ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12–13 सितंबर 2026) में नई दिल्ली में सर्वसम्मति से अपनाया गया। यह 140 बिंदुओं वाला दस्तावेज़ है, जिसका शीर्षक “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है। इसमें आतंकवाद, वैश्विक शासन सुधार, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी और संघर्ष समाधान जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
📌 नई दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 की प्रमुख बातें
1. वैश्विक शासन एवं बहुपक्षवाद
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), IMF और विश्व बैंक में सुधारों की मांग की गई, ताकि ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व मिल सके।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान व्यवस्था को “विशेषाधिकारों का पिरामिड” बताया, जिसे “साझेदारी के मंच” में बदलने की आवश्यकता है।
2. आतंकवाद एवं सुरक्षा
- पहलगाम आतंकवादी हमले की “कड़े से कड़े शब्दों में” निंदा की गई।
- आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति दोहराई गई, दोहरे मानदंडों को खारिज किया गया और आतंकवाद के प्रायोजकों की जवाबदेही पर जोर दिया गया।
- विशेष रूप से युवाओं के बीच चरमपंथ और कट्टरपंथ के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
3. संघर्ष एवं शांति
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और संयम बरतने का आह्वान किया गया।
- फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान (Two-State Solution) का आह्वान किया गया तथा संघर्ष क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया गया।
4. व्यापार एवं अर्थव्यवस्था
- एकतरफा शुल्क (Unilateral Tariffs) और व्यापार प्रतिबंधों का विरोध किया गया।
- नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सतत ऊर्जा परिवर्तन का समर्थन किया गया।
5. जलवायु एवं स्थिरता
- नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और जलवायु वित्त पर जोर दिया गया।
- जैव विविधता संरक्षण के लिए “बिग कैट्स एलायंस (Big Cats Alliance)” जैसी पहलों का समर्थन किया गया।
6. प्रौद्योगिकी एवं नवाचार
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक और सीमा-पार भुगतान प्रणालियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, जिसमें UPI–Pix एकीकरण भी शामिल है।
- भविष्य की प्रौद्योगिकियों और उनके नियम-निर्माण में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी पर जोर दिया गया।
7. परमाणु सुरक्षा
- IAEA सुरक्षा उपायों के अंतर्गत आने वाली नागरिक परमाणु सुविधाओं पर हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
- सशस्त्र संघर्षों के दौरान परमाणु सुरक्षा और संरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।
🌍 सदस्यता से संबंधित जानकारी
- पूर्ण सदस्य (11): ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।
- साझेदार देश (10)




