जन विश्वास विधेयक, 2026 एक बड़ा कानूनी सुधार है जिसे लोकसभा ने 1 अप्रैल, 2026 को पारित किया। इसका उद्देश्य छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाना और उनकी जगह दीवानी दंड (सिविल पेनल्टी) लागू करना है। जितिन प्रसाद द्वारा पेश किए गए इस विधेयक के तहत 23 मंत्रालयों से जुड़े 79 केंद्रीय कानूनों में संशोधन किया गया है।
संशोधित किए गए 784 प्रावधानों में से 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया है, जिससे छोटे, तकनीकी और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए जेल की सज़ा खत्म हो गई है।
- छोटे अपराधों के लिए अब जेल की सज़ा के बजाय जुर्माना, दंड या चेतावनी दी जाएगी।
- पुराने और अप्रासंगिक प्रावधानों (उदाहरण के लिए, पशु अतिचार अधिनियम, 1871 के तहत) को तर्कसंगत बनाया गया है।
- इसका मुख्य ज़ोर विश्वास-आधारित शासन और अनावश्यक कानूनी बोझ को कम करने पर है।




