राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस हर साल 24 अप्रैल को 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के लागू होने की याद में मनाया जाता है। यह अधिनियम 24 अप्रैल 1993 को लागू हुआ था और इसने पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया था।
2026 की थीम, “सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास”, समग्र ग्रामीण विकास हासिल करने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) तथा ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न में योगदान देने में सशक्त स्थानीय शासन की भूमिका पर ज़ोर देती है।
इस संशोधन ने एक त्रि-स्तरीय प्रणाली स्थापित की—ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और ज़िला परिषद। इसमें लोकतांत्रिक कामकाज और वित्तीय विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण (महिलाओं के लिए 33% सहित), 5 वर्ष का कार्यकाल, और राज्य चुनाव तथा वित्त आयोगों के गठन के प्रावधान शामिल थे।



