करेंट अफेयर्स

पुलिस स्मृति दिवस – 21 अक्टूबर 2026

पूरे भारत में 21 अक्टूबर 2026 को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ (Police Commemoration Day) मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिसकर्मियों को सम्मान देने के लिए है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

यह दिन 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों द्वारा किए गए हमले में शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों के बलिदान की याद दिलाता है। 21 अक्टूबर को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय जनवरी 1960 में पुलिस महानिरीक्षकों (Inspectors General of Police) के सम्मेलन में लिया गया था।

2026 में एक विशेष पहल: अमित शाह “नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई” (Fight Against Drugs) विषय पर एक राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और अन्य केंद्रीय पुलिस संगठनों के पुलिसकर्मी हिस्सा लेंगे। ये सभी प्रतिभागी गुजरात के एकता नगर जाएंगे, जहाँ वे 31 अक्टूबर 2026 को ‘एकता परेड’ में शामिल होंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा (20-21 अक्टूबर 2026)

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए 20–21 अक्टूबर 2026 को भारत का दौरा किया।

  • एस. जयशंकर के साथ बैठक: भारत-अमेरिका रणनीतिक रोडमैप की समीक्षा की और द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को शीघ्र अंतिम रूप देने पर चर्चा की।
  • 26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि: मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • फ्रीडम 250 समारोह: अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया और भारत-अमेरिका संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला।
  • ऊर्जा सहयोग: गुजरात स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी का दौरा किया और वेनेजुएला के कच्चे तेल सहित ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
  • व्यापार और शुल्क (टैरिफ): प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बेहद करीब बताया और यूक्रेन में रूस के युद्ध से संबंधित अमेरिकी नीतियों के तहत लगाए गए शुल्कों पर चर्चा की।
  • रणनीतिक सहयोग: दोनों देशों ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा में सहयोग पर जोर दिया।

भारत-ऑस्ट्रेलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ केरल में शुरू हुआ

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2026 (AUSTRAHIND 2026) का पाँचवाँ संस्करण 19 अक्टूबर 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड (Foreign Training Node) में शुरू हुआ। इस अभ्यास में भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई सेना के लगभग 120-120 सैनिक भाग ले रहे हैं। यह अभ्यास 1 नवंबर 2026 तक चलेगा।

  • भाग लेने वाले देश: भारत और ऑस्ट्रेलिया।
  • भारतीय सेना का दल: गढ़वाल राइफल्स तथा अन्य सैन्य शाखाओं और सेवाओं के सैनिक।
  • ऑस्ट्रेलियाई सेना का दल: 13वीं ब्रिगेड के सैनिक।
  • पहली बार भागीदारी: न्यूज़ीलैंड के पर्यवेक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस अभ्यास में शामिल हुआ है।
  • विषय (थीम): “संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के अध्याय VII के अंतर्गत द्वीपीय और तटीय क्षेत्रों में संयुक्त उप-पारंपरिक सैन्य अभियान।”
  • मुख्य उद्देश्य: दोनों देशों की सेनाओं के बीच पारस्परिक कार्यक्षमता, संयुक्त संचालन क्षमता और परिचालन समन्वय को बढ़ाना।
  • प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्र: संयुक्त योजना निर्माण, सामरिक अभ्यास, युद्ध प्रशिक्षण, निगरानी एवं टोही, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान।
  • पिछला संस्करण: चौथा संस्करण 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित इरविन बैरक (Irwin Barracks) में आयोजित किया गया था।

इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सैन्य सहयोग, आपसी विश्वास और समन्वय को मजबूत करना है। विशेष रूप से द्वीपीय और तटीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता विकसित करना तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देना इसका प्रमुख लक्ष्य है।

विजयादशमी (दशहरा)- 20 अक्टूबर 2026

विजयादशमी, जिसे लोकप्रिय रूप से दशहरा कहा जाता है, 20 अक्टूबर 2026 को पूरे भारत में मनाई जा रही है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इसे आश्विन मास (सितंबर–अक्टूबर) के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि को मनाया जाता है।

ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व

रामायण से संबंध: दशहरा भगवान श्रीराम की राक्षसों के राजा रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। यह धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है।

दुर्गा पूजा से संबंध: पूर्वी भारत में विजयादशमी देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

नाम का अर्थ: विजय का अर्थ है जीत और दशमी का अर्थ है दसवाँ दिन।

फ्रांस विरोध-प्रदर्शन 2026: कारण और मुख्य तथ्य

फ्रांस में पिछले कई दशकों के सबसे बड़े सामाजिक आंदोलनों में से एक देखने को मिल रहा है। इसकी शुरुआत विद्यालयों की खराब स्थिति को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से हुई, जो अब बढ़ती जीवन-यापन लागत और आर्थिक असमानता के खिलाफ व्यापक जनाक्रोश से जुड़ गए हैं। ये प्रदर्शन पूरे देश में अशांति में बदल गए हैं, जिसके दौरान सैकड़ों विद्यालयों में नाकेबंदी की गई, हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं।

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख कारण

शिक्षा संकट:

  • शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की कमी।
  • कक्षाओं में अत्यधिक भीड़ और थका देने वाली समय-सारिणी।
  • विद्यालयों की जर्जर इमारतें, खराब वेंटिलेशन और असुरक्षित बुनियादी ढाँचा।
  • Parcoursup विश्वविद्यालय प्रवेश प्रणाली के प्रति नाराजगी, जिसे अनुचित रूप से अधिक चयनात्मक माना जाता है।

व्यापक सामाजिक असंतोष:

  • जीवन-यापन की बढ़ती लागत और आर्थिक असमानता।
  • सार्वजनिक सेवाओं में कटौती और सरकार की निष्क्रियता को लेकर निराशा।
  • वर्ष 2018 के ‘येलो वेस्ट’ (Yellow Vest) विरोध प्रदर्शनों से जुड़ाव, जो अब छात्रों की भागीदारी के साथ फिर से उभरे हैं।

आंदोलन का विस्तार

  • शुरुआत: 18 सितंबर 2026 को पेरिस के उपनगर क्रेतेई (Créteil) में।
  • अक्टूबर की शुरुआत तक: पूरे देश में 1,800 से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नाकेबंदी की गई।
  • विश्वविद्यालयों की भागीदारी: लगभग 90% विश्वविद्यालय विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए।
  • 6 अक्टूबर: पूरे फ्रांस में 2,50,000 से 4,50,000 लोगों ने प्रदर्शन किया।
  • अक्टूबर के मध्य तक: प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर 5,50,000 तक पहुँच गई। आंदोलन पेरिस, मार्सिले, लियोन, लिले, बोर्डो और स्ट्रासबर्ग जैसे प्रमुख शहरों तक फैल गया।
  • बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ: 6,800 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से अधिकांश नाबालिग बताए गए।
  • पुलिस के साथ झड़पें: आँसू गैस, दंगा नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और स्टन ग्रेनेड का प्रयोग किया गया। एक किशोर पुलिस का ग्रेनेड उठाने के बाद अपना हाथ खो बैठा।

ऐची-नागोया में एशियन पैरा गेम्स 2026 की शुरुआत

जापान के सम्राट नारुहितो ने 18 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया के नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में एशियाई पैरा खेलों के पाँचवें संस्करण का आधिकारिक उद्घाटन किया।

– इस महाद्वीपीय बहु-खेल प्रतियोगिता में एशिया के सभी 45 देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इन खेलों का आधिकारिक आदर्श वाक्य ‘Imagine One Heart’ (एक दिल की कल्पना करें) है। यह प्रतियोगिता 24 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।

– भारतीय दल में कुल 281 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 168 खिलाड़ी (112 पुरुष और 56 महिलाएँ) हैं। ये खिलाड़ी 11 खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। पैरा-बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा ने भारत के ध्वजवाहक के रूप में प्रतिनिधित्व किया।

– भारतीय दल की औपचारिक पोशाक में गहरे नीले रंग के ब्लेज़र शामिल थे, जिन पर सिंधु घाटी सभ्यता से प्रेरित सुनहरे रंग की आकृतियाँ बनी थीं। इनमें पुरोहित-राजा की मूर्ति (Priest-King Sculpture), नृत्य करती लड़की की मूर्ति (Dancing Girl Figurine) और प्राचीन मुहरें शामिल थीं।

भारतीय नौसेना में पहला बहुउद्देश्यीय पोत, आईएनएस समर्थाक शामिल किया गया

भारतीय नौसेना के पोत INS समर्थक को 16 अक्टूबर, 2026 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। यह बहुउद्देशीय पोतों (MPVs) की अपनी श्रेणी का पहला पोत है। इसे नौसेना में शामिल करने के समारोह की अध्यक्षता भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने की।

  • निर्माता: लार्सन एंड टुब्रो (L&T) शिपयार्ड।
  • महत्व: किसी भारतीय निजी शिपयार्ड द्वारा निर्मित पहला प्रमुख युद्धपोत।
  • स्वदेशी सामग्री: 75% से अधिक।
  • प्रमुख भूमिका: भारतीय उद्योग द्वारा विकसित स्वदेशी सेंसरों और हथियारों का परीक्षण एवं मूल्यांकन करना।
  • अन्य क्षमताएँ: समुद्री निगरानी, टोही, अपतटीय गश्त तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान।
  • प्रमुख विशेषता: निर्माण की दक्षता बढ़ाने के लिए मॉड्यूलर निर्माण और पूर्व-उपकरण स्थापना वाली बहुउपयोगी डिजाइन।
  • महत्व: यह भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण और रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करता है। साथ ही, आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को समर्थन देता है और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने में योगदान देता है।

जनगणना (संशोधन) नियम 2026: जनगणना प्रगणकों के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया

गृह मंत्रालय ने 16 अक्टूबर, 2026 को जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए। इन नियमों के तहत जनगणना प्रगणकों की नियुक्ति के लिए पात्रता मानदंडों का विस्तार किया गया है, ताकि जनगणना कार्यों के लिए अधिक संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

  • पात्र उम्मीदवार: सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक; सरकारी अधिकारी और लिपिक; स्थानीय प्राधिकरणों के कर्मचारी; तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), बैंकों, वैधानिक निकायों, कंपनियों, सोसायटियों और ट्रस्टों के कर्मचारी।
  • अतिरिक्त प्रावधान: राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को किसी अन्य उपयुक्त व्यक्ति को जनगणना प्रगणक के रूप में नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है।
  • प्रगणकों की भूमिका: घर-घर जाकर जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक आँकड़े एकत्र करना तथा जनसंख्या की सटीक गणना सुनिश्चित करना।
  • कानूनी ढाँचा: जनगणना अधिनियम, 1948।
  • जनगणना की आवृत्ति: प्रत्येक 10 वर्ष में एक बार।
  • पिछली जनगणना: वर्ष 2011 में हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित कर दी गई थी।

1 नवंबर 2026 से कॉलर नेम डिस्प्ले (CNAP) सेवा

दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 1 नवंबर, 2026 से पूरे भारत में कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है।

  • उद्देश्य: प्राप्तकर्ता के फोन पर कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम उसके मोबाइल नंबर के साथ दिखाना।
  • नाम का स्रोत: कॉल करने वाले व्यक्ति के दूरसंचार सेवा प्रदाता का ग्राहक डेटाबेस।
  • अंतरराष्ट्रीय कॉल: जिन अंतरराष्ट्रीय नंबरों को फोन में सेव नहीं किया गया है, उनके लिए स्क्रीन पर “International Call” (अंतरराष्ट्रीय कॉल) दिखाई देगा।
  • उपलब्धता: यह सेवा सभी उपयोगकर्ताओं को स्वतः उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए अलग से अनुरोध करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • तकनीक: 4G और उससे अधिक पीढ़ी के स्थलीय वायरलेस नेटवर्क पर इस सेवा का परीक्षण किया जा चुका है।
  • भविष्य में विस्तार: 2G और 3G नेटवर्क तथा सार्वजनिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क (लैंडलाइन नेटवर्क) के लिए CNAP सेवा लागू करने पर अलग से विचार किया जाएगा।

दो नए आर्द्रभूमियों के जुड़ने से भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 103 हो गई है।

15 अक्टूबर, 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने चंडीगढ़ की सुखना आर्द्रभूमि और उत्तर प्रदेश की सौज झील को रामसर स्थलों की सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 103 हो गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • नए रामसर स्थल: सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश)।
  • सुखना आर्द्रभूमि: यह शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। यहाँ स्थानीय और प्रवासी जलपक्षियों को आवास मिलता है। इनमें संकटग्रस्त श्रेणी के निकट माने जाने वाले कॉमन पोचार्ड पक्षी भी शामिल हैं।
  • सौज झील: यह समान पक्षी अभयारण्य के निकट गंगा के बाढ़ क्षेत्र में स्थित है। यहाँ नियमित रूप से 30,000 से अधिक जलपक्षी पाए जाते हैं, जिनमें संकटग्रस्त श्रेणी के निकट माने जाने वाला सारस भी शामिल है।
  • अंतरराष्ट्रीय समझौता: आर्द्रभूमियों पर रामसर कन्वेंशन पर वर्ष 1971 में हस्ताक्षर किए गए थे। भारत वर्ष 1982 में इसका सदस्य बना।
  • नीतिगत पहल: केंद्रीय बजट 2023–24 में घोषित अमृत धरोहर योजना आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग को बढ़ावा देती है।
  • महत्व: इन स्थलों को शामिल करने से जैव विविधता संरक्षण, प्रवासी पक्षियों के आवास, जल सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन और स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूती मिलती है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया

14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026–27 से 2030–31 तक पाँच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए कुल ₹53,428 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है। इसके साथ ही पात्रता मानदंडों में संशोधन और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन सहायता का प्रावधान किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • नया नाम: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) → प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना।
  • अवधि: 2026–27 से 2030–31 तक (पाँच वर्ष)।
  • कुल बजट: ₹53,428 करोड़।
  • लाभार्थी: सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लोग।
  • दिव्यांगता पेंशन सहायता:
    • 79 वर्ष की आयु तक: ₹375।
    • 80 वर्ष और उससे अधिक आयु: ₹625।
  • मानक दिव्यांगता का मानदंड: 80% से घटाकर 40% किया गया।
  • दिव्यांगता पेंशन के लिए न्यूनतम आयु: जन्म से।
  • कार्यान्वयन: दिव्यांगता पेंशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और तीन महीने के भीतर लागू किए जाएंगे।
  • वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएँ तथा पारिवारिक लाभ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।

योजनाओं के नए नाम

मौजूदा योजनानया नाम
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनाप्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजनाप्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजनाप्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजनाप्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

कैबिनेट ने IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी फेयरफैक्स को ₹52,878 करोड़ में बेचने की मंजूरी दी।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने कनाडा स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड (Fairfax Financial Holdings Ltd.) को IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी लगभग ₹52,878.08 करोड़ में बेचने के लिए रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी। यह सौदा पूरा होने के बाद भारत के वित्तीय क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) होगा।

प्रमुख बिंदु:

  • रणनीतिक खरीदार: फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड (कनाडा)।
  • कुल बेची जाने वाली हिस्सेदारी: 60.72% — भारत सरकार (30.48%) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) (30.24%) की हिस्सेदारी।
  • बिक्री मूल्य: ₹81 प्रति शेयर, जो ₹75.99 प्रति शेयर के निर्धारित मूल्यांकन से अधिक है।
  • सरकार की शेष हिस्सेदारी: 15%।
  • LIC की शेष हिस्सेदारी: 19%।
  • विनिवेश प्रक्रिया: यह बिक्री सरकारी समितियों की निगरानी में दो चरणों वाली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से की गई।
  • पृष्ठभूमि: गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) और घाटे के कारण RBI ने 5 मई, 2017 को IDBI बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) ढाँचे के अंतर्गत रखा था। बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के बाद 10 मार्च, 2021 को प्रतिबंध हटा दिए गए।
  • आगे का विनिवेश: CCEA ने निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत खुले बाजार के माध्यम से सरकार की शेष 15% हिस्सेदारी बेचने को भी मंजूरी दी।

MDR लागू करने में देरी; दिवाली के बाद लागू होगा

MDR लागू करने का निर्णय स्थगित: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का निर्णय त्योहारी सीजन (दिवाली) के बाद तक स्थगित कर दिया है। इसे लागू करने की सटीक तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।

देरी का कारण: इस निर्णय का उद्देश्य आगामी त्योहारों की खरीदारी के दौरान डिजिटल लेनदेन में होने वाली संभावित बाधाओं को रोकना है। इस अवधि में डिजिटल खुदरा लेनदेन में काफी वृद्धि होती है।

NPCI के बारे में

भूमिका: NPCI एक प्रमुख संस्था है, जिसकी स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा पूरे भारत में खुदरा भुगतान एवं निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए की गई थी।

प्रमुख उत्पाद: UPI, RuPay, IMPS, NACH, NETC, AePS और e-RUPI।

नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 आयोजित हुआ।

8वां ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। इसमें वैश्विक नेता बदलते भू-राजनीतिक संबंधों, आर्थिक चुनौतियों तथा प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में उभरते अवसरों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं।

  • तिथियाँ: 13–15 अक्टूबर, 2026
  • विषय: “बदलती दुनिया: शक्ति के नए साधनों को परिभाषित करना” (A World in Play: Defining the New Levers of Power)
  • प्रमुख वक्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माइकल आर. ब्लूमबर्ग।
  • प्रतिभागी: सरकार, व्यापार, वित्त और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के 500 से अधिक नेता।
  • प्रमुख विषय: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ, पूँजी प्रवाह और भुगतान प्रणालियाँ।
  • मुख्य केंद्रबिंदु: वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका, रणनीतिक स्वायत्तता, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
  • विशेष अवसर: भारत में ब्लूमबर्ग की उपस्थिति के 30 वर्ष पूरे होना।

राष्ट्रपति मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपाल नियुक्त किए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों—केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम—में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है। 12 अक्टूबर, 2026 को घोषित इन नियुक्तियों को राज्यपालों के नेतृत्व में एक बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। ये नियुक्तियाँ संबंधित व्यक्तियों के अपने पदों का कार्यभार संभालने के बाद प्रभावी होंगी।

राज्यनए राज्यपालपिछली भूमिका / पृष्ठभूमि
केरलओम प्रकाश माथुरसिक्किम के पूर्व राज्यपाल; भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद
तमिलनाडुराजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकरकेरल के पूर्व राज्यपाल; इससे पहले हिमाचल प्रदेश, बिहार और गोवा में भी सेवाएँ दे चुके हैं
ओडिशाब्रज मोहन रामदलित नेता; झारखंड के पलामू से पूर्व सांसद; जमीनी स्तर पर मजबूत राजनीतिक अनुभव
कर्नाटकसुधा यादवहरियाणा के महेंद्रगढ़ से भाजपा की पूर्व सांसद; ओबीसी नेता और भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य
उत्तराखंडढाल सिंह बिसेनमध्य प्रदेश के पूर्व सांसद; आयुर्वेद चिकित्सक और राज्य के पूर्व मंत्री
सिक्किमदुष्यंत गौतमभाजपा नेता; सिक्किम में ओम प्रकाश माथुर का स्थान लेंगे

अमेरिकी अर्थशास्त्री रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को अर्थशास्त्र में 2026 का नोबेल पुरस्कार दिया गया।

अमेरिकी अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई. हॉल (स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय) और माइकल वुडफोर्ड (कोलंबिया विश्वविद्यालय) को व्यापक आर्थिक स्थिरीकरण के सूक्ष्म आर्थिक आधारों पर उनके मौलिक शोध के लिए अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान के लिए 2026 का सेवरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार प्रदान किया गया है।

उनके क्रांतिकारी सैद्धांतिक मॉडलों ने इस समझ को बदल दिया कि केंद्रीय बैंक और सरकारें आर्थिक तेजी और मंदी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए परिवारों और कंपनियों के व्यवहार को कैसे समझ सकती हैं।

मुख्य बिंदु

– मुख्य शोध योगदान: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने परिवारों के उपभोग और व्यावसायिक निर्णयों जैसे व्यक्तिगत विकल्पों को व्यापक आर्थिक स्थिरता से जोड़ने वाले स्थिर व्यापक आर्थिक मॉडल विकसित करने के लिए दोनों अर्थशास्त्रियों को सम्मानित किया।

– नीतिगत प्रभाव: उनके शोध ने आधुनिक मौद्रिक और राजकोषीय नीति ढाँचे के लिए सैद्धांतिक आधार प्रदान किया। इससे नीति-निर्माताओं को अत्यधिक मुद्रास्फीति, आर्थिक मंदी और बाजार की अस्थिरता को कम करने के लिए लक्षित उपाय बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद मिली।

– संस्थागत संबद्धता: रॉबर्ट ई. हॉल स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, जबकि माइकल वुडफोर्ड कोलंबिया विश्वविद्यालय से जुड़े हैं।

– पुरस्कार का विवरण: पुरस्कार विजेता कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर) की पुरस्कार राशि साझा करेंगे।

अगली पीढ़ी के ऑफशोर पेट्रोल वेसल ‘श्रेयस’ (यार्ड 3040) का लॉन्च

अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) ‘श्रेयस’ का जलावतरण 10 अक्टूबर 2026 को कोलकाता स्थित GRSE में किया गया। यह भारत के नौसैनिक जहाज निर्माण और आत्मनिर्भरता की पहलों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

– जलावतरण: उपर्युक्त समारोह में श्रीमती रेयमन कोचर ने वाइस एडमिरल अजय कोचर की उपस्थिति में पोत का जलावतरण किया।

– परियोजना की पृष्ठभूमि: यह 11 जहाजों वाली NGOPV परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और GRSE में जहाज बनाए जा रहे हैं। GRSE इस श्रृंखला के चार पोतों का निर्माण कर रहा है।

– पोत के आयाम: इसकी लंबाई लगभग 113 मीटर, चौड़ाई 14.6 मीटर और विस्थापन लगभग 3,000 टन है।

– प्रदर्शन और परिचालन सीमा: यह अधिकतम 23 नॉट की गति प्राप्त कर सकता है। 14 नॉट की परिभ्रमण गति पर इसकी परिचालन सीमा लगभग 8,500 समुद्री मील है।

– प्रमुख क्षमताएँ: इसे तटीय रक्षा, निगरानी, समुद्री डकैती-रोधी अभियानों, खोज एवं बचाव (SAR) तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सहित विभिन्न समुद्री कार्यों के लिए तैयार किया गया है।

ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच ऊर्जा क्षेत्र में संघर्ष-विराम की घोषणा की।

11 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

– यूक्रेन की प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया, लेकिन बताया कि रूसी ड्रोन और ग्लाइड बमों से ऊर्जा सुविधाओं पर हमले जारी रहे।

– रूस का रुख: मॉस्को ने आधिकारिक रूप से युद्धविराम की पुष्टि नहीं की थी।

– अमेरिका का दबाव: रिपोर्टों के अनुसार, वाशिंगटन ने यूक्रेन को खुफिया जानकारी और हथियारों की सहायता सीमित करने की धमकी दी थी, जब तक कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोक नहीं देता।

– रणनीतिक महत्व: दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया है। रूस ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड पर हमले किए, जबकि यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया।

– राजनीतिक संदर्भ: यह घोषणा रूस से आने वाले डीजल पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद हुई, जिसकी यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने आलोचना की।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर CJP का विरोध प्रदर्शन

10–11 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए दिल्ली और मुंबई में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए।

– बड़े पैमाने पर हिरासत: दिल्ली में 6,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इनमें अभिजीत दिपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और ध्रुव राठी जैसे नेता शामिल थे। मुंबई में भी लगभग 400 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

– दिल्ली में कड़ी सुरक्षा: 35,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया। दिल्ली में व्यापक सुरक्षा प्रतिबंध लगाए गए, जिसके तहत 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, 200 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी गईं और मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवाएँ निलंबित कर दी गईं।

– विपक्ष का समर्थन: राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और पिनराई विजयन सहित कई नेताओं ने प्रदर्शनों में भाग लिया। राहुल गांधी ने सरकार पर लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगाया।

– विरोध प्रदर्शन का कारण: कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और वामपंथी दलों सहित INDIA गठबंधन के दलों ने विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने इसे कथित वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई बताया।

– पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने सभा की अनुमति देने से इनकार कर दिया, फ्लैग मार्च निकाले और छह स्टेडियमों तथा सामुदायिक केंद्रों को अस्थायी हिरासत केंद्रों के रूप में निर्धारित किया। प्रदर्शनकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया।

जेवर हवाई अड्डे का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर रखने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अक्टूबर 2026 को मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इस निर्णय की घोषणा की।

✈️ नाम परिवर्तन की मुख्य बातें

  • निर्णय की तिथि: 9 अक्टूबर 2026
  • नया नाम: नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर
  • घोषणा किसने की: मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने।
  • कानूनी प्रक्रिया:
    • राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया।
    • समीक्षा के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा गया।
    • गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) आवश्यक है।
    • केंद्रीय मंत्रिमंडल से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भारत के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचना जारी की जाएगी।

🏗️ जेवर (नोएडा) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बारे में

  • स्थान: जेवर, गौतम बुद्ध नगर जिला, दिल्ली के IGI हवाई अड्डे से लगभग 72 किलोमीटर दूर।
  • उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को पहले चरण का उद्घाटन किया। व्यावसायिक उड़ानें जून 2026 में शुरू हुईं।
  • निवेश: पहले चरण के लिए लगभग ₹11,200 करोड़।
  • क्षमता:
    • वर्तमान क्षमता: प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्री।
    • भविष्य की क्षमता: कई रनवे के विस्तार के साथ वर्ष 2050 तक प्रतिवर्ष 7 करोड़ यात्री।
  • विकासकर्ता: यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सहायक कंपनी है। परियोजना का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया जा रहा है।
  • सुविधाएँ: 3,900 मीटर लंबा रनवे, बड़े आकार के विमानों को संभालने की सुविधा और स्विस इंजीनियरिंग तथा भारतीय डिजाइन पर आधारित आधुनिक टर्मिनल।
  • उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा: यह लखनऊ और वाराणसी के हवाई अड्डों से बड़ा होगा।
  • NCR का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: दिल्ली के IGI हवाई अड्डे के बाद यह क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, जिससे भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।

नवी पिल्ले ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता।

दक्षिण अफ्रीका की न्यायाधीश नवनेथेम “नवी” पिल्लै (Navanethem “Navi” Pillay), जिनकी उम्र 85 वर्ष है, ने 9 अक्टूबर 2026 को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के लिए 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता। यह घोषणा नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने की।

  • योगदान: उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने, सरकारों और राष्ट्रीय नेताओं को जवाबदेह ठहराने तथा हिंसा और संघर्ष के पीड़ितों का समर्थन करने के लिए काम किया।
  • रंगभेद-विरोधी कार्य: अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का विरोध करने वाले नेल्सन मंडेला और अन्य लोगों का बचाव किया।
  • अंतरराष्ट्रीय भूमिका: उन्होंने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अदालती मामलों में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया और फिलिस्तीनी अधिकृत क्षेत्र पर संयुक्त राष्ट्र के जाँच आयोग की अध्यक्षता की।
  • गाजा रिपोर्ट: आयोग ने 2025 में निष्कर्ष निकाला कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार किया था। इजरायल ने इस रिपोर्ट को “निंदनीय” बताते हुए खारिज कर दिया।
  • पुरस्कार राशि: 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर)।
  • पुरस्कार समारोह: यह पुरस्कार 10 दिसंबर 2026 को नॉर्वे के ओस्लो में प्रदान किया जाना निर्धारित है। यह दिन अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है, जिन्होंने 1895 की अपनी वसीयत के माध्यम से नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की थी।
  • पिछली विजेता: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता था।

57वीं GST काउंसिल बैठक: टैक्सपेयर्स के लिए अहम सुधार

8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित GST परिषद की 57वीं बैठक में व्यापार करने में आसानी बढ़ाने और करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम करने के लिए कई प्रक्रियात्मक सुधारों को मंजूरी दी गई। परिषद ने GST प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

मुख्य निर्णय

  • गिरफ्तारी की शक्तियाँ: वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, कर अधिकारियों की गिरफ्तारी करने की शक्तियाँ समाप्त कर दी गईं।
  • अभियोजन की सीमा: इसे ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया।
  • GST पंजीकरण: GST पंजीकरण में नियमित बदलावों को स्वतः स्वीकार करने की व्यवस्था की गई।
  • रिफंड प्रक्रिया: रिफंड की पावती देने की अवधि 15 दिनों से घटाकर 10 दिन कर दी गई।
  • तेज़ रिफंड: पात्र रिफंड दावों में से 90% का भुगतान तीन कार्यदिवसों के भीतर करने का प्रावधान किया गया।
  • इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC): पात्रता का विस्तार करते हुए दूरसंचार टावरों और नियोक्ता द्वारा प्रदान किए जाने वाले बीमा सहित अतिरिक्त व्यय श्रेणियों को शामिल किया गया।
  • GST दरें: मौजूदा GST दर संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया।

ऐनी कार्सन ने साहित्य का 2026 का नोबेल पुरस्कार जीता।

8 अक्टूबर 2026 को कनाडाई कवयित्री और निबंधकार ऐन कार्सन (Anne Carson) ने शास्त्रीय परंपराओं को समकालीन साहित्य के नए रूपों के साथ जोड़ने वाली अपनी अभिनव साहित्यिक रचनाओं के लिए 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीता।

  • ऐन कार्सन का जन्म कनाडा के टोरंटो शहर में हुआ था।
  • उनकी रचनाएँ प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य से प्रेरित हैं तथा इनमें कविता, निबंध और कथा साहित्य का संयोजन देखने को मिलता है।
  • उनकी प्रमुख पुस्तकों में Eros the Bittersweet, Autobiography of Red, Men in the Off Hours और Norma Jeane Baker of Troy शामिल हैं।
  • उन्होंने प्राचीन यूनानी साहित्य की कई रचनाओं का अनुवाद भी किया है, जिनमें Electra, Antigone और Bakkhai शामिल हैं।
  • 2025 में हंगरी के लेखक लास्लो क्रास्नाहोरकाई (László Krasznahorkai) ने साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीता था।
  • 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार शुक्रवार, 9 अक्टूबर को घोषित किया जाना निर्धारित था, जबकि आर्थिक विज्ञान में नोबेल स्मृति पुरस्कार की घोषणा सोमवार, 12 अक्टूबर को निर्धारित थी।

RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया और कैलिब्रेटेड टाइटनिंग का रुख अपनाया।

7 अक्टूबर 2026 को RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करके इसे 5.50% कर दिया, जो चार वर्षों में पहली रेपो दर वृद्धि थी। बढ़ते मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने के लिए मौद्रिक नीति के रुख को “कैलिब्रेटेड टाइटनिंग (संतुलित सख्ती)” में बदल दिया गया।

मुख्य बिंदु:

  • रेपो दर: 5.25% → 5.50%
  • SDF: 5.25%
  • MSF और बैंक दर: 5.75%
  • CPI मुद्रास्फीति: अगले तीन तिमाहियों में 5.8% रहने का अनुमान।
  • कोर मुद्रास्फीति: वित्त वर्ष 2026–27 में 4.4% रहने की उम्मीद।
  • Q1 वित्त वर्ष 2026–27 GDP वृद्धि: 7.8%
  • मुद्रास्फीति के जोखिमों को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, खाद्य लागत और आपूर्ति-श्रृंखला के दबावों से जोड़ा गया।
  • मजबूत घरेलू खपत, निवेश और सेवा निर्यात ने आर्थिक वृद्धि को समर्थन दिया।
  • वैश्विक जोखिमों में पश्चिम एशिया में तनाव, ऊंची बॉन्ड यील्ड और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता शामिल रहे।

रसायन विज्ञान में 2026 का नोबेल पुरस्कार – हेनरी कागन और केन्सो सोआई

7 अक्टूबर 2026 को फ्रांस के हेनरी कागन और जापान के केन्सो सोआई ने रासायनिक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करके एकल आणविक दर्पण-छवि बनाने का तरीका दिखाने वाली खोजों के लिए 2026 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार जीता।

  • कई अणु दो दर्पण-छवि रूपों में मौजूद होते हैं, बिल्कुल बाएं और दाएं हाथ की तरह। इस गुण को काइरलिटी (Chirality) कहा जाता है।
  • जीवित जीव सामान्यतः इन दोनों में से केवल एक रूप का उपयोग करते हैं। इस घटना को होमो-काइरलिटी (Homochirality) कहा जाता है।
  • उनके कार्य ने रसायन वैज्ञानिकों को ऐसी अभिक्रियाएं विकसित करने में मदद की, जो किसी अणु के एक विशिष्ट दर्पण-छवि रूप को प्राथमिकता देती हैं।
  • यह खोज विशेष रूप से दवा निर्माण (Pharmaceutical Manufacturing) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी दवा का एक रूप वांछित चिकित्सीय प्रभाव दे सकता है, जबकि दूसरा रूप अवांछित या हानिकारक दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है।
  • केन्सो सोआई जापानी हैं, जबकि हेनरी कागन फ्रांसीसी हैं।
  • पुरस्कार विजेताओं को 10 दिसंबर 2026 को स्टॉकहोम में स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ द्वारा उनके पदक प्रदान किए जाएंगे।
  • दोनों विजेता 12 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि साझा करेंगे।

फ्रांसिस हेलज़ेन ने भौतिकी में 2026 का नोबेल पुरस्कार जीता

बेल्जियम-अमेरिकी पार्टिकल फिजिसिस्ट फ्रांसिस हैल्ज़ेन को 6 अक्टूबर 2026 को ‘आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्ज़र्वेटरी’ में उनके अहम योगदान और एस्ट्रोफिजिकल ओरिजिन वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज के लिए 2026 का फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार दिया गया।

यह पुरस्कार ‘रॉयल ​​स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ द्वारा दिया जाता है और इसमें कुल 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर की पुरस्कार राशि मिलती है।

फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार इस क्षेत्र के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है और यह उन खोजों को मान्यता देता है जिन्होंने भौतिक ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को काफी आगे बढ़ाया है।

फिजियोलॉजी या मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार के बाद, 2026 का फिजिक्स नोबेल इस साल घोषित किया गया दूसरा नोबेल पुरस्कार था। नोबेल मेडल 10 दिसंबर 2026 को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे।

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला एयर स्टाफ़ प्रमुख नियुक्त किया गया।

सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 31 अक्टूबर 2026 से प्रभावी रूप से एयर चीफ मार्शल के पद पर नियुक्त करते हुए भारत का 29वां वायुसेना प्रमुख (CAS) नियुक्त किया है। वह एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे, जो उसी दिन सेवानिवृत्त होंगे।

  • एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित वर्तमान में वायुसेना उप प्रमुख (Vice Chief of the Air Staff) के रूप में कार्यरत हैं।
  • उन्हें 1986 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था।
  • उनके पास 3,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर, IL-78, हॉक और तेजस जैसे विमानों पर उड़ान भरी है।
  • उन्होंने एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
  • उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर सहित विभिन्न अभियानों में भाग लिया है।
  • उन्हें वायु सेना पदक (2006), विशिष्ट सेवा पदक (2011), अति विशिष्ट सेवा पदक (2023) और परम विशिष्ट सेवा पदक (2026) से सम्मानित किया जा चुका है।

भारत और स्विट्जरलैंड ने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

5 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन के बीच वार्ता के बाद नई दिल्ली में भारत और स्विट्जरलैंड ने पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

  • इन समझौतों में प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी, युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान तथा परिवहन प्रौद्योगिकियों, गतिशीलता प्रणालियों और बुनियादी ढांचे में सहयोग शामिल है।
  • भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन के बीच एक आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • एक अन्य समझौता नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता में सहयोग पर केंद्रित है।
  • भारत ने भारत–EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) को प्रमुखता से रेखांकित किया। इसके तहत भारत का लक्ष्य 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है।
  • दोनों देशों ने जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और सतत विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्विस निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा की।
  • रक्षा उत्पादन, सैन्य आदान-प्रदान और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई।
  • स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे और नई दिल्ली में उनका औपचारिक स्वागत किया गया।

चिकित्सा में 2026 का नोबेल पुरस्कार: ऑप्टोजेनेटिक्स के लिए कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल ने जीता

5 अक्टूबर 2026 को कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को प्रकाश-सक्रिय आयन चैनलों (light-gated ion channels) और ऑप्टोजेनेटिक्स से संबंधित उनकी खोजों के लिए 2026 का शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

  • कार्ल डीसेरोथ (अमेरिका), पीटर हेगेमैन (जर्मनी) और जॉर्ज नागेल (जर्मनी) ने 12 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि साझा की।
  • उनके कार्य से ऑप्टोजेनेटिक्स का विकास हुआ, जो एक ऐसी तकनीक है जिसमें प्रकाश का उपयोग करके जीवित मस्तिष्क की व्यक्तिगत तंत्रिका कोशिकाओं की गतिविधि को नियंत्रित किया जाता है।
  • ऑप्टोजेनेटिक्स का उपयोग अब प्रयोगशालाओं में मस्तिष्क के कार्य और तंत्रिका संबंधी प्रक्रियाओं का अध्ययन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
  • चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार पारंपरिक रूप से हर वर्ष होने वाली नोबेल पुरस्कार घोषणाओं की शुरुआत करता है।
  • यह पुरस्कार स्वीडन में स्थित कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • नोबेल पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को आयोजित किए जाते हैं, जो अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है।

आंध्र प्रदेश को 3D कंक्रीट प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से PMAY-G 2.0 के तहत 3 लाख घर मिले।

4 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने PMAY-G 2.0 के तहत आंध्र प्रदेश के लिए ₹3,600 करोड़ की लागत से 3 लाख घरों की पहली किस्त प्रदान की और 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करने वाली पायलट परियोजना की शुरुआत की।

  • PMAY-G 2.0: आंध्र प्रदेश में 3 लाख ग्रामीण घरों के लिए पहली किस्त जारी की गई।
  • प्रारंभिक आवंटन: पहले 76,000 घरों का प्रस्ताव था, जिसे मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुरोध के बाद बढ़ाकर 3 लाख कर दिया गया।
  • 3D कंक्रीट प्रिंटिंग: 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करने वाली भारत की पहली पायलट ग्रामीण आवास परियोजना की आधारशिला रखी गई।
  • परियोजना का स्थान: बुर्रीपालेम और ओबुलनायडुपालेम।
  • परियोजना की लागत: ₹14 करोड़।
  • घर: उन्नत 3D प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके 177 घरों का निर्माण किया जाएगा।
  • पूरा होने की अवधि: परियोजना के 6 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
  • लाभ: इस तकनीक से निर्माण समय, लागत और श्रम की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे अधिक टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले घर बनाए जा सकेंगे।
  • ग्रामीण बुनियादी ढांचा: केंद्र सरकार Vikasit Bharat-G RAM G योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, नालियों और पेयजल सुविधाओं के लिए भी सहायता प्रदान करेगी।
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