25 मार्च 2026 को, वित्त विधेयक 2026 लोकसभा में 32 संशोधनों के साथ पारित किया गया।
यह एक मनी बिल है, जो केंद्रीय बजट 2026–27 को कानूनी प्रभाव प्रदान करता है।
अब यह विधेयक राज्यसभा में जाएगा, जो केवल सुझाव दे सकती है, जिसके बाद यह वित्त अधिनियम बन जाता है।
📖 वित्त विधेयक क्या है?
• केंद्रीय बजट के साथ प्रस्तुत किया जाने वाला वार्षिक मनी बिल।
• कराधान और व्यय प्रस्तावों को कानूनी आधार प्रदान करता है।
• प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों तथा कर कानूनों में संशोधनों को शामिल करता है।
🔑 मुख्य विशेषताएँ
• बजट आकार: ₹53.47 लाख करोड़
• पूंजीगत व्यय: ₹12.2 लाख करोड़
• राजकोषीय घाटा लक्ष्य: GDP का 4.3%
• फोकस क्षेत्र:
– एमएसएमई, किसान, सहकारी संस्थाएँ
– डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्र
– रोजगार सृजन और समावेशी विकास
• कोई बड़ा नया कर नहीं; विश्वास-आधारित कर प्रणाली को बढ़ावा
⚖️ संवैधानिक विशेषताएँ
• अनुच्छेद 110 के तहत मनी बिल के रूप में परिभाषित।
• केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
• राज्यसभा संशोधन या अस्वीकृति नहीं कर सकती, केवल सिफारिश कर सकती है।
• 75 दिनों के भीतर पारित होना आवश्यक।
• कर संग्रह और सरकारी खर्च के लिए आवश्यक।




