।
  • यह प्रदर्शित किया कि एकीकृत शासन और प्रकृति-आधारित समाधान किस प्रकार कमजोर समुदायों की रक्षा कर सकते हैं।
  • उनके जलवायु प्रयासों से लगभग 2.5 मिलियन (25 लाख) ग्रीन नौकरियां उत्पन्न हुईं।
  • सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को मजबूत किया और वन्यजीव संरक्षण को बेहतर बनाया।
  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने के लिए लो-टेक + हाई-टेक मॉडल को बढ़ावा दिया।

🏛️ वैश्विक मंच पर पहचान

  • यह पुरस्कार नैरोबी में आयोजित यूएन एनवायरनमेंट असेंबली (UNEA-7) के दौरान घोषित किया गया।
  • इससे तमिलनाडु को जलवायु शमन, अनुकूलन और हीट-रेज़िलिएंस प्लानिंग में वैश्विक अग्रणी राज्य के रूप में पहचान मिली।

संविधान दिवस पर यूनेस्को में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण

डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण 26 नवंबर 2025 को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में किया गया, जो भारत के संविधान दिवस के साथ मेल खाता है। यह समारोह भारत के यूनेस्को राजदूत विषाल वी. शर्मा के नेतृत्व में हुआ और इसमें यूनेस्को के महानिदेशक खालिद एल-एनानी भी उपस्थित रहे। यह पहली बार है जब अंबेडकर की प्रतिमा किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था में स्थापित की गई है। प्रतिमा के साथ एक पट्टिका भी है, जो भारतीय संविधान के 70 वर्षों का सम्मान करती है।

यह आयोजन भारत के उस प्रयास को दर्शाता है, जिसमें अंबेडकर की वैश्विक विरासत—सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों—को उजागर किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अनावरण को गर्व का क्षण और भारत के संविधान निर्माता को सार्थक श्रद्धांजलि बताया। यूनेस्को ने भी उनके योगदान को स्वीकार किया और उनके आदर्शों को अपनी शिक्षा, मानवाधिकार और समानता को बढ़ावा देने की मिशन से जोड़ा।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मज़बूत करती है और सुनिश्चित करती है कि अंबेडकर का संदेश लोकतंत्र और सामाजिक सशक्तिकरण पर वैश्विक संवाद को प्रेरित करता रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इसे एक क्विज़ सेट या इन्फोग्राफिक रूपरेखा में बदल दूँ ताकि यह आपके शैक्षिक प्लेटफ़ॉर्म पर और अधिक प्रभावी लगे?

मेक्सिको की फातिमा बॉश को मिस यूनिवर्स 2025 का ताज पहनाया गया

74वाँ मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता 21 नवंबर 2025 को इम्पैक्ट चैलेंजर हॉल, पाक क्रेट, बैंकॉक (थाईलैंड) के पास आयोजित हुई। इस वर्ष का थीम था “द पावर ऑफ लव”, जिसका उद्देश्य एकता, सशक्तिकरण और करुणा को बढ़ावा देना था।

मुख्य परिणाम

  • विजेता: फातिमा बोश (मेक्सिको)
  • पहली रनर-अप: थाईलैंड
  • दूसरी रनर-अप: वेनेजुएला

प्रतिभागिता

  • 130 से अधिक देशों की प्रतियोगियों ने भाग लिया।
  • भारत की प्रतिनिधि: मनीका विश्वकर्मा, मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 — लेकिन वे टॉप 12 में स्थान नहीं बना सकीं।

सागर डिफेंस ने दुबई एयरशो 2025 में रोबोटिक्स चैलेंज जीता

18 नवंबर 2025 को, iDEX (रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार) विजेता, सागर डिफेंस ने दुबई एयरशो 2025 में VISTA ट्रैक के अंतर्गत “स्वायत्त रोबोटिक्स क्रांति को गति देना” चुनौती हासिल की और अपनी स्वायत्त प्रणालियों की अवधारणा के लिए 5,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार अर्जित किया। iDEX ने टीम को बधाई दी और इसे रक्षा नवाचार में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतिबिंब बताया।

सागर डिफेंस की विजयी पिच में “जेनेसिस” नामक एक “बोट-इन-ए-बॉक्स” एआई-संचालित मॉड्यूल शामिल था, जिसे मौजूदा जहाजों पर लगाकर उन्हें अर्ध-स्वायत्त, पूर्णतः स्वायत्त या दूर से संचालित किया जा सकता है। कंपनी ने ग्रैंड जूरी के समक्ष तीन मिनट की पिच के दौरान यह विचार प्रस्तुत किया।

2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया, iDEX तेज़ी से भारत के रक्षा-तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र का एक प्रमुख चालक बन गया है और अब 650 से अधिक स्टार्ट-अप और एमएसएमई के साथ काम करता है। दुबई एयरशो में, 15 iDEX-समर्थित स्टार्टअप्स ने रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, युद्धक्षेत्र जागरूकता, ड्रोन-रोधी प्रणालियों, AR/VR प्रशिक्षण और स्वायत्त प्लेटफ़ॉर्म में तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिनमें स्वायत्त कार्गो हवाई वाहन, मल्टी-सेंसर सैटेलाइट सिस्टम, पोर्टेबल SAR इमेज डिसरप्टर और काउंटर-यूएएस ऑपरेशन के लिए AESA रडार जैसे नवाचार शामिल थे।

वैश्विक OEM और निवेशकों की गहरी रुचि भारत के नवाचार-संचालित रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय मान्यता का संकेत देती है। एयरशो (17-21 नवंबर) में विस्टा स्टार्टअप ज़ोन ने स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, निवेशक पहुँच और वैश्विक प्रदर्शन प्रदान किया।

6वां राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जल संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 प्रदान करेंगी।

ये पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (DoWR, RD & GR) द्वारा आयोजित किए गए हैं। इस वर्ष कुल 10 श्रेणियों में 46 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर प्राप्त 751 आवेदनों में से चुना गया है।

महाराष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है, जबकि गुजरात और हरियाणा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
जिलों में राजनांदगांव (छत्तीसगढ़), खरगोन (मध्य प्रदेश), मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश), तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) और सिपाहिजला (त्रिपुरा) को शीर्ष प्रदर्शनकर्ता घोषित किया गया।

अन्य श्रेणियों में विजेता इस प्रकार हैं:

  • सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय: नवी मुंबई (महाराष्ट्र)
  • सर्वश्रेष्ठ संस्थान: आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) और आईसीएआर–सीसीएआरआई (गोवा)
  • सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत: डुब्बिगानिपल्ली (आंध्र प्रदेश) और पायम (केरल)
  • उद्योग श्रेणी के विजेता: अपोलो टायर्स लिमिटेड (तमिलनाडु), हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड (हरियाणा), झज्जर पावर लिमिटेड (हरियाणा)

इसके अलावा, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के व्यक्तियों को भी उनके असाधारण प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

2018 में शुरू किए गए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य समुदाय आधारित और सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जल समृद्ध भारत” के विज़न के अनुरूप है।

इफको और अमूल को आईसीए द्वारा विश्व की शीर्ष सहकारी समितियों में स्थान दिया गया

भारत की अग्रणी सहकारी संस्थाओं, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) और अमूल को प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रदर्शन के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) विश्व सहकारी मॉनिटर 2025 में विश्व की शीर्ष सहकारी संस्थाओं का दर्जा दिया गया है। इसकी घोषणा कतर के दोहा में आयोजित आईसीए सीएम50 सम्मेलन में की गई।

यह सम्मान अमूल के डेयरी सहकारी मॉडल को उजागर करता है, जिसने ग्रामीण आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है और लाखों किसानों की आजीविका में सुधार किया है, जिससे खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यवसाय में भारत की अग्रणी स्थिति प्रदर्शित होती है।

इफको की उसके सतत उर्वरक उत्पादन, डिजिटल नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रशंसा की गई। सामुदायिक कल्याण और हरित पहलों में मुनाफे का पुनर्निवेश करके, इफको सहकारी उत्कृष्टता के लिए वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।

भारत ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन हासिल किया

भारत ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिसमें 54 विश्वविद्यालय वैश्विक सूची में जगह बना पाए हैं—2025 में 46 और 2014 में केवल 11 से बढ़कर। यह उपलब्धि भारत को अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर लाती है, जो वैश्विक उच्च शिक्षा में इसकी बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

आईआईटी दिल्ली भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान बनकर उभरा है, जो 123वें स्थान पर पहुँच गया है, उसके बाद आईआईटी बॉम्बे (129वें) और आईआईटी मद्रास (180वें) हैं, जिन्होंने पहली बार शीर्ष 200 में प्रवेश किया है। डॉ. वी. कामकोटि (आईआईटी मद्रास) और डॉ. अश्विन फर्नांडीस (क्यूएस एशिया) सहित शिक्षा विशेषज्ञों ने इस उपलब्धि को भारत के शैक्षणिक परिवर्तन और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के उसके दृष्टिकोण का प्रतिबिंब बताया।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) 2025 ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 24 व्यक्तियों और एक टीम को सम्मानित किया। प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर को मरणोपरांत प्रदान किया गया विज्ञान रत्न, विज्ञान में आजीवन उपलब्धि को मान्यता देता है, जबकि सीएसआईआर-नीरी के निदेशक डॉ. एस. वेंकट मोहन को पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी में उनके अग्रणी कार्य के लिए विज्ञान श्री प्रदान किया गया।

भारत सरकार द्वारा स्थापित, आरवीपी पद्म पुरस्कारों की तर्ज पर एक राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार है और चार श्रेणियों – विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा और विज्ञान टीम – में उत्कृष्टता का जश्न मनाता है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा 25 अक्टूबर, 2025 को घोषित, इन पुरस्कारों का उद्देश्य भारत के आत्मनिर्भर भारत और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप वैज्ञानिक नवाचार, युवा जुड़ाव और अंतःविषय अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

2025 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार नवाचार और रचनात्मक विनाश पर कार्य के लिए दिया जाएगा

जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को 2025 का आर्थिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने यह समझाया कि नवाचार और “रचनात्मक विनाश” दीर्घकालिक आर्थिक विकास को कैसे गति देते हैं।

उनके शोध से पता चलता है कि नई तकनीकें पुरानी तकनीकों का स्थान लेती हैं, जिससे जीवन स्तर में सुधार होता है, लेकिन साथ ही ठहराव से बचने के लिए निरंतर नवाचार की भी आवश्यकता होती है।

मोकिर (नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी) ने तकनीकी प्रगति के पीछे के ऐतिहासिक कारकों का अध्ययन किया।

अघियन (कॉलेज डी फ्रांस, INSEAD, LSE) और हॉविट (ब्राउन यूनिवर्सिटी) ने एक मॉडल तैयार किया जिसमें दिखाया गया कि नवाचार कैसे विकास को बढ़ावा देता है।

अघियन ने यूरोप से अमेरिका और चीन से सीखते हुए प्रतिस्पर्धा और औद्योगिक नीति में संतुलन बनाने का आग्रह किया।
1.1 करोड़ स्वीडिश क्राउन (1.2 मिलियन डॉलर) का यह पुरस्कार 2025 का अंतिम नोबेल पुरस्कार था।

मारिया कोरिना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा

10 अक्टूबर 2025 को, वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को लोकतंत्र को बढ़ावा देने और वेनेजुएला में तानाशाही से शांतिपूर्ण परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने राजनीतिक उत्पीड़न और धमकियों के बावजूद लोकतांत्रिक प्रतिरोध की भावना को जीवित रखने के लिए उनकी प्रशंसा की।

चुनावी निगरानी संस्था सुमाते की संस्थापक और वेनेजुएला की राष्ट्रीय सभा की पूर्व सदस्य मचाडो, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के आयोजन और नागरिक स्वतंत्रता की वकालत करने में एक प्रमुख व्यक्ति रही हैं। उनकी यह मान्यता सत्तावाद के विरुद्ध अहिंसक सक्रियता और लोकतांत्रिक लचीलेपन के वैश्विक महत्व को उजागर करती है।

पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर 2025 को ओस्लो, नॉर्वे में होगा।

हंगेरियन लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई ने साहित्य में 2025 नोबेल पुरस्कार जीता

हंगेरियन लेखक लास्ज़लो क्राज़्नाहोरकाई को उनके “सम्मोहक और दूरदर्शी कार्यों के लिए 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है, जो सर्वनाशकारी आतंक के बीच कला की शक्ति की पुष्टि करते हैं।”

ग्युला, हंगरी (1954) में जन्मे क्राज़्नाहोरकाई अपने लंबे, दार्शनिक और जटिल गद्य के लिए जाने जाते हैं, जो अक्सर निराशा, अराजकता और अर्थ की खोज की पड़ताल करते हैं।

उनकी प्रमुख कृतियों में शामिल हैं:

  • सतांतंगो (1985)
  • प्रतिरोध का विषाद (1989)
  • युद्ध और युद्ध (1999)
  • सियोबो देयर बिलो (2008)
  • बैरन वेंकहाइम की घर वापसी (2016)

रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2025 – धातु-कार्बनिक फ्रेमवर्क (MOF) विकसित करने के लिए प्रदान किया जाएगा

8 अक्टूबर, 2025 को, सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया), और उमर एम. याघी (संयुक्त राज्य अमेरिका) को धात्विक-कार्बनिक ढाँचों (MOFs) के अग्रणी विकास के लिए रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। ये ढाँचे बड़े आंतरिक स्थानों वाली आणविक संरचनाएँ हैं जिनसे गैसें और रसायन आसानी से गुजर सकते हैं।

उनकी खोज ने पदार्थ विज्ञान में क्रांति ला दी है, जिससे गैस भंडारण, उत्प्रेरण और पर्यावरण शुद्धिकरण में अनुप्रयोगों को संभव बनाया जा सका है। प्रत्येक विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर के पुरस्कार का बराबर हिस्सा मिलेगा।

भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 2025 – क्वांटम भौतिकी एक चिप पर

7 अक्टूबर 2025 को, अमेरिकी वैज्ञानिकों जॉन क्लार्क, मिशेल डेवोरेट और जॉन मार्टिनिस को चिप पर क्वांटम भौतिकी का प्रदर्शन करने वाले उनके अग्रणी प्रयोगों के लिए 2025 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।

उनके कार्य ने सिद्ध किया कि सुरंग निर्माण और ऊर्जा क्वांटीकरण जैसे क्वांटम प्रभाव स्थूल विद्युत परिपथों में भी हो सकते हैं, जिससे क्वांटम कंप्यूटर, सेंसर और क्रिप्टोग्राफी के विकास को बढ़ावा मिला।

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने आधुनिक क्वांटम प्रौद्योगिकी और भौतिकी अनुसंधान में उनके योगदान को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हुए उन्हें 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर से सम्मानित किया।

मैरी ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल और शिमोन सकागुची को नियामक टी कोशिकाओं की खोज के लिए 2025 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिलेगा

2025 का फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल (दोनों अमेरिका से) और शिमोन सकागुची (जापान) को परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता पर उनकी अभूतपूर्व खोज के लिए प्रदान किया गया है।

नोबेल समिति ने 6 अक्टूबर 2025 को स्टॉकहोम, स्वीडन में इस पुरस्कार की घोषणा की, जिसमें नियामक टी कोशिकाओं (Tregs) की पहचान करने के लिए तीनों को सम्मानित किया गया – ये महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा घटक हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को शरीर के अपने ऊतकों पर हमला करने से रोकते हैं। उनकी खोज ने स्व-प्रतिरक्षित रोगों, कैंसर के इलाज और अंग प्रत्यारोपण के परिणामों में सुधार के नए रास्ते खोले हैं।

11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर का यह पुरस्कार तीनों विजेताओं के बीच बराबर-बराबर बांटा जाएगा।

  • मैरी ई. ब्रुनको (जन्म 1961) – प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएच.डी.; इंस्टीट्यूट फॉर सिस्टम्स बायोलॉजी, सिएटल में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक।
  • फ्रेड रामस्डेल (जन्म 1960) – कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स से पीएच.डी.; सोनोमा बायोथेरेप्यूटिक्स, सैन फ़्रांसिस्को में वैज्ञानिक सलाहकार।
  • शिमोन साकागुची (जन्म 1951) – क्योटो विश्वविद्यालय से एम.डी. (1976) और पीएच.डी. (1983); ओसाका विश्वविद्यालय, जापान में विशिष्ट प्राध्यापक।

उनके अग्रणी कार्य ने प्रतिरक्षा विज्ञान में क्रांति ला दी है और दुनिया भर में नैदानिक ​​परीक्षणों और चिकित्सीय नवाचारों को प्रभावित किया है।

(नोट: 2024 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को माइक्रोआरएनए की खोज और जीन विनियमन में इसकी भूमिका के लिए दिया गया था।)

Scroll to Top