राजनीति

चुनाव आयोग ने मतदाता पहचान-पत्र-आधार को जोड़ने पर परामर्श शुरू किया

18 मार्च, 2025 को चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बड़े कदमों की घोषणा की!

वोटर आईडी और आधार लिंकिंग: 🤝 चुनाव आयोग जल्द ही यूआईडीएआई के साथ तकनीकी परामर्श शुरू करेगा ताकि वोटर आईडी को आधार से लिंक किया जा सके, जिससे एक अधिक मजबूत और सटीक मतदाता डेटाबेस सुनिश्चित हो सके। यह अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुसार किया जाएगा।

डुप्लीकेट वोटर आईडी का समाधान: 🔍 डुप्लीकेट वोटर आईडी की समस्या को अलविदा कहें! चुनाव आयोग अगले तीन महीनों के भीतर इन समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजनीतिक एजेंटों को सशक्त बनाना: 📚 फील्ड-स्तरीय राजनीतिक एजेंट (बूथ, मतदान, मतगणना और चुनाव एजेंट) को उनकी महत्वपूर्ण भूमिकाओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

मतदान कतारें छोटी होंगी: ⏳ प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए, भविष्य के मतदान केंद्रों पर अधिकतम 1,200 मतदाता ही होंगे।

संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च, 2025 को शुरू होगा

भारतीय संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च, 2025 को शुरू हुआ और 4 अप्रैल, 2025 तक चलेगा। यह सत्र 13 फरवरी, 2025 को पहले भाग के स्थगित होने के बाद शुरू हो रहा है। सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कराने को प्राथमिकता दी है, जिसके बारे में उम्मीद है कि यह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद का एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगा।

इस सत्र में पहले ही गरमागरम बहस हो चुकी है, खासकर तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों और मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर चिंता जताई है। सरकार मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर भी चर्चा करने को इच्छुक है, उम्मीद है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर बात करेंगे।

इन प्रमुख मुद्दों के अलावा, इस सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाने और आव्रजन प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के उद्देश्य से आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 को पेश किया जाएगा। लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए मणिपुर बजट पर भी चर्चा होगी।

बजट सत्र का दूसरा भाग कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने और राष्ट्रीय मुद्दों को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यवाही पर कड़ी नज़र रखी जा रही है क्योंकि सरकार और विपक्ष गहन बहस और चर्चा में लगे हुए हैं।

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