📌 केंद्रीय बजट 2026–27 : प्रमुख बिंदु
🔹 राजकोषीय एवं आर्थिक संकेतक
- कुल व्यय: ₹53.47 लाख करोड़
(2025–26 की तुलना में 7.7% वृद्धि) - प्राप्तियाँ (उधारी को छोड़कर): ₹36.51 लाख करोड़
(7.2% की वृद्धि) - नाममात्र GDP वृद्धि अनुमान: 10%
(वास्तविक वृद्धि + महंगाई) - राजकोषीय घाटा लक्ष्य: GDP का 4.3%
(2025–26 में 4.4%) - राजस्व घाटा लक्ष्य: GDP का 1.5%
(2025–26 के समान)
🔹 कराधान एवं सीमा शुल्क
- निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क टैरिफ संरचना का सरलीकरण।
- सीफूड निर्यात इनपुट्स के लिए ड्यूटी-फ्री आयात सीमा को FOB टर्नओवर के 3% तक बढ़ाया गया।
- लिथियम-आयन बैटरी स्टोरेज, सोलर ग्लास और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को कर छूट 2035 तक बढ़ाई गई।
- जिन वस्तुओं का आयात नगण्य है, उन पर दी जा रही छूट को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा ताकि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिले।
🔹 अवसंरचना एवं विकास
- लॉजिस्टिक्स दक्षता के लिए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा।
- पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर जोर जारी, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
- फ्रंटियर सेक्टर्स में विनिर्माण और पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जीवन पर फोकस।
- MSME क्षेत्र को “चैंपियन सेक्टर” के रूप में बढ़ावा।
🔹 सामाजिक एवं कल्याणकारी पहल
- युवा शक्ति-केंद्रित बजट: युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान।
- समावेशी विकास के लिए सामाजिक कल्याण योजनाओं को सुदृढ़ किया गया।
- स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस।




