पुरस्कार और सम्मान

संविधान दिवस पर यूनेस्को में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण

डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण 26 नवंबर 2025 को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में किया गया, जो भारत के संविधान दिवस के साथ मेल खाता है। यह समारोह भारत के यूनेस्को राजदूत विषाल वी. शर्मा के नेतृत्व में हुआ और इसमें यूनेस्को के महानिदेशक खालिद एल-एनानी भी उपस्थित रहे। यह पहली बार है जब अंबेडकर की प्रतिमा किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था में स्थापित की गई है। प्रतिमा के साथ एक पट्टिका भी है, जो भारतीय संविधान के 70 वर्षों का सम्मान करती है।

यह आयोजन भारत के उस प्रयास को दर्शाता है, जिसमें अंबेडकर की वैश्विक विरासत—सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों—को उजागर किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अनावरण को गर्व का क्षण और भारत के संविधान निर्माता को सार्थक श्रद्धांजलि बताया। यूनेस्को ने भी उनके योगदान को स्वीकार किया और उनके आदर्शों को अपनी शिक्षा, मानवाधिकार और समानता को बढ़ावा देने की मिशन से जोड़ा।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मज़बूत करती है और सुनिश्चित करती है कि अंबेडकर का संदेश लोकतंत्र और सामाजिक सशक्तिकरण पर वैश्विक संवाद को प्रेरित करता रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इसे एक क्विज़ सेट या इन्फोग्राफिक रूपरेखा में बदल दूँ ताकि यह आपके शैक्षिक प्लेटफ़ॉर्म पर और अधिक प्रभावी लगे?

मेक्सिको की फातिमा बॉश को मिस यूनिवर्स 2025 का ताज पहनाया गया

74वाँ मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता 21 नवंबर 2025 को इम्पैक्ट चैलेंजर हॉल, पाक क्रेट, बैंकॉक (थाईलैंड) के पास आयोजित हुई। इस वर्ष का थीम था “द पावर ऑफ लव”, जिसका उद्देश्य एकता, सशक्तिकरण और करुणा को बढ़ावा देना था।

मुख्य परिणाम

  • विजेता: फातिमा बोश (मेक्सिको)
  • पहली रनर-अप: थाईलैंड
  • दूसरी रनर-अप: वेनेजुएला

प्रतिभागिता

  • 130 से अधिक देशों की प्रतियोगियों ने भाग लिया।
  • भारत की प्रतिनिधि: मनीका विश्वकर्मा, मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 — लेकिन वे टॉप 12 में स्थान नहीं बना सकीं।

सागर डिफेंस ने दुबई एयरशो 2025 में रोबोटिक्स चैलेंज जीता

18 नवंबर 2025 को, iDEX (रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार) विजेता, सागर डिफेंस ने दुबई एयरशो 2025 में VISTA ट्रैक के अंतर्गत “स्वायत्त रोबोटिक्स क्रांति को गति देना” चुनौती हासिल की और अपनी स्वायत्त प्रणालियों की अवधारणा के लिए 5,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार अर्जित किया। iDEX ने टीम को बधाई दी और इसे रक्षा नवाचार में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतिबिंब बताया।

सागर डिफेंस की विजयी पिच में “जेनेसिस” नामक एक “बोट-इन-ए-बॉक्स” एआई-संचालित मॉड्यूल शामिल था, जिसे मौजूदा जहाजों पर लगाकर उन्हें अर्ध-स्वायत्त, पूर्णतः स्वायत्त या दूर से संचालित किया जा सकता है। कंपनी ने ग्रैंड जूरी के समक्ष तीन मिनट की पिच के दौरान यह विचार प्रस्तुत किया।

2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया, iDEX तेज़ी से भारत के रक्षा-तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र का एक प्रमुख चालक बन गया है और अब 650 से अधिक स्टार्ट-अप और एमएसएमई के साथ काम करता है। दुबई एयरशो में, 15 iDEX-समर्थित स्टार्टअप्स ने रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, युद्धक्षेत्र जागरूकता, ड्रोन-रोधी प्रणालियों, AR/VR प्रशिक्षण और स्वायत्त प्लेटफ़ॉर्म में तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिनमें स्वायत्त कार्गो हवाई वाहन, मल्टी-सेंसर सैटेलाइट सिस्टम, पोर्टेबल SAR इमेज डिसरप्टर और काउंटर-यूएएस ऑपरेशन के लिए AESA रडार जैसे नवाचार शामिल थे।

वैश्विक OEM और निवेशकों की गहरी रुचि भारत के नवाचार-संचालित रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय मान्यता का संकेत देती है। एयरशो (17-21 नवंबर) में विस्टा स्टार्टअप ज़ोन ने स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, निवेशक पहुँच और वैश्विक प्रदर्शन प्रदान किया।

6वां राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जल संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 प्रदान करेंगी।

ये पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (DoWR, RD & GR) द्वारा आयोजित किए गए हैं। इस वर्ष कुल 10 श्रेणियों में 46 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर प्राप्त 751 आवेदनों में से चुना गया है।

महाराष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है, जबकि गुजरात और हरियाणा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
जिलों में राजनांदगांव (छत्तीसगढ़), खरगोन (मध्य प्रदेश), मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश), तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) और सिपाहिजला (त्रिपुरा) को शीर्ष प्रदर्शनकर्ता घोषित किया गया।

अन्य श्रेणियों में विजेता इस प्रकार हैं:

  • सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय: नवी मुंबई (महाराष्ट्र)
  • सर्वश्रेष्ठ संस्थान: आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) और आईसीएआर–सीसीएआरआई (गोवा)
  • सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत: डुब्बिगानिपल्ली (आंध्र प्रदेश) और पायम (केरल)
  • उद्योग श्रेणी के विजेता: अपोलो टायर्स लिमिटेड (तमिलनाडु), हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड (हरियाणा), झज्जर पावर लिमिटेड (हरियाणा)

इसके अलावा, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के व्यक्तियों को भी उनके असाधारण प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

2018 में शुरू किए गए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य समुदाय आधारित और सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जल समृद्ध भारत” के विज़न के अनुरूप है।

इफको और अमूल को आईसीए द्वारा विश्व की शीर्ष सहकारी समितियों में स्थान दिया गया

भारत की अग्रणी सहकारी संस्थाओं, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) और अमूल को प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रदर्शन के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) विश्व सहकारी मॉनिटर 2025 में विश्व की शीर्ष सहकारी संस्थाओं का दर्जा दिया गया है। इसकी घोषणा कतर के दोहा में आयोजित आईसीए सीएम50 सम्मेलन में की गई।

यह सम्मान अमूल के डेयरी सहकारी मॉडल को उजागर करता है, जिसने ग्रामीण आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है और लाखों किसानों की आजीविका में सुधार किया है, जिससे खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यवसाय में भारत की अग्रणी स्थिति प्रदर्शित होती है।

इफको की उसके सतत उर्वरक उत्पादन, डिजिटल नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रशंसा की गई। सामुदायिक कल्याण और हरित पहलों में मुनाफे का पुनर्निवेश करके, इफको सहकारी उत्कृष्टता के लिए वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।

भारत ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन हासिल किया

भारत ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिसमें 54 विश्वविद्यालय वैश्विक सूची में जगह बना पाए हैं—2025 में 46 और 2014 में केवल 11 से बढ़कर। यह उपलब्धि भारत को अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर लाती है, जो वैश्विक उच्च शिक्षा में इसकी बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

आईआईटी दिल्ली भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान बनकर उभरा है, जो 123वें स्थान पर पहुँच गया है, उसके बाद आईआईटी बॉम्बे (129वें) और आईआईटी मद्रास (180वें) हैं, जिन्होंने पहली बार शीर्ष 200 में प्रवेश किया है। डॉ. वी. कामकोटि (आईआईटी मद्रास) और डॉ. अश्विन फर्नांडीस (क्यूएस एशिया) सहित शिक्षा विशेषज्ञों ने इस उपलब्धि को भारत के शैक्षणिक परिवर्तन और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के उसके दृष्टिकोण का प्रतिबिंब बताया।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) 2025 ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 24 व्यक्तियों और एक टीम को सम्मानित किया। प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर को मरणोपरांत प्रदान किया गया विज्ञान रत्न, विज्ञान में आजीवन उपलब्धि को मान्यता देता है, जबकि सीएसआईआर-नीरी के निदेशक डॉ. एस. वेंकट मोहन को पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी में उनके अग्रणी कार्य के लिए विज्ञान श्री प्रदान किया गया।

भारत सरकार द्वारा स्थापित, आरवीपी पद्म पुरस्कारों की तर्ज पर एक राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार है और चार श्रेणियों – विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा और विज्ञान टीम – में उत्कृष्टता का जश्न मनाता है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा 25 अक्टूबर, 2025 को घोषित, इन पुरस्कारों का उद्देश्य भारत के आत्मनिर्भर भारत और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप वैज्ञानिक नवाचार, युवा जुड़ाव और अंतःविषय अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

2025 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार नवाचार और रचनात्मक विनाश पर कार्य के लिए दिया जाएगा

जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को 2025 का आर्थिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने यह समझाया कि नवाचार और “रचनात्मक विनाश” दीर्घकालिक आर्थिक विकास को कैसे गति देते हैं।

उनके शोध से पता चलता है कि नई तकनीकें पुरानी तकनीकों का स्थान लेती हैं, जिससे जीवन स्तर में सुधार होता है, लेकिन साथ ही ठहराव से बचने के लिए निरंतर नवाचार की भी आवश्यकता होती है।

मोकिर (नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी) ने तकनीकी प्रगति के पीछे के ऐतिहासिक कारकों का अध्ययन किया।

अघियन (कॉलेज डी फ्रांस, INSEAD, LSE) और हॉविट (ब्राउन यूनिवर्सिटी) ने एक मॉडल तैयार किया जिसमें दिखाया गया कि नवाचार कैसे विकास को बढ़ावा देता है।

अघियन ने यूरोप से अमेरिका और चीन से सीखते हुए प्रतिस्पर्धा और औद्योगिक नीति में संतुलन बनाने का आग्रह किया।
1.1 करोड़ स्वीडिश क्राउन (1.2 मिलियन डॉलर) का यह पुरस्कार 2025 का अंतिम नोबेल पुरस्कार था।

मारिया कोरिना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा

10 अक्टूबर 2025 को, वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को लोकतंत्र को बढ़ावा देने और वेनेजुएला में तानाशाही से शांतिपूर्ण परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने राजनीतिक उत्पीड़न और धमकियों के बावजूद लोकतांत्रिक प्रतिरोध की भावना को जीवित रखने के लिए उनकी प्रशंसा की।

चुनावी निगरानी संस्था सुमाते की संस्थापक और वेनेजुएला की राष्ट्रीय सभा की पूर्व सदस्य मचाडो, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के आयोजन और नागरिक स्वतंत्रता की वकालत करने में एक प्रमुख व्यक्ति रही हैं। उनकी यह मान्यता सत्तावाद के विरुद्ध अहिंसक सक्रियता और लोकतांत्रिक लचीलेपन के वैश्विक महत्व को उजागर करती है।

पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर 2025 को ओस्लो, नॉर्वे में होगा।

हंगेरियन लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई ने साहित्य में 2025 नोबेल पुरस्कार जीता

हंगेरियन लेखक लास्ज़लो क्राज़्नाहोरकाई को उनके “सम्मोहक और दूरदर्शी कार्यों के लिए 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है, जो सर्वनाशकारी आतंक के बीच कला की शक्ति की पुष्टि करते हैं।”

ग्युला, हंगरी (1954) में जन्मे क्राज़्नाहोरकाई अपने लंबे, दार्शनिक और जटिल गद्य के लिए जाने जाते हैं, जो अक्सर निराशा, अराजकता और अर्थ की खोज की पड़ताल करते हैं।

उनकी प्रमुख कृतियों में शामिल हैं:

  • सतांतंगो (1985)
  • प्रतिरोध का विषाद (1989)
  • युद्ध और युद्ध (1999)
  • सियोबो देयर बिलो (2008)
  • बैरन वेंकहाइम की घर वापसी (2016)

रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2025 – धातु-कार्बनिक फ्रेमवर्क (MOF) विकसित करने के लिए प्रदान किया जाएगा

8 अक्टूबर, 2025 को, सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया), और उमर एम. याघी (संयुक्त राज्य अमेरिका) को धात्विक-कार्बनिक ढाँचों (MOFs) के अग्रणी विकास के लिए रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। ये ढाँचे बड़े आंतरिक स्थानों वाली आणविक संरचनाएँ हैं जिनसे गैसें और रसायन आसानी से गुजर सकते हैं।

उनकी खोज ने पदार्थ विज्ञान में क्रांति ला दी है, जिससे गैस भंडारण, उत्प्रेरण और पर्यावरण शुद्धिकरण में अनुप्रयोगों को संभव बनाया जा सका है। प्रत्येक विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर के पुरस्कार का बराबर हिस्सा मिलेगा।

भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 2025 – क्वांटम भौतिकी एक चिप पर

7 अक्टूबर 2025 को, अमेरिकी वैज्ञानिकों जॉन क्लार्क, मिशेल डेवोरेट और जॉन मार्टिनिस को चिप पर क्वांटम भौतिकी का प्रदर्शन करने वाले उनके अग्रणी प्रयोगों के लिए 2025 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।

उनके कार्य ने सिद्ध किया कि सुरंग निर्माण और ऊर्जा क्वांटीकरण जैसे क्वांटम प्रभाव स्थूल विद्युत परिपथों में भी हो सकते हैं, जिससे क्वांटम कंप्यूटर, सेंसर और क्रिप्टोग्राफी के विकास को बढ़ावा मिला।

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने आधुनिक क्वांटम प्रौद्योगिकी और भौतिकी अनुसंधान में उनके योगदान को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हुए उन्हें 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर से सम्मानित किया।

मैरी ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल और शिमोन सकागुची को नियामक टी कोशिकाओं की खोज के लिए 2025 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिलेगा

2025 का फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल (दोनों अमेरिका से) और शिमोन सकागुची (जापान) को परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता पर उनकी अभूतपूर्व खोज के लिए प्रदान किया गया है।

नोबेल समिति ने 6 अक्टूबर 2025 को स्टॉकहोम, स्वीडन में इस पुरस्कार की घोषणा की, जिसमें नियामक टी कोशिकाओं (Tregs) की पहचान करने के लिए तीनों को सम्मानित किया गया – ये महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा घटक हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को शरीर के अपने ऊतकों पर हमला करने से रोकते हैं। उनकी खोज ने स्व-प्रतिरक्षित रोगों, कैंसर के इलाज और अंग प्रत्यारोपण के परिणामों में सुधार के नए रास्ते खोले हैं।

11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर का यह पुरस्कार तीनों विजेताओं के बीच बराबर-बराबर बांटा जाएगा।

  • मैरी ई. ब्रुनको (जन्म 1961) – प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएच.डी.; इंस्टीट्यूट फॉर सिस्टम्स बायोलॉजी, सिएटल में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक।
  • फ्रेड रामस्डेल (जन्म 1960) – कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स से पीएच.डी.; सोनोमा बायोथेरेप्यूटिक्स, सैन फ़्रांसिस्को में वैज्ञानिक सलाहकार।
  • शिमोन साकागुची (जन्म 1951) – क्योटो विश्वविद्यालय से एम.डी. (1976) और पीएच.डी. (1983); ओसाका विश्वविद्यालय, जापान में विशिष्ट प्राध्यापक।

उनके अग्रणी कार्य ने प्रतिरक्षा विज्ञान में क्रांति ला दी है और दुनिया भर में नैदानिक ​​परीक्षणों और चिकित्सीय नवाचारों को प्रभावित किया है।

(नोट: 2024 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को माइक्रोआरएनए की खोज और जीन विनियमन में इसकी भूमिका के लिए दिया गया था।)

भारत ने सामाजिक सुरक्षा में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए ISSA पुरस्कार 2025 जीता

1 अक्टूबर 2025 को, भारत को मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित विश्व सामाजिक सुरक्षा मंच (WSSF) 2025 में सामाजिक सुरक्षा में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA) पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार ने मोदी सरकार की सामाजिक सुरक्षा कवरेज को 2015 के 19% से बढ़ाकर 2025 में 64.3% करने में सफलता को मान्यता दी, जिससे 94 करोड़ से अधिक नागरिकों को लाभ हुआ।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने भारत की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंत्योदय के दृष्टिकोण को इसका श्रेय दिया। ISSA महासभा में अब भारत का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक (30 सीटें) है।

प्रमुख पहलों में ई-श्रम पोर्टल (31 करोड़ असंगठित श्रमिकों का डेटाबेस), राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल, और पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और बीमा लाभ प्रदान करने में EPFO ​​और ESIC का योगदान शामिल है।

71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार 2023

23 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में वर्ष 2023 के लिए 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्रदान किए।

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: मोहनलाल (भारतीय सिनेमा में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए)।

श्रेष्ठ फ़ीचर फ़िल्म: 12th Fail (हिंदी)।

श्रेष्ठ हिंदी फ़ीचर फ़िल्म: कथल: ए जैकफ्रूट मिस्ट्री।

श्रेष्ठ अभिनेता: शाहरुख़ ख़ान (जवान) और विक्रांत मैसी (12th Fail)।

श्रेष्ठ अभिनेत्री: रानी मुखर्जी (मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे)।

श्रेष्ठ निर्देशक: सुदीप्तो सेन (द केरल स्टोरी)।

श्रेष्ठ लोकप्रिय फ़िल्म: रॉकी और रानी की प्रेम कहानी।

श्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका: शिल्पा राव (जवान)।

श्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक: पीवीएनएस रोहित (बेबी – तेलुगु)।

श्रेष्ठ गैर-फ़ीचर फ़िल्म: माउ: द स्पिरिट ड्रीम्स ऑफ़ चेरेव (मिज़ो)।

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को 23 सितंबर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारत के सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया। 400 से अधिक फ़िल्मों और कई भाषाओं में फैले अपने करियर के साथ, वे कीरीदम, भरतम, मंज़चित्रताझु, वनप्रस्थम और दृश्यम जैसी फिल्मों में अपने आइकॉनिक किरदारों के लिए सराहे जाते हैं।

पाँच बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और पद्मश्री (2001) तथा पद्मभूषण (2019) से सम्मानित मोहनलाल अपनी बहुमुखी प्रतिभा और सांस्कृतिक प्रभाव के लिए प्रशंसित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमिताभ बच्चन सहित नेताओं और सेलिब्रिटीज़ ने इस पुरस्कार को भारतीय सिनेमा में उनके बेमिसाल योगदान के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि बताया।

रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2025 – लड़कियों को शिक्षित करें (भारत)

भारतीय गैर-सरकारी संगठन फाउंडेशन टू एजुकेट गर्ल्स ग्लोबली (जिसे एजुकेट गर्ल्स के नाम से भी जाना जाता है) को 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसे अक्सर एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है।

राजस्थान में सफीना हुसैन द्वारा 2007 में स्थापित, यह संगठन ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए समुदायों और सरकारी संसाधनों को जुटाने पर केंद्रित है।

एजुकेट गर्ल्स यह पुरस्कार जीतने वाला पहला भारतीय संगठन है।

67वां रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 7 नवंबर 2025 को मेट्रोपॉलिटन थिएटर, मनीला में प्रदान किया जाएगा।

एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी सम्मेलन: भारत की हरित क्रांति के जनक को श्रद्धांजलि

एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2025 7 से 9 अगस्त 2025 तक नई दिल्ली स्थित ICAR-पूसा में आयोजित किया गया। इसका विषय था: “एवरग्रीन क्रांति – बायोहैप्पीनेस की राह”।

यह कार्यक्रम भारत की हरित क्रांति के जनक कहे जाने वाले प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें सतत कृषि, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक समानता की उनकी दूरदृष्टि का उत्सव मनाया गया।

👨‍🔬 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया, एक स्मृति सिक्का और डाक टिकट जारी किया, तथा एम.एस. स्वामीनाथन फूड एंड पीस अवॉर्ड की शुरुआत की।

🌍 इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर भागीदारी देखने को मिली, और प्रमुख विषय रहे:

  • जलवायु-संवेदनशील एवं पोषण-केंद्रित कृषि
  • जैव विविधता संरक्षण
  • बायोहैप्पीनेस – पारिस्थितिकी और मानव कल्याण का समन्वय
  • कृषि में युवाओं और महिलाओं की भूमिका

🏆 प्रथम स्वामीनाथन पुरस्कार नाइजीरिया के प्रोफेसर एडेनले को वंचित समुदायों के साथ किए गए कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिसमें मोटे अनाज (मिलेट्स), मृदा स्वास्थ्य, और सामुदायिक बीज बैंक को भविष्य की प्राथमिकताएं बताया गया।

66वें अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (आईएमओ) 2025 में भारत का जलवा

भारत ने जुलाई 2025 में ऑस्ट्रेलिया के सनशाइन कोस्ट में आयोजित 66वीं अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) में 3 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीते। यह 1989 में भारत की पहली भागीदारी के बाद से IMO में भारत का सबसे मजबूत प्रदर्शन है।

🏅 पदक विजेता:

स्वर्ण पदक:

  • कनव तलवार (दिल्ली)
  • आरव गुप्ता (दिल्ली)
  • आदित्य मंगुड़ी (महाराष्ट्र)

रजत पदक:

  • अबेल जॉर्ज मैथ्यू (कर्नाटक)
  • आदिश जैन (दिल्ली)

कांस्य पदक:

  • अर्चित मानस (दिल्ली)

🌍 वैश्विक प्रभाव:

  • कुल प्रतिभागी: 630 छात्र (जिसमें 69 छात्राएं शामिल थीं)
  • भारत की रैंक: वैश्विक स्तर पर 7वीं
  • कुल स्कोर: 252 में से 193 — भारत का अब तक का सर्वोच्च स्कोर

यह 1998 के बाद दूसरी बार है जब भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीते हैं।
भारत अब तक कुल 23 स्वर्ण पदक जीत चुका है, जिनमें से 2019 से 2025 के बीच 12 स्वर्ण शामिल हैं।

इंदौर लगातार आठवीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024–25 पुरस्कार समारोह 17 जुलाई 2025 को आयोजित हुआ, जिसमें इंदौर को एक बार फिर भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। यह इंदौर की लगातार आठवीं जीत है। सूरत और नवी मुंबई क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने स्वच्छता को विकसित भारत 2047 की दृष्टि और भारत की सांस्कृतिक मूल्यों का अभिन्न हिस्सा बताया।

🏆 मुख्य झलकियां:

🔹 शीर्ष 3 सबसे स्वच्छ शहर (कुल मिलाकर):

  1. इंदौर
  2. सूरत
  3. नवी मुंबई

🔹 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में:

🥇 अहमदाबाद पहले स्थान पर

🔹 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों में:

🥇 नोएडा
🥈 चंडीगढ़
🥉 मैसूर

कुल 78 पुरस्कार चार प्रमुख श्रेणियों में वितरित किए गए, जिनमें शामिल थे:

  • सुपर स्वच्छ लीग शहर
  • पांच विभिन्न जनसंख्या श्रेणियों में शीर्ष तीन सबसे स्वच्छ शहर

प्रधानमंत्री मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया

8 जुलाई 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रासीलिया में राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा ब्राज़ील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड कॉलर ऑफ़ द नेशनल ऑर्डर ऑफ़ द सदर्न क्रॉस से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राज़ील सरकार और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए इस सम्मान को भारत के 1.4 अरब लोगों और भारत-ब्राज़ील मैत्री के प्रति श्रद्धांजलि बताया।

उन्होंने भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी की स्थापना में राष्ट्रपति लूला की भूमिका की सराहना की और कहा कि यह पुरस्कार दोनों देशों के लोगों को अपने संबंधों को और मज़बूत करने के लिए प्रेरित करेगा।

यह प्रधानमंत्री मोदी का 26वाँ अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है, और 2 जुलाई से शुरू हुए उनके वर्तमान पाँच देशों के राजनयिक दौरे का तीसरा पुरस्कार है।

प्रधानमंत्री मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 4 जुलाई 2025 को ट्रिनिडाड और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कांगालू द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ ट्रिनिडाड एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया।

वह इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले विदेशी नेता बने हैं। यह सम्मान उन्हें उनके नेतृत्व, ग्लोबल साउथ के समर्थन, और भारत तथा ट्रिनिडाड और टोबैगो के संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के लिए दिया गया है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: आईआईटी दिल्ली भारतीय संस्थानों में शीर्ष पर

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 जारी कर दी गई हैं, जिनमें 106 देशों के 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन किया गया है। इस बार की रैंकिंग वैश्विक शैक्षिक नेतृत्व में हो रहे परिवर्तन को दर्शाती है।

🌍 विश्व की शीर्ष 3 यूनिवर्सिटियाँ:

  1. मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) – लगातार 14वें वर्ष प्रथम स्थान पर।
  2. इम्पीरियल कॉलेज लंदन – दूसरे स्थान पर बरकरार।
  3. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी – छठे से तीसरे स्थान पर छलांग; स्थिरता (sustainability) और अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी में उल्लेखनीय प्रगति।

🇮🇳 भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले संस्थान:

  • आईआईटी दिल्ली – अब 123वें स्थान पर (पहले 150 पर था)
  • आईआईटी मद्रास – 227 से बढ़कर 180
  • आईआईटी कानपुर – 263 से बढ़कर 222
  • दिल्ली विश्वविद्यालय – 328वें स्थान पर स्थिर

🔹 भारत के 41% संस्थानों की रैंकिंग में सुधार हुआ है।

🔍 वैश्विक रुझान:

  • सनवे यूनिवर्सिटी (मलेशिया) ने सबसे बड़ी छलांग लगाई – 129 स्थानों का सुधार
  • एडिलेड यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) – रणनीतिक विलय के बाद पहली बार रैंकिंग में शामिल होकर सीधे 82वें स्थान पर

प्रमुख मूल्यांकन मानदंड: स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी), शोध प्रभाव (रिसर्च इम्पैक्ट), और अंतरराष्ट्रीय विविधता।

ये रैंकिंग वैश्विक उच्च शिक्षा में बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जिनमें नवाचार, समावेशिता और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

मिस थाईलैंड ओपल सुचता चुआंगश्री ने हैदराबाद में मिस वर्ल्ड 2025 का ताज पहना

ओपल सुचता चुआंगसरी, जो थाईलैंड का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, ने 31 मई 2025 को हैदराबाद, भारत में आयोजित 72वें मिस वर्ल्ड पेजेंट में मिस वर्ल्ड 2025 का ताज पहना। उन्हें यह ताज पिछली मिस वर्ल्ड क्रिस्टिना पिज़कोवा (चेक गणराज्य) ने पहनाया, और यह थाईलैंड का मिस वर्ल्ड इतिहास में पहला जीत था।

इस आयोजन में दुनिया भर से 108 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने विभिन्न तेज़-तर्रार चुनौतियों में मुकाबला किया, जैसे कि:

  • हेड-टू-हेड चैलेंज
  • टॉप मॉडल
  • ब्यूटी विद ए पर्पस
  • टैलेंट
  • स्पोर्ट्स
  • मल्टीमीडिया

प्रतियोगिता में 40 क्वार्टरफाइनलिस्ट से शुरुआत हुई, जो फिर एक महाद्वीपीय टॉप 10, टॉप 5 और अंततः विजेता तक पहुंची। रनर-अप का खिताब मिस इथियोपिया, हसेट को मिला।

मिस ओपल ने अपनी शालीनता और मूल्यों के साथ विशेष पहचान बनाई, उन्होंने एक फ्लोरल थीम वाली सफेद गाउन पहनी थी। क्यू एंड ए राउंड में अभिनेता सोनू सूद के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में बताया कि इसने उन्हें कहानी कहने की शक्ति और व्यक्तिगत जिम्मेदारी सिखाई, और यह भी कहा कि क्रियाएँ शब्दों से हमेशा ज़्यादा मायने रखती हैं।

भारत की प्रतिनिधि, नंदिनी गुप्ता, जल्दी ही बाहर हो गईं और टॉप 8 में जगह नहीं बना पाई। भारत ने अब तक छह बार मिस वर्ल्ड का ताज जीता है, आखिरी बार 2017 में मनुषी छिल्लर के साथ।

महाद्वीपीय क्वीन्स को भी ताज पहनाया गया:

  • मिस मार्टिनिक (अमेरिका और कैरेबियाई)
  • मिस इथियोपिया (अफ्रीका)
  • मिस पोलैंड (यूरोप)
  • मिस थाईलैंड (एशिया और ओशिनिया)

समारोह में जीवंत प्रदर्शन हुए, जिनमें जैकलीन फर्नांडीस और ईशान खट्टर का बॉलीवुड सेगमेंट शामिल था। अभिनेता सोनू सूद को मिस वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड से नवाजा गया।

जूरी पैनल में शामिल थे:

  • डॉ. करीना टायरल
  • सुधा रेड्डी
  • राणा दग्गुबाती
  • जयेश रंजन
  • मनुषी छिल्लर
  • नम्रता शिरोडकर
  • सोनू सूद
  • डोना वॉश
  • जूलिया मोर्ले (मिस वर्ल्ड चेयरपर्सन और सीईओ)

राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2025 प्रदान किए

30 मई 2025 को, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 15 उत्कृष्ट नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए।

पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में सहायक नर्स दाई (ANMs), महिला स्वास्थ्य आगंतुक (LHVs), और पंजीकृत नर्सें शामिल थीं, जो सरकारी और स्वैच्छिक दोनों क्षेत्रों से थीं। उन्हें उनकी समर्पण भावना, करुणा और दृढ़ता के लिए सम्मानित किया गया।

इस समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और अनुप्रिया पटेल भी उपस्थित थे। नड्डा ने पुरस्कार विजेताओं को भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ बताया।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित इस पुरस्कार में शामिल हैं:

  • एक मेरिट प्रमाणपत्र
  • एक पदक
  • ₹1 लाख की नकद राशि

सरकार ने हाल ही में नर्सिंग शिक्षा और नियमन के आधुनिकीकरण के लिए राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग अधिनियम पारित किया है। इसके अतिरिक्त, 157 नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना भारत की स्वास्थ्य क्षमता को मजबूत करने और कुशल नर्सिंग कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जाफ़र पनाही ने 78वें कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में पाल्मे डी’ओर जीता

ईरानी फिल्म निर्माता जाफर पनाही ने 15 मई 2025 को 78वें कान फिल्म समारोह में अपनी फिल्म इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट के लिए पाल्मे डी’ओर जीता। इस समारोह में मुख्य प्रतियोगिता में 22 फिल्में शामिल थीं। ईरानी सरकार की आलोचना के लिए जाने जाने वाले पनाही को खड़े होकर तालियां मिलीं और उन्होंने अपने भाषण के दौरान ईरान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया। जापानी निर्देशक हयाकावा ची की फिल्म रेनॉयर को नामांकित किया गया था, लेकिन वह जीत नहीं पाई। वेनिस और बर्लिन के साथ-साथ कान दुनिया के शीर्ष फिल्म समारोहों में से एक है।

वीरता पुरस्कार 2025: राष्ट्रपति मुर्मू ने 39 बहादुरों को कीर्ति और शौर्य चक्र प्रदान किए

22 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह 2025 के दौरान 39 वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया, जिसमें राष्ट्र की सेवा में उनके असाधारण साहस और बलिदान को मान्यता दी गई। सशस्त्र बलों, सीएपीएफ और राज्य/यूटी पुलिस के कर्मियों को कुल छह कीर्ति चक्र और 33 शौर्य चक्र प्रदान किए गए, जिनमें से 11 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए।

कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों में से हैं, जो असाधारण बहादुरी और निस्वार्थता के कार्यों के लिए दिए जाते हैं। कीर्ति चक्र के उल्लेखनीय मरणोपरांत प्राप्तकर्ताओं में राइफलमैन रवि कुमार, कर्नल मनप्रीत सिंह, डीएसपी हिमायूं मुजम्मिल भट और नायक दिलवर खान शामिल थे, जिन्हें विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया गया था।

शौर्य चक्र प्राप्तकर्ताओं में मेजर विजय वर्मा, डिप्टी कमांडेंट विक्रांत कुमार और इंस्पेक्टर जेफरी हमिंगचुलो शामिल थे। मेजर आशीष धोंचक और कैप्टन दीपक सिंह सहित सात शौर्य चक्र मरणोपरांत प्रदान किए गए।

कर्मियों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, समुद्री डकैती विरोधी अभियानों, आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में वीरता का परिचय दिया। मुख्य आकर्षण में शामिल हैं:

  • कमोडोर शरद सिंसनवाल जैसे भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने समुद्री डकैती विरोधी और अग्निशमन अभियानों का सफल नेतृत्व किया।
  • विंग कमांडर वर्नोन डेसमंड कीन जैसे भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने जीवन रक्षक हवाई बचाव अभियान चलाए।
  • डिप्टी कमांडेंट लखवीर और मरणोपरांत पुरस्कार विजेता कांस्टेबल पवन कुमार सहित सीआरपीएफ कर्मियों ने माओवादी विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस समारोह ने भूमि, समुद्र और हवा में राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत के सुरक्षा बलों की बहादुरी, व्यावसायिकता और समर्पण को रेखांकित किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 71 प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कार 2025 प्रदान किए

28 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित प्रथम नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 71 प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। पुरस्कारों में 4 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री प्राप्तकर्ता शामिल थे। पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं में:

  • डी. नागेश्वर रेड्डी (चिकित्सा)
  • डॉ. लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम (कला)
  • एम. टी. वासुदेवन नायर (मरणोपरांत)
  • ओसामु सुजुकी (मरणोपरांत)

प्रमुख पद्म भूषण प्राप्तकर्ताओं में शामिल हैं:

  • नंदमुरी बालकृष्ण (सिनेमा)
  • शेखर कपूर (सिनेमा)
  • श्रीजेश पी. आर. (खेल – हॉकी)
  • सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत, सार्वजनिक मामले)

उल्लेखनीय पद्मश्री पुरस्कार विजेता:

  • रविचंद्रन अश्विन (क्रिकेट)
  • अरुंधति भट्टाचार्य (सार्वजनिक मामले, जन धन योजना के विस्तार के लिए)
  • स्टीफन नैप (साहित्य और शिक्षा)
  • रोनू मजूमदार (कला-संगीत)
  • डॉ. के. ओमानकुट्टी अम्मा (कला – कर्नाटक संगीत)

इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित समेत केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे शाह और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं।

पद्म पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियों का सम्मान करते हैं।

एम्स नई दिल्ली को 2024 में दुनिया के शीर्ष अस्पतालों में स्थान दिया गया

न्यूज़वीक और स्टेटिस्टा द्वारा विश्व के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की 2024 सूची में एम्स, नई दिल्ली को दुनिया का 97वाँ सर्वश्रेष्ठ अस्पताल माना गया है। यह मान्यता स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान और किफायती उपचार में एम्स की उत्कृष्टता को दर्शाती है।

रैंकिंग में 30 देशों के 2,400 से अधिक अस्पतालों का मूल्यांकन किया गया, जो रोगी की संतुष्टि, नैदानिक ​​परिणामों, स्वच्छता मानकों और विशेषज्ञ सिफारिशों के आधार पर किया गया।

सूची में अन्य भारतीय अस्पताल शामिल हैं:

  • PGIMER, चंडीगढ़ 228वें स्थान पर
  • गुड़गांव का एक निजी अस्पताल 146वें स्थान पर

ये रैंकिंग स्वास्थ्य सेवा में भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति को रेखांकित करती हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिस्बन में “शहर की कुंजी” से सम्मानित किया गया, भारत-पुर्तगाल संबंधों को मजबूत किया गया

7 अप्रैल, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रतिष्ठित “लिस्बन शहर की कुंजी” से सम्मानित किया गया, जो पुर्तगाली राजधानी का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। लिस्बन के मेयर कार्लोस मोएदास द्वारा प्रस्तुत प्रतीकात्मक इशारा आधिकारिक तौर पर उन्हें लिस्बन के मानद नागरिक के रूप में मान्यता देता है। यह समारोह कैमारा म्युनिसिपल डे लिस्बोआ में हुआ और इसमें राजनयिकों, नागरिकों और भारतीय-पुर्तगाली समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सम्मान के लिए शहर को धन्यवाद दिया और लिस्बन की सहिष्णुता, विविधता और समावेशिता की भावना की सराहना की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के मजबूत सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान का उल्लेख किया, जो पुर्तगाल में चौथा सबसे बड़ा अप्रवासी समुदाय है।

राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ और लुसोफोन देशों के साथ भारत के संबंधों में पुर्तगाल की महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में भूमिका को रेखांकित किया और वसुधैव कुटुम्बकम – दुनिया एक परिवार है – के मार्गदर्शन में “2047 तक विकसित भारत” के भारत के दृष्टिकोण की पुष्टि की।

अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू ने:

  • पुर्तगाली राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
  • व्यापार, हरित ऊर्जा, स्टार्टअप, आईटी और कुशल गतिशीलता में सहयोग पर चर्चा की।
  • महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
  • पुर्तगाली प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो से मिलने और विधानसभा, चंपालिम फाउंडेशन और राधाकृष्ण मंदिर का दौरा करने का कार्यक्रम है।

उनकी यात्रा भारत और पुर्तगाल के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का प्रतीक है और स्लोवाकिया की उनकी ऐतिहासिक दो दिवसीय यात्रा से पहले है, जो 29 वर्षों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है।

Scroll to Top