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केंद्र ने सांसदों के वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी, अप्रैल 2023 से प्रभावी

केंद्र ने आधिकारिक तौर पर संसद सदस्यों (सांसदों) के वेतन, भत्ते और पेंशन में महत्वपूर्ण संशोधन की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगा। संसदीय कार्य मंत्रालय ने 24 मार्च, 2025 को एक राजपत्र अधिसूचना जारी की, जिसमें परिवर्तनों की पुष्टि की गई।
संशोधन की मुख्य विशेषताएं:

  • मासिक वेतन: ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.24 लाख किया गया।
  • दैनिक भत्ता: ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 किया गया।
  • पूर्व सांसदों के लिए पेंशन: ₹25,000 से संशोधित करके ₹31,000 प्रति माह किया गया, साथ ही पांच साल से अधिक सेवा के लिए अतिरिक्त पेंशन ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रति वर्ष की गई।

यह व्यापक समायोजन सुनिश्चित करता है कि सांसदों का मुआवज़ा मुद्रास्फीति के साथ तालमेल बनाए रखे और उनके विधायी कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से समर्थन करे। सांसदों को निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित कार्य, कार्यालय रखरखाव और अन्य सुविधाओं जैसे कि मुफ्त उड़ान, ट्रेन यात्रा और आवास के लिए बढ़े हुए भत्ते भी मिलते हैं।

पिछला संशोधन 2018 में हुआ था, जिससे यह बढ़ती जीवन लागत और आर्थिक बदलावों को संबोधित करने के लिए एक समय पर अद्यतन हो गया।

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    सहयोग के प्रमुख क्षेत्र (Key Areas of Collaboration)

    क्षेत्रसमझौता ज्ञापनों (MoUs) का विवरण
    कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षाडिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा हेतु संयुक्त अनुसंधान, नवाचार केंद्रों की स्थापना तथा साइबर सुरक्षा ढांचे
    कृषिजल-कुशल खेती, सटीक कृषि (Precision Agriculture) और मरुस्थलीय कृषि तकनीकों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण
    फिनटेक एवं डिजिटल भुगतानसीमा-पार लेनदेन को सुगम बनाने के लिए UPI लिंकिंग समझौता एवं वित्तीय सहयोग
    शिक्षा एवं अनुसंधानछात्र-शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अकादमिक अनुसंधान और छात्रवृत्तियाँ
    रक्षा एवं प्रौद्योगिकीउन्नत हथियार प्रणालियों के सह-विकास और निर्माण हेतु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से जुड़े समझौते
    व्यापार एवं वाणिज्यद्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम, बाजार पहुंच और निवेश अवसरों का विस्तार
    समुद्री विरासत एवं नवाचारसमुद्री पुरातत्व, विरासत संरक्षण और नवाचार आधारित परियोजनाओं में सहयोग

    रणनीतिक महत्व (Strategic Significance)

    • रक्षा सहयोग: संयुक्त हथियार विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से भारत के रक्षा आधुनिकीकरण को मजबूती
    • आर्थिक विकास: व्यापार समझौता और फिनटेक सहयोग से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा
    • नवाचार साझेदारी: AI, साइबर सुरक्षा और शिक्षा में सहयोग से तकनीकी नेतृत्व की साझा दृष्टि
    • कृषि स्थिरता: मरुस्थलीय कृषि और जल प्रबंधन में इज़राइल की विशेषज्ञता से भारत की खाद्य सुरक्षा को समर्थन

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    आध्यात्मिक महत्व

    • यह महर्षि वेद व्यास की जयंती है, जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत की रचना की।
    • बौद्ध इसे उस दिन के रूप में मनाते हैं जब भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था।
    • जैन इसे उस दिन के रूप में मनाते हैं जब भगवान महावीर ने गौतम स्वामी को अपना पहला शिष्य नियुक्त किया था।
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    AH-64E अपाचे एडवांस्ड सेंसर, रात में लड़ने की क्षमता, हेलफायर मिसाइल, रॉकेट और 30mm चेन गन से लैस है, जो इसे सटीक हमलों, टोही, रेगिस्तानी युद्ध और सीमा अभियानों के लिए आदर्श बनाता है। यह शामिल होना भारत की स्ट्राइक क्षमता और युद्ध की तैयारी को, खासकर पश्चिमी सीमाओं पर, काफी बढ़ाता है, और भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी के मजबूत होने को दिखाता है।

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    • निसार, सूक्ष्म सतही परिवर्तनों पर नज़र रखने के लिए दोहरी आवृत्ति (L-बैंड और S-बैंड) का उपयोग करने वाला पहला रडार उपग्रह है।
    • 747 किलोमीटर की सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित, यह हर 12 दिनों में पृथ्वी का मानचित्रण करेगा।
    • यह जलवायु परिवर्तन, आपदाओं, ग्लेशियरों के पीछे हटने आदि पर नज़र रखने में मदद करता है।
    • यह मिशन अमेरिका-भारत अंतरिक्ष सहयोग में एक मील का पत्थर है।
    • डेटा दुनिया भर में स्वतंत्र रूप से उपलब्ध होगा; अपेक्षित मिशन जीवन 5 वर्ष है।
    • यह भारत की बढ़ती अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं, जैसे गगनयान और 2035 तक एक अंतरिक्ष स्टेशन, का समर्थन करता है।