जेवर हवाई अड्डे का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर रखने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अक्टूबर 2026 को मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इस निर्णय की घोषणा की।

✈️ नाम परिवर्तन की मुख्य बातें

  • निर्णय की तिथि: 9 अक्टूबर 2026
  • नया नाम: नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर
  • घोषणा किसने की: मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने।
  • कानूनी प्रक्रिया:
    • राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया।
    • समीक्षा के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा गया।
    • गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) आवश्यक है।
    • केंद्रीय मंत्रिमंडल से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भारत के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचना जारी की जाएगी।

🏗️ जेवर (नोएडा) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बारे में

  • स्थान: जेवर, गौतम बुद्ध नगर जिला, दिल्ली के IGI हवाई अड्डे से लगभग 72 किलोमीटर दूर।
  • उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को पहले चरण का उद्घाटन किया। व्यावसायिक उड़ानें जून 2026 में शुरू हुईं।
  • निवेश: पहले चरण के लिए लगभग ₹11,200 करोड़।
  • क्षमता:
    • वर्तमान क्षमता: प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्री।
    • भविष्य की क्षमता: कई रनवे के विस्तार के साथ वर्ष 2050 तक प्रतिवर्ष 7 करोड़ यात्री।
  • विकासकर्ता: यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सहायक कंपनी है। परियोजना का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया जा रहा है।
  • सुविधाएँ: 3,900 मीटर लंबा रनवे, बड़े आकार के विमानों को संभालने की सुविधा और स्विस इंजीनियरिंग तथा भारतीय डिजाइन पर आधारित आधुनिक टर्मिनल।
  • उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा: यह लखनऊ और वाराणसी के हवाई अड्डों से बड़ा होगा।
  • NCR का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: दिल्ली के IGI हवाई अड्डे के बाद यह क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, जिससे भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।
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