26वां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित किया गया, जो SCO की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक था। यह शिखर सम्मेलन ‘बिश्केक घोषणापत्र’ को अपनाने के साथ संपन्न हुआ।
🔑 मुख्य बिंदु
- थीम: “SCO के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि के लिए एकजुट”
- सदस्य: 10 देश, जिनमें भारत, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं।
- आतंकवाद-रोधी: सदस्यों ने टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए धन जुटाने), भर्ती, कट्टरपंथ और आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया। पीएम मोदी ने जोर दिया कि आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।
- साइबर सुरक्षा: 2026–2028 के लिए अंतर्राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा सहयोग योजना को अपनाया गया।
- नशीले पदार्थों के खिलाफ: 2030 तक नशीली दवाओं की लत और सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ सहयोग कार्यक्रम; एक SCO एंटी-नारकोटिक्स सेंटर का प्रस्ताव/स्थापना भी की गई।
- ग्रीन टेक्नोलॉजी: ग्रीन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर (2026–2030) के लिए रोडमैप।
- जैव विविधता: 2026–2031 के दौरान जैव विविधता संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए सहयोग पहल।
- कनेक्टिविटी: परिवहन और लॉजिस्टिक्स केंद्रों (2026–2030) के विकास के लिए कार्य योजना।
- पश्चिम एशिया और ईरान: घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में संघर्ष, जिसमें ईरान और फिलिस्तीन से जुड़ी स्थिति शामिल है, और एकतरफा प्रतिबंधों के विरोध पर बात की गई।
- भारत का फोकस: भारत ने आतंकवाद-रोधी प्रयासों, मध्य एशिया के साथ मजबूत कनेक्टिविटी और SCO के भीतर बेहतर संस्थागत सहयोग पर जोर दिया।




