चीन के चांग-ए-7 मिशन को चंद्रमा पर पानी की खोज में बड़ी कामयाबी मिली है।
8 जून 2026 को, चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) ने अपने चांग-ई-7 मिशन के ज़रिए चंद्रमा की खोज में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने की घोषणा की। इस मिशन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव वाले इलाके से पानी के अणुओं को निकालने और उनका विश्लेषण करने में सफलता हासिल की, जो चंद्रमा के संसाधनों के इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम है।
चांग-ई-7 मिशन का मकसद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास, शैकलटन क्रेटर समेत उन गड्ढों (क्रेटर) में पानी की बर्फ का सीधे पता लगाना और उनकी मैपिंग करना है जहाँ हमेशा छाया रहती है। इस मिशन में एक ऑर्बिटर, लैंडर, रोवर, रिले सैटेलाइट और एक उड़ने वाला मिनी-प्रोब (हॉपर) शामिल है, जिसे उन गहरे गड्ढों की खोज के लिए बनाया गया है जहाँ कभी सूरज की रोशनी नहीं पहुँचती।
यह खोज इसलिए अहम है क्योंकि चंद्रमा पर मिला पानी भविष्य के मानव मिशनों के लिए पीने का पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन मुहैया कराकर मदद कर सकता है। साथ ही, 2030 के दशक में चीन की ओर से ‘इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन’ बनाने की योजना में भी इसकी अहम भूमिका होने की उम्मीद है।



























