रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 5 नवंबर 2026 को ओडिशा के तट से दूर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित ‘प्रलय’ क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया।
- इस मिसाइल का विकास हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (Research Centre Imarat) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से स्वदेशी रूप से किया है।
- प्रलय एक स्वदेशी, ठोस ईंधन (Solid-Fuel) आधारित सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल है, जिसकी अनुमानित परिचालन सीमा 150–500 किलोमीटर है। इसकी क्वासी-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र (Quasi-Ballistic Trajectory) क्षमता इसे उड़ान के दौरान दिशा बदलने में सक्षम बनाती है, जिससे इसका मार्ग कम अनुमानित हो जाता है और इसे रोकना अधिक कठिन होता है।




