उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 15 जून 2026 को नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में “अगथियार – द यूनिफायर” (Agatthiyar – The Unifier) किताब जारी की। इस किताब को ‘कलईमगल’ (Kalaimagal) मैगज़ीन ने प्रकाशित किया है, जो 95 साल से ज़्यादा पुरानी और मशहूर तमिल साहित्यिक पत्रिका है।
यह किताब ऋषि अगथियार (अगस्त्य) के जीवन और उनके योगदान के साथ-साथ पूरे भारत में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालती है। इसमें अगथियार को उत्तर और दक्षिण भारत की परंपराओं के बीच एक सेतु (कड़ी) के रूप में दिखाया गया है और भारत की सदियों पुरानी सभ्यतागत एकता पर ज़ोर दिया गया है।
ऋषि अगथियार का तमिलनाडु की पोथिगई पहाड़ियों और कावेरी नदी से गहरा संबंध है। तमिलनाडु में उन्हें समर्पित 100 से ज़्यादा ‘अगथीश्वरर’ मंदिर हैं, जबकि ऐसे ही मंदिर काशी (वाराणसी) में भी देखे जा सकते हैं।




